अनूपपुर 19 जून 24*6 घंटे से लापता हाथियों को सुरक्षाश्रमिकों ने खोज निकला,देर रात दो मकान में की तोड़फोड़,बाल-बाल बचे दो बच्चे, डीएफओ ने किया स्थल का निरीक्षण दिए निर्देश
अनूपपुर (ब्यूरो राजेश शिवहरे)19/जून/जिले के जैतहरी,अनूपपुर तहसील अंतर्गत बैहार,ठेही,गौरेला,केकरपानी से बुधवार की सुबह 4 दिनों से निरंतर विचरण कर रहे दो नर हाथी ग्राम पंचायत पगना के बांका की बांस प्लांटेशन में विश्राम कर रहे हैं जिसे रात 12 के बाद से लापता होने पर वन विभाग के अंशकालीन सुरक्षाश्रमिकों ने बुधवार की सुबह खोज निकाला मंगलवार एवं बुधवार की मध्यरात्रि दोनों नर हाथी ग्राम पंचायत बैहार के दुखवाटोला के समीप वन परिक्षेत्र अनूपपुर के औढेरा बीट अंतर्गत पी,एफ,363 नागपानी में मंगलवार को पूरा दिन व्यतीत करने बाद देर शाम डालाडीह की सीमा से लगे जंगल में विचरण करते हुए ग्राम पंचायत गौरेला के ठेहीं ग्राम में स्थित आरदा नामक धार्मिक स्थल पर पहुंचकर स्थल के समीप निवासरत जयलाल पिता सुमेर सिंह के कच्चे मकान की दीवार अचानक पहुंचकर छोड़ दी इस दौरान हाथियों को ग्रामीणों द्वारा वन विभाग की उपस्थिति में भगाए जाने पर ठेही गांव के ही निवासी सरदार नायक पिता कवंर नायक के मकान को तोड़कर बुरी तरह क्षतिग्रस्त करते हुए मकान के अंदर रखे विभिन्न तरह के अनाजों को अपना आहार बनाया मकान की दीवार तोड़ने से दीवाल का मालवा घर के अंदर की ओर गिरा जहां दो नावालिक बच्चे फंसे हुए थे वे बाल-बाल बच्चे को हो-हल्ला,सायरन एवं अन्य माध्यमों से वन विभाग ने ग्रामीणों के सहयोग से हाथियों को रहवास क्षेत्र से खदेड़ा जिस पर दोनों हाथी गौरेला गांव के बरटोला,बड़काटोला गौरेला की ओर से गौरेला- केकरपानी मुख्य मार्ग पर चलते हुए केकरपानी गांव के चिरईडोगरी पहाड़ में पहुंचकर रात 12 बजे के लगभग केकरपानी के दुआहीटोला निवासी कोमल सिंह परस्ते के खेत में लगे कटहल के पेड़ में लगे कटहल को एक घंटे तक तोड़ते हुए अपना आहार बनाकर जंगल की ओर छिप गए जिनकी तलाश पूरी रात किए जाने पर भी नहीं मिल सके जिन्हें दुधमनिया एवं औढेरा बीट के अंशकालीन सुरक्षाश्रमिको जिनके पास संसाधनों की कमी होने के बाद भी अत्यंत खतरनाक तथा सबसे बड़ा वन्यप्राणी हाथी को सुबह होते ही दुधमनिया बीट के कक्ष क्रमांक 357 एवं 358 के कूप क्रमांक 3 में विचरण करते हुए खोज डाला जिसके बाद विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को दोनों हाथियों की वर्तमान विचरण की स्थिति से अवगत कराया गया ज्ञातब्य है कि वनविभाग की सबसे छोटी लेकिन सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण अंशकालिक सुरक्षाश्रमिकों को विभाग के द्वारा कपड़े,जूते एवं टॉर्च तक मुहैया नहीं कराई गई है जबकि बड़े-बड़े अफसर जो बड़े-बड़े वाहनों से चलकर हजारों रुपए की कीमतों के टॉर्च सिर्फ रात समय कुछ स्थलों पर हाथियों की निगरानी में रहते हैं के पास ही उपलब्ध रहता है जबकि अंशकालिक सुरक्षाश्रमिक टॉर्च एवं जूता जैसी आवश्यक सामग्रियों के न होने पर भी मोबाइल की टॉर्च के सहारे हाथियों पर निगरानी रखते हाथियों के आगे एवं पीछे जंगल,पहाड़ एवं खेतों में चलने को मजबूर रहते हैं जिन्हें तत्काल संसाधन उपलब्ध कराने की अपेक्षा ग्रामीण द्वारा अनूपपुर डीएफओ से की गई है इस दौरान अनूपपुर वन मंडलाधिकारी ने ग्राम ठेही में देर रात पहुंचकर हाथियों के विचरण की स्थिति का जायजा लेते हुए ग्रामीणों से चर्चा की तथा वनविभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को ग्रामीणों की सुरक्षा करते हुए हाथियों पर निरंतर नजर बनाए जाने के निर्देश के साथ किसी भी अधिकारी/कर्मचारी द्वारा बरती जाने वाली लापरवाही पर कठोर कार्यवाही करने की बात कही है।
बुधवार की देर शाम दोनों हाथियों का समूह चौथे दिन/रात को किस ओर विचरण करेगा यह देर होने पर ही पता चल सकेगा।

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