March 3, 2026

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जोधपुर27दिसम्बर*रामकथा को भी औषधि समझकर ग्रहण करनी चाहिए*।

जोधपुर27दिसम्बर*रामकथा को भी औषधि समझकर ग्रहण करनी चाहिए*।

जोधपुर27दिसम्बर*रामकथा को भी औषधि समझकर ग्रहण करनी चाहिए*।
रिपोर्टर चेतन चौहान जोधपुर
संत श्री शांतेश्वर महाराज के सानिध्य में पाल गांव मोतीबा नगर स्थित सांई धाम जोधपुर में सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक अनवरत चल रही श्री रामकथा का वाचन करते हुए सातवें दिन सोमवार को शंभुपंच अग्नि अखाडे की महामण्डलेश्वर मां कनकेश्वरी देवी ने कहा, सत्संग से ही विवेक की प्राप्ति होती है। राम की कथा को धरा पर प्रवाहित करना संसार का सर्वाेच्च परमार्थ है। रामकथा को भी औषधि समझकर ग्रहण करनी चाहिए। गुरुजनो के विचारो को सत्संग के माध्यम से बहुत तक पहुंचाना भी सर्वाेत्तम सेवा है।

उन्होनें कहा कुछ करने का निर्णय नियम होता है और स्वयं पर नियंत्रण करना संयम होता है। दिखावे के लिए हम जो कार्य करते हैं उसमे कभी प्रकृति प्रसन्न नही होती। महादेव को भांग का नही भजन का नशा है।

कथा संयोजक सुधीर अग्रवाल, नवीन अग्रवाल एवं भरत अग्रवाल ने बताया कि संत श्री शांतेश्वर महाराज के सानिध्य में पाल गांव मोतीबा नगर स्थित सांई धाम में सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक नौ दिवसीय श्री रामकथा का वाचन शंभुपंच अग्नि अखाडे की महामण्डलेश्वर मां कनकेश्वरी देवी द्वारा किया जा रहा है।

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