April 20, 2026

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पूर्णिया बिहार 27 दिसंबर 25*पूर्णिया के शहरी गरीबों को आवास और ऊर्जा सुरक्षा दिलाने की पहल, 

पूर्णिया बिहार 27 दिसंबर 25*पूर्णिया के शहरी गरीबों को आवास और ऊर्जा सुरक्षा दिलाने की पहल, 

पूर्णिया बिहार 27 दिसंबर 25*पूर्णिया के शहरी गरीबों को आवास और ऊर्जा सुरक्षा दिलाने की पहल, 

पूर्णिया बिहार से मोहम्मद इरफान कामिल यूपीआजतक

पूर्णिया मोहम्मद । पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव ने गुवाहाटी रवाना होने से पूर्व दिल्ली में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री, भारत सरकार श्री मनोहर लाल खट्टर से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पूर्णिया नगर निगम एवं जिले के नगर परिषद क्षेत्रों में शहरी गरीब परिवारों के लिए आवास निर्माण और आवंटन, साथ ही पूर्णिया क्षेत्र में महानंदा नदी के तट पर कम से कम 3000 मेगावाट क्षमता वाले NTPC थर्मल/हाइड्रो पावर प्लांट की स्थापना को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
अपने ज्ञापन में सांसद पप्पू यादव ने कहा कि बिहार का पूर्णिया जिला तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में शहरी गरीब—जिनमें श्रमिक, दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक, घरेलू कामगार और निम्न आय वर्ग के परिवार शामिल हैं—आज भी पक्के, सुरक्षित और सम्मानजनक आवास से वंचित हैं। वर्तमान में चल रही शहरी आवास योजनाओं की प्रगति अत्यंत धीमी है, जिसके कारण हजारों परिवार झुग्गी-झोपड़ियों और असुरक्षित बस्तियों में रहने को मजबूर हैं। इससे स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं।
सांसद ने प्रधानमंत्री के “सबके लिए आवास” के संकल्प का उल्लेख करते हुए मांग की कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) एवं अन्य केंद्रीय योजनाओं के अंतर्गत पूर्णिया नगर निगम और नगर परिषद क्षेत्रों में पर्याप्त आवासीय परियोजनाओं को स्वीकृति दी जाए। साथ ही लंबित एवं अधूरी परियोजनाओं को शीघ्र पूरा कराने, लाभार्थियों की पहचान एवं आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा झुग्गी-बस्तियों के पुनर्वास हेतु विशेष योजना बनाने का आग्रह किया।
इसके अलावा, सांसद पप्पू यादव ने सीमांचल क्षेत्र की ऊर्जा समस्या को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि पूर्णिया प्रमंडल (पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया) कृषि-प्रधान होने के बावजूद बिजली की कमी और औद्योगिक पिछड़ेपन से जूझ रहा है। महानंदा नदी पर्याप्त जलप्रवाह वाली नदी है, जो थर्मल पावर प्लांट के लिए तकनीकी रूप से उपयुक्त है। उन्होंने तर्क दिया कि बिहार में कहलगांव, नबीनगर और बरौनी जैसे NTPC प्लांट पहले से सफलतापूर्वक कार्यरत हैं, ऐसे में पूर्णिया में 3000 मेगावाट का NTPC पावर प्लांट क्षेत्र की ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन का बड़ा आधार बन सकता है।
सांसद ने केंद्र सरकार से NTPC को निर्देश देकर DPR तैयार कराने, बिहार सरकार से भूमि आवंटन में समन्वय स्थापित करने और परियोजना को शीघ्र मूर्त रूप देने की मांग की। उन्होंने विश्वास जताया कि इन दोनों पहलों से पूर्णिया और सीमांचल क्षेत्र को “विकसित भारत” की मुख्यधारा से जोड़ने में ऐतिहासिक मदद मिलेगी।

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