October 30, 2026

UPAAJTAK

TEZ KHABAR, AAP KI KHABAR

कानपुर नगर 30 अक्टूबर 26*लेदर उद्योग को मिलेगी नई उड़ान! मोतीझील में 7वें लेदर मेले का आगाज,

कानपुर नगर 30 अक्टूबर 26*लेदर उद्योग को मिलेगी नई उड़ान! मोतीझील में 7वें लेदर मेले का आगाज,

कानपुर नगर 30 अक्टूबर 26*लेदर उद्योग को मिलेगी नई उड़ान! मोतीझील में 7वें लेदर मेले का आगाज,

46 स्टॉलों पर दिखेगी चमड़े के उत्पादों की चमक

कानपुर नगर से सुनील त्रिपाठी की रिपोर्ट, यूपीआजतक।

कानपुर। चमड़े और फुटवियर उद्योग के लिए देश-विदेश में अपनी अलग पहचान रखने वाले औद्योगिक शहर कानपुर में एक बार फिर लेदर उद्योग को नई पहचान दