June 23, 2026

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लखनऊ २३ जून २०२६ * समाजवादी पार्टी की नींद उड़ी', मायावती ने बताया- BSP ब्राह्मणों को क्यों बना रही उम्मीदवार?

लखनऊ २३ जून २०२६ * समाजवादी पार्टी की नींद उड़ी’, मायावती ने बताया- BSP ब्राह्मणों को क्यों बना रही उम्मीदवार?

लखनऊ २३ जून २०२६ * समाजवादी पार्टी की नींद उड़ी’, मायावती ने बताया- BSP ब्राह्मणों को क्यों बना रही उम्मीदवार?

लखनऊ ✒️Ⓜ️बहुजन समाज पार्टी (बसपा) यूपी के आने वाले विधानसभा चुनाव में ब्राह्मणों को भी समुचित उम्मीदवारी देना चाहती है। पार्टी प्रमुख मायावती ने इस बारे में सोशल मीडिया पर अपनी मंशा जाहिर की है।

बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर ब्राह्मण मतदाताओं पर ध्यान केंद्रित कर लिया है। जब विपक्ष की समाजवादी पार्टी पीडीए (पिछड़े , दलित और अल्पसंख्यक) मतदाताओं पर केंद्रित चुनाव अभियान चला रही है और सत्ताधारी एनडीए के दल भी पिछड़ी जातियों पर खास तौर पर ध्यान दे रही है, तब बीएसपी अपने उसी चुनावी फॉर्मूले पर लौट आई है जो उसने सन 2007 के चुनाव में अपनाया था और सरकार बनाने में सफल हुई थी।

👉बीएसपी प्रमुख मायावती ने एक्स पर एक पोस्ट में उच्च जातियों, और खास तौर पर ब्राह्मण समुदाय को अपनी पार्टी से जोड़ने और उन्हें विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाने की मंशा जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि बीएसपी के ब्राह्मणों को प्राथमिकता दिए जाने से समाजवादी पार्टी की नींद उड़ गई है।

साल 2007 में बनी थी बीएसपी की सरकार
मायावती ने पोस्ट में लिखा है कि, ‘बहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर जब से अपर कास्ट समाज और उसमें से खासकर ब्राह्मण समाज को बीएसपी में जोड़ने को ध्यान में रखकर, पार्टी का उम्मीदवार बनाना शुरू किया है, तब से सभी विरोधी पार्टियों में और खासकर समाजवादी पार्टी में नींद उड़ा देने वाली बेचैनी देखने को मिल रही है। सन 2007 की तरह आगामी चुनाव में ब्राह्मण समाज के योगदान से बीएसपी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने की स्वाभाविक संभावना प्रतीत होती है।’

जिसकी जितनी तैयारी, उसकी उतनी भागीदारी
बसपा प्रमुख ने कहा है कि, ‘ब्राह्मण समाज की सामाजिक भाईचारा के आधार पर बीएसपी से जुड़ने की उनकी तैयारियों को ध्यान में रखकर उन्हें पार्टी उम्मीदवार बनाने की प्रक्रिया जारी है। उन्हें बीएसपी के आयरन लेडी नेतृत्व पर पूरा यकीन भी है कि बीएसपी की सरकार बनने पर उन्हें पहले की तरह ही हर स्तर पर भरपूर आदर-सम्मान जरूर दिया जाएगा, जो कि उनकी वास्तविक चिंता व दूसरी पार्टियों से मुंह मोड़ने का कारण है। अपर कास्ट में से क्षत्रिय, वैश्य आदि व अन्य समाज के लोगों को भी उनकी बीएसपी से जुड़ने की तैयारी, अर्थात जिसकी जितनी तैयारी, उसकी उतनी भागीदारी के आधार पर चुनाव में उम्मीदवार जरूर बनाया जाएगा।’

मायावती ने लिखा है, ‘बीएसपी दूसरी पार्टियों की तरह कुछ लोगों को ’लॉलीपाप’ थमाने की संकीर्ण व स्वार्थ की राजनीति नहीं करती है बल्कि पूरे समाज के हित व कल्याण की चिन्ता करना अपना संवैधानिक कर्तव्य समझती है। इसीलिए बीएसपी की नीति और कार्यक्रम जनहित एवं जनकल्याण तथा अपराध नियंत्रण व कानून व्यवस्था के मामले में भी देश व जनहित में बेहतरीन होते हैं।’

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