June 17, 2026

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रीवा17जून26*यूपीआजतक न्यूज चैनल पर रीवा मध्यप्रदेश की कुछ महत्वपूर्ण खबरें

रीवा17जून26*यूपीआजतक न्यूज चैनल पर रीवा मध्यप्रदेश की कुछ महत्वपूर्ण खबरें

रीवा17जून26*यूपीआजतक न्यूज चैनल पर रीवा मध्यप्रदेश की कुछ महत्वपूर्ण खबरें

[17/06, 21:36] +91 82185 65001: *ग्राम पंचायत लैन बधरी में पारदर्शिता पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने सरपंच-सचिव एवं रोजगार सहायक पर लगाए गंभीर आरोप*
रीवा जिले के सिरमौर जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत लैन बधरी में विकास कार्यों की पारदर्शिता को लेकर ग्रामीणों ने सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत द्वारा कराए गए विकास कार्यों से संबंधित बिल,वाउचर एवं अन्य वित्तीय दस्तावेज स्पष्ट और पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के खर्च और विकास कार्यों की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध तो कराई जा रही है, लेकिन अपलोड किए गए दस्तावेज इतने अस्पष्ट हैं कि उनकी सत्यता,लागत, गुणवत्ता एवं भुगतान संबंधी विवरणों का सही ढंग से परीक्षण नहीं किया जा सकता। इससे पंचायत के वित्तीय लेन-देन की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्पष्ट जानकारी उपलब्ध न होने के कारण आमजन को वास्तविक स्थिति से अवगत नहीं कराया जा रहा है,जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। उनका कहना है कि पंचायत प्रशासन को विकास कार्यों से जुड़े सभी दस्तावेज साफ और पठनीय रूप में सार्वजनिक करने चाहिए,ताकि जनता स्वयं खर्च और कार्यों की गुणवत्ता का आकलन कर सके।
ग्रामीणों ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, विकास कार्यों के बिल, वाउचर एवं भुगतान संबंधी अभिलेखों को स्पष्ट रूप से सार्वजनिक कराने तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कर पारदर्शिता सुनिश्चित करता है।
[17/06, 21:37] +91 82185 65001: *रीवा से एक अहम मामला सामने आया है, जहां पूर्व विधानसभा उप सचिव सत्यनारायण चतुर्वेदी ने 13 साल बाद कानूनी लड़ाई जीतकर फिर से अपनी नौकरी हासिल कर ली है*

सत्यनारायण चतुर्वेदी कभी पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी के निजी सहायक (PA) रह चुके थे। साल 2013 में उन्हें कथित अनियमितताओं के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट में चुनौती दी और लंबी कानूनी लड़ाई के बाद फैसला उनके पक्ष में आया।

कोर्ट के आदेश के बाद उन्होंने दोबारा ज्वाइनिंग की और अब अपर सचिव पद का प्रभार संभाल लिया है। सेवा से हटाए जाने के बाद चतुर्वेदी राजनीति में भी सक्रिय रहे और कांग्रेस के लिए खुलकर चुनाव प्रचार करते रहे। हालांकि, उनका मुख्य फोकस अपनी नौकरी वापस पाने की कानूनी लड़ाई पर रहा, जिसमें आखिरकार उन्हें सफलता मिल गई।
[17/06, 21:37] +91 82185 65001: *कलेक्टर की जनसुनवाई में पहले खुद लगाई अतिक्रमण हटाने की गुहार अब खुद ही माइनर नहर पर तार की बाड़ी लगाकर किया अवैध कब्जा*

*रायपुर कर्चुलियान तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत एतला का मामला*

