गाजियाबाद7जुलाई26*यूपीआजतक न्यूज चैनल पर गाजियाबाद की कुछ महत्वपूर्ण खबरें
07/07, 06:27] Arun Chandra Bayana: *शराब पीकर हाईवे पर दौड़ाया सवारियों से भरा ऑटो पलटा…….*
गाजियाबाद। लालकुआं से सवारी भरकर नशे में धुत चालक ने एनएच-नौ हाईवे पर ऑटो रिक्शा दौड़ा दिया। एबीईएस कॉलेज के सामने अनियंत्रित ऑटो ने एक बाइक सवार को टक्कर मार दी। बाइक वाला तो सड़क पर गिरते-गिरते संभल गया। वहीं संतुलन बिगड़ने से ऑटो रिक्शा पलट गया। इसमें सवार दो बच्चों और दो महिलाओं समेत कुल सात लोग घायल हो गए। इनमें से दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सूचना पर पहुंची क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना पुलिस ने चालक को हिरासत में ले लिया है और घायलों को डूंडाहेड़ा स्थित अस्पताल में भर्ती कराया।
एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया कि रविवार की रात करीब साढ़े नौ बजे हाईवे स्थित एबीईएस कॉलेज के सामने सवारियों से भरा ऑटो पलट गया। शराब के नशे में धुत चालक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। घायलों को एंबुलेंस की सहायता से डूंडाहेड़ा स्थित अस्पताल पहुंचाया गया। यहां प्रथम उपचार के बाद चोटिल सवारियों को छुट्टी दे दी गई। जबकि गंभीर रूप से घायल ईशु चौहान(27) निवासी शाहबेरी मार्केट थाना बिसरख जनपद गौतमबुद्धनगर और नूर बानो(52) गली नंबर 12, शांतिनगर गली नंबर 12 थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक को चिकित्सकों ने भर्ती कर लिया। घायल ईशू चौहान ने बताया कि ऑटो चालक शराब के नशे में था। ऑटो दौड़ाने पर सवारियों ने चालक का विरोध भी किया लेकिन वह नहीं माना। तेज साउंड में गाने बजाते हुए चालक ने हाईवे पर ऑटो दौड़ा दिया और बाइक सवार को टक्कर मार दी। एसीपी ने बताया कि घायलों ने ऑटो चालक के खिलाफ तहरीर नहीं दी है।
[07/07, 06:27] Arun Chandra Bayana: *पंचशील प्रिमरोज सोसायटी में उखड़े लिफ्ट के दरवाजे…….*
गाजियाबाद। गोविंदपुरम स्थित पंचशील प्रिमरोज सोसाइटी में सोमवार दोपहर एक बड़ा लिफ्ट हादसा होने से बाल-बाल बच गया। टावर-10 में सामान शिफ्टिंग के दौरान लिफ्ट के दरवाजे उखड़ गए। गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त लिफ्ट के भीतर कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद से सोसाइटी के निवासियों में डर का माहौल है।
सोसायटी के निवासी ने बताया कि सोमवार दोपहर लगभग एक बजे टावर-10 के फ्लैट संख्या 508 में रहने वाले अपना कुछ सामान लिफ्ट के जरिये ऊपर ले जा रहे थे। पांचवीं मंजिल पर पहुंचने के बाद वह अकेले ही सामान उतारने लगे। सामान उतारने में समय ज्यादा न लगे और लिफ्ट का दरवाजा बार-बार बंद न हो, इसके लिए उन्होंने दरवाजे के बीच में कोई भारी वस्तु (समान) रख दी। सामान उतारने के दौरान ही लिफ्ट का ऑटोमैटिक सेंसर फेल हो गया और दरवाजे जबरन बंद होने लगे। इससे पहले कि निवासी कुछ समझ पाते, लिफ्ट अचानक नीचे की तरफ चल पड़ी। दरवाजे के बीच में सामान फंसे होने के कारण भयंकर दबाव बना और तेज आवाज के साथ लिफ्ट के दरवाजे उखड़ कर बाहर आ गए।
[07/07, 06:27] Arun Chandra Bayana: *लोड बढ़ने पर 5,200 बीपीएल उपभोक्ता सब्सिडी योजना से बाहर…….*
गाजियाबाद। ऊर्जा निगम की ओर से बिजली मीटरों का स्वीकृत लोड बढ़ाए जाने के बाद जिले में बीपीएल श्रेणी के 5,200 उपभोक्ताओं को भी झटका लगा है। लोड बढ़ने से ये उपभोक्ता सब्सिडी के दायरे से बाहर हो गए हैं। लगातार तीन माह तक अधिक लोड दर्ज होने के बाद इन उपभोक्ताओं का लोड बढ़ाकर दो किलोवाट कर दिया गया है। इसके अलावा करीब 100 उपभोक्ताओं का लोड बढ़ाकर तीन किलोवाट तक किया गया है।
जिले में नौ हजार से अधिक बिजली उपभोक्ता बीपीएल राशन कार्ड धारक यानी गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले हैं। ग्रामीण जोन यानी लोनी, मोदीनगर और मुरादनगर क्षेत्र में इनकी संख्या सबसे अधिक है।
