लखनऊ4जुलाई26*इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ का तलाक-ए-हसन पर बड़ा फैसला।
लखनऊ*वैध तलाक-ए-हसन होने पर फैमिली कोर्ट तलाकशुदा घोषित करने से इनकार नहीं कर सकता।
मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत हुए वैध तलाक पर हाई कोर्ट की अहम टिप्पणी।
पति-पत्नी में तलाक को लेकर विवाद न हो तो फैमिली कोर्ट को घोषणा करनी होगी।
फैमिली कोर्ट की भूमिका सिर्फ वैवाहिक स्थिति का सार्वजनिक अभिलेख तैयार करने तक सीमित: हाई कोर्ट।
लखनऊ फैमिली कोर्ट का आदेश इलाहाबाद हाई कोर्ट ने किया निरस्त।
हाई कोर्ट ने मुस्लिम पति की प्रथम अपील स्वीकार की।
तलाक को चुनौती न होने के आधार पर वाद खारिज करना उचित नहीं: हाई कोर्ट।
हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों को आधिकारिक रूप से तलाकशुदा घोषित किया।
न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति सैयद कमर हसन रिजवी की पीठ का महत्वपूर्ण फैसला

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