रीवा। रीवा जिले के रायपुर कर्चुलियान तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत एतला से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने शासकीय नियमों और प्रशासनिक जनसुनवाई व्यवस्था का मखौल उड़ा कर रख दिया है। यहाँ जनसुनवाई में शिकायत कर माइनर नहर से अतिक्रमण हटवाने वाले शिकायतकर्ता ने ही अब खुद उस पर कब्जा कर लिया है।मिली जानकारी के अनुसार कुछ समय पूर्व ग्राम पंचायत एतला निवासी गोकुल सोंधिया और उनके दो पुत्रों ने रीवा कलेक्टर की साप्ताहिक जनसुनवाई में उपस्थित होकर माइनर नहर से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर एक शिकायती आवेदन सौंपा था। कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस स्थान से अतिक्रमण को पूरी तरह से हटा दिया था। लेकिन इस कहानी में नया मोड़ तब आया जब अतिक्रमण हटने के बाद खुद वही शिकायतकर्ता गोकुल सोंधिया उसी माइनर नहर की भूमि पर चारों तरफ तार बाड़ी लगाकर अवैध कब्जा कर बैठा।

*जिम्मेदार पद पर रहकर गैर जिम्मेदाराना हरकत*
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार गोकुल सोंधिया ग्राम पंचायत रामनई की शासकीय उचित मूल्य की दुकान पर सेल्समैन के पद पर कार्यरत है। एक सरकारी और जिम्मेदार पद पर रहते हुए भी उनके द्वारा कानून को ठेंगा दिखाने का काम किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले तो उन्होंने जनसुनवाई में जाकर प्रशासन को गुमराह किया और फिर मौका पाते ही खुद ही माइनर नहर की कीमती सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया। ग्रामीणों ने खुलकर आरोप लगाया है कि गोकुल सोंधिया अपने राजनीतिक रसूख और पैसे के दम पर आए दिन इस तरह की दबंगई और मनमानी हरकतें करता रहता है जिससे गांव के किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। माइनर नहर पर कब्जा होने से बारिश के समय पानी की निकासी और कृषि कार्यों में भी बाधा उत्पन्न होगी। इस गंभीर मामले को लेकर एतला के ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने रीवा कलेक्टर से विनम्र अपील की है कि वे इस संवेदनशील मामले का तत्काल संज्ञान लें किसी वरिष्ठ अधिकारी से स्थल का निरीक्षण करवाएं और इस अवैध तार बाड़ी को तत्काल हटवाकर दबंग सेल्समैन के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
[17/06, 21:38] +91 82185 65001: *रायपुर कर्चुलियान जनपद में स्थानांतरण सूची में बड़ी लापरवाही गृह ग्राम में हुआ पंचायत सचिव का तबादला*

रीवा। रीवा जिला पंचायत कार्यालय द्वारा हाल ही में जारी की गई पंचायत सचिवों की स्थानांतरण सूची में एक बड़ी प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया है।नियमों को ताक पर रखकर किए गए इस तबादले ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत पलिया 351 में पदस्थ पंचायत सचिव श्रीमती रेखा तिवारी का स्थानांतरण उनके ही गृह ग्राम देवगांव में कर दिया गया है। शासकीय नियमों के तहत किसी भी पंचायत सचिव या शासकीय सेवक की नियुक्ति अथवा स्थानांतरण उनके गृह ग्राम में नहीं किया जा सकता है।इसके बावजूद नियमों की सरेआम अनदेखी कर यह सूची जारी की गई।इस स्थानांतरण सूची के सार्वजनिक होने के बाद से ही क्षेत्र के अन्य पंचायत सचिवों और प्रशासनिक हलकों में तीखी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सचिवों के बीच यह कौतूहल और आक्रोश का विषय बना हुआ है कि आखिर किस आधार पर और किसके संरक्षण में गृह ग्राम में स्थानांतरण की यह बड़ी चूक हुई है।इस गंभीर प्रशासनिक लापरवाही को लेकर अब तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई और यह सिद्ध हो चुका है कि पूरा कार्य नियम विरुद्ध तरीके से हो रहा हैइस लापरवाही के पीछे कौन जिम्मेदार है और नियमों के विरुद्ध जाकर किए गए इस तबादले पर क्या कार्रवाई की जाती है।

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