लखनऊ 1 फ़रवरी 26 * केंद्र सरकार के द्वारा पेश किए गए बजट को लेकर किया पोस्ट। ..
बसपा प्रमुख मायावती ने किया पोस्ट
केंद्र सरकार के द्वारा पेश किए गए बजट को लेकर किया पोस्ट
देश के संसद में आज केन्द्र सरकार द्वारा लाये गये बजट में विभिन्न योजनाओं, परियोजनाओं, वादों और आश्वासनों के सम्बन्ध में भविष्य में इनके परिणामों को लेकर यही लगता है कि इनके नाम तो बड़े-बड़े हैं, किन्तु जमीनी स्तर पर इनके दर्शन छोटे ना हो तो बेहतर होगा। इसीलिए सर्वसमाज के हित में केवल बातें ना हो बल्किी इनपर सही नीयत से अमल भी जरूरी
वैसे तो केन्द्र सरकार का बजट सत्ताधारी पार्टी की नीति व नीयत में चाल, चरित्र व चेहरे का आईना होता है, जिसमें यह झलक मिलती है कि सरकार की सोच वास्तव में गरीब व बहुजन-हितैषी होकर व्यापक देशहित की है या फिर पूँजीवादी सोच की पोषक बड़े-बड़े पूँजीपति व धन्नासेठ समर्थक है।
इतना ही नहीं बल्कि खासकर अपने भारत देश के सन्दर्भ में इस बात का भी विशेष महत्व है कि सरकार की नीति दीर्घकाल में आत्मनिर्भरता की अगर है तो उसके लिए सरकारी क्षेत्र को कितना महत्व देकर परम पूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के कल्याणकारी संविधान के पवित्र मंशा के हिसाब से क्या कार्य किया गया है।
और इसी क्रम में संसद में आज पेश बजट को भी देखा जाना चाहिए कि कहीं यह बजट भी आया और गया की तरह परम्परागत रूप से मायूस करने वाला तो नहीं है। और साथ ही यह प्रश्न छोड़ दिया है कि पिछले वर्ष के बजट में सरकार द्वारा किये गये दावे, वादे और आशायें क्या आज पूरी की गई है या एक रस्म को निभा कर रह गयी है। तथा क्या तुलनात्मक रूप में लोगों के जीवन में कोई परिवर्तन आया है। वास्तव में जीडीपी से अधिक लोगों के जीवन में बहु-अपेक्षित विकास व बहु-प्रतीक्षित गुणात्मक परिवर्तन है जो सीधे तौर पर व्यापक जनहित व देशहित से जुडे़ हैं और जिनका आकलन वर्तमान बजट की वाहवाही से पहले जरूर कर लेना है। सरकार भी इस पर कुछ रोशनी डाले तो यह लोगों के अच्छे दिन के लिए अच्छी बात है वरना यह जिम्मेदारी कौन निभाता है।

More Stories
पंजाब8अगस्त26*नेहरू पार्क में ‘अपना अबोहर, अपनी आभाÓ टीम ने चलाया सफाई अभियान
कौशाम्बी8अगस्त26*राजस्व विभाग के साठगांठ से तालाब की भूमि पर हो रहा निर्माण*
सुल्तानपुर8अगस्त26*खेत में लगे झटका मशीन की तार की चपेट में आने से 4 वर्षीय बच्ची की मौत, परिवार में कोहराम*