इन उपभोक्ताओं से ऊर्जा निगम तीन रुपये प्रति यूनिट की दर से बिल की वसूली करता है, जबकि प्रति यूनिट 3.75 रुपये का भुगतान राज्य सरकार करती है। इस तरह उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 3.75 रुपये की सब्सिडी दी जाती है। कनेक्शन देते समय भी इन उपभोक्ताओं से केवल 10 रुपये शुल्क लिया जाता है। हालांकि, 100 यूनिट से अधिक बिजली खपत होने पर इन उपभोक्ताओं को सामान्य दरों पर बिजली बिल का भुगतान करना पड़ता है।
ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता नरेश भारती ने बताया कि लोड बढ़ाने के लिए निर्धारित नियमों का पालन किया जाता है। इसके तहत एक वर्ष के दौरान तीन माह के सर्वाधिक लोड का आकलन किया जाता है और उसी के आधार पर लोड बढ़ाया जाता है। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया कंप्यूटरीकृत है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है। जिन उपभोक्ताओं का लोड बढ़ाया गया है, उन्हें इसकी सूचना भी भेजी गई है।
जिले में 1.37 लाख उपभोक्ताओं का बढ़ा लोड
शुक्रवार को स्वीकृत लोड बढ़ाने के बाद ऊर्जा निगम ने उपभोक्ताओं को संदेश भेजना शुरू कर दिया है। जिले में 1.37 लाख उपभोक्ता इस दायरे में आए हैं और कुल 1.48 लाख किलोवाट अतिरिक्त लोड जोड़ा गया है। इनमें करीब सवा लाख उपभोक्ता घरेलू श्रेणी के हैं। अधिकांश उपभोक्ताओं का एक किलोवाट लोड बढ़ाया गया है। उपभोक्ता परिषद के अनुसार, लोड बढ़ने के साथ इन उपभोक्ताओं पर फिक्स चार्ज का अतिरिक्त बोझ भी पड़ेगा। इसके तहत उपभोक्ताओं को हर महीने दो करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त राशि फिक्स चार्ज के रूप में चुकानी होगी। घरेलू उपभोक्ताओं पर फिक्स चार्ज 110 रुपये प्रति किलोवाट की दर से लगाया जाता है, जबकि व्यावसायिक व औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्ताओं से अलग-अलग दरों पर शुल्क वसूला जाता है। हालांकि, इस श्रेणी में व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम है।
[07/07, 06:27] Arun Chandra Bayana: *चेयरमैन पर नगर पंचायत के कर्मचारियों और ट्रैक्टर से अहाते का मिट्टी भराने का आरोप……*
गाज़ियाबाद
मोदीनगर। नगर पंचायत निवाड़ी के चेयरमैन अनिल त्यागी पर पद के दुरुपयोग करने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि चेयरमैन नगर पंचायत के ट्रैक्टर व अन्य संसाधनों का उपयोग कर पंचायत कर्मियों से अपने अहाते में मिट्टी भराव रहे हैं। कर्मचारियों पर दबाव बनाकर रविवार अवकाश पर भी काम कराने का आरोप लगाया गया है। भाकियू नेता ने मामले से जुड़ा वीडियो शेयर कर मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से शिकायत की है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आरोपी चेयरमैन पर कार्रवाई नहीं हुई तो किसान आंदोलन करेंगे।
कस्बा निवाड़ी निवासी भाकियू जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र त्यागी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया है। वीडियो में नगर पंचायत निवाड़ी के कर्मचारी सरकारी ट्रैक्टर से चेयरमैन अनिल त्यागी के अहाते में मिट्टी भराव करते दिख रहें है। वीरेंद्र त्यागी ने आरोप लगाया कि चेयरमैन अनिल त्यागी अपने पद का दुरुपयोग कर पिछले छह महीने से सरकारी संसाधनों से अपने अहाते का भराव करा रहे हैं। मिट्टी भी सरकारी भूमि से खनन की जा रही है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी को एक्स पर वीडियो पोस्ट कर मामले की शिकायत की है।
वहीं चेयरमैन अनिल त्यागी का कहना है कि कस्बे में नाला निर्माण के लिए मिट्टी खोदाई की गई थी। मिट्टी खेतों में पड़ी थी। इससे किसानों को परेशानी हो रही थी। किसानों की परेशानी को देखते हुए खेतों से मिट्टी उठवाकर पशुओं के नीचे डलवाई है। पद के दुरुपयोग का आरोप निराधार है।
