July 21, 2026

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भागलपुर*5 लाख के जीर्णोद्धार की खुली पोल! इस्माइलपुर मॉडल स्कूल में हाथ लगाते ही उतर रहा डिस्टेंपर,

भागलपुर*5 लाख के जीर्णोद्धार की खुली पोल! इस्माइलपुर मॉडल स्कूल में हाथ लगाते ही उतर रहा डिस्टेंपर,

भागलपुर बिहार से शैलेन्द्र कुमार गुप्ता यूपीआजतक

भागलपुर*5 लाख के जीर्णोद्धार की खुली पोल! इस्माइलपुर मॉडल स्कूल में हाथ लगाते ही उतर रहा डिस्टेंपर, शिक्षकों का दावा—’आधा ट्रैक्टर गिट्टी-बालू में ही पूरी हो गई मरम्मत’**

**इस्माइलपुर/भागलपुर:** इस्माइलपुर मॉडल स्कूल में लगभग **5 लाख रुपये की लागत** से कराए गए जीर्णोद्धार कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय की दीवारों पर कराया गया डिस्टेंपर इतना खराब है कि **हाथ लगाते ही पेंट हाथ में उतरने लगता है**, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता संदेह के घेरे में आ गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी राशि खर्च होने के बावजूद कार्य मानकों के अनुरूप नहीं कराया गया। उनका आरोप है कि रंगाई-पुताई एवं मरम्मत कार्य में निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया है, जिसकी सच्चाई कार्य पूरा होने के कुछ ही समय बाद सामने आने लगी है।

वहीं दूसरी ओर, **संवेदक ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए** दावा किया कि विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण कार्य कराया गया है। उनके अनुसार भवन में बेहतर तरीके से डिस्टेंपर किया गया, कुछ खिड़कियों की मरम्मत कराई गई तथा **लगभग 20 फीट × 6.50 फीट का शौचालय तक जाने का रास्ता** भी बनाया गया है।

हालांकि, विद्यालय के **कुछ शिक्षकों ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर** अलग ही तस्वीर पेश की। शिक्षकों का कहना था कि **”आधा ट्रैक्टर गिट्टी और बालू में ही पूरे रिपेयरिंग कार्य को पूरा कर दिया गया।”** इस दावे के बाद कार्य की गुणवत्ता को लेकर और भी सवाल खड़े हो गए हैं।

स्थानीय ग्रामीणों ने पूरे मामले की **उच्चस्तरीय तकनीकी जांच** कराने, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की समीक्षा करने तथा यदि अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित संवेदक एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।

**(नोट:** संवेदक ने कार्य को मानकों के अनुरूप बताया है, जबकि ग्रामीणों और कुछ शिक्षकों ने गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और इसकी जांच संबंधित विभाग द्वारा की जानी है।)

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