[07/07, 06:27] Arun Chandra Bayana: *ऑटो खड़ा कर युवक ने नहर में लगाई छलांग, गोताखोरों की मदद से तलाश जारी……..*
मुरादनगर। गंगनहर पटरी पर ऑटो खड़ा करने के बाद एक युवक ने सोमवार दोपहर नहर में छलांग लगा दी। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव के कारण वह पानी में बह गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश शुरू कर दी है।
एसीपी अजय कुमार ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब एक बजे एक युवक ऑटो लेकर मुरादनगर पहुंचा। वह कुछ देर तक क्षेत्र में घूमता रहा। इसके बाद उसने गंगनहर पटरी पर ऑटो खड़ा किया और अचानक दौड़ते हुए नहर में छलांग लगा दी। नहर में स्नान कर रहे कुछ युवकों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव के कारण वह देखते ही देखते पानी में लापता हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तलाश अभियान शुरू कराया। बताया कि ऑटो के नंबर के आधार पर ई-चालान एप से युवक की पहचान गोलू पुत्र धर्म सिंह, निवासी अर्थला, मोहननगर, थाना साहिबाबाद के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक अविवाहित था तथा उसके माता-पिता का निधन हो चुका है। पुलिस ने उसके फुफेरे भाई रवि को घटना की सूचना दे दी है।
[07/07, 06:27] Arun Chandra Bayana: *पुलिस ने रद्द किया गिरधर बिष्ट की हत्या के आरोप में दर्ज हुआ मामला……*
गाज़ियाबाद
साहिबाबाद। कौशांबी थानाक्षेत्र के वैशाली सेक्टर दो स्थित कल्पना अपार्टमेंट निवासी गिरधर सिंह बिष्ट की हत्या के आरोप में सात लोगों पर दर्ज हुए मामले को मसूरी पुलिस ने रद्द कर दिया है। इसकी विस्तृत रिपोर्ट बनाकर मसूरी पुलिस ने उच्चाधिकारियों को भेज दी है। वहीं, गिरधर के परिजनों ने सदमे में रहने के दौरान गलत पहचान करने और गिरधर ने मानसिक तनाव में आकर जेल से निकलकर आश्रम जाने का बयान दिया है। इसके बाद से हत्या के मामले में नामजद सभी आरोपियों ने राहत की सांस ली है।
16 मई को सोसायटी के बाहर ऑटोमोबाइल की दुकान संचालित करने वाले सुनील के सिर में हथौड़ी मारने के आरोप में पुलिस ने गिरधर सिंह बिष्ट को एसीपी शालीमार गार्डन की कोर्ट से आदेश होने के बाद 17 मई को जेल भेजा था। 21 मई को निजी मुचलके के आधार पर डासना जेल से गिरधर रिहा हुआ, लेकिन घर नहीं पहुंचा। परिजन तलाश करते रहे और कुछ पता न चलने पर मसूरी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। वहीं, 12 जून को मसूरी की नाहल झाल में एक अज्ञात शव मिला, पुलिस ने जब परिजनों को पहचान के लिए बुलाया तब कपड़े देखकर गिरधर की मां देवकी देवी और बहन आशा ने गिरधर के तौर पर शव की शिनाख्त की। इसके बाद हत्या का आरोप लगाते हुए ऑटो मोबाइल दुकान संचालक सुनील, सुशील और अनिल समेत सात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई। सनसनी तब फैली जब 24 जून को परिवार वालों ने गिरधर की तेरहवीं की और 24 जून की सुबह वह जिंदा वापस अपने घर पहुंचा।
एसीपी मसूरी अजय सिंह ने बताया कि गिरधर ने लोगों से परेशान होकर पंजाब स्थित आश्रम में जाने की बात कही। साथ ही परिवार का कहना है कि बेटे के लापता होने के बाद से वह सदमे में थे अचानक शव मिलने की बात जब पता चली तब वह सदमे के चलते गलत पहचान कर ली। बताया कि मामले में हत्या की प्राथमिकी रद्द कर दी गई है।
किसका था नाहल झाल में मिला शव
गिरधर सिंह बिष्ट की मौत का मामला तो सुलझ गया, लेकिन 12 जून को नाहल झाल में मिला शव वह शव किसका था जिसका अंतिम संस्कार भी हो चुका है। पुलिस आज भी उसकी पहचान नहीं कर पाई है। अलग-अलग थानों व आसपास के जिलों में पंफ्लेट भी भेजे गए हैं और जिपनेट पर भी जानकारी अपलोड की गई है लेकिन अब तक पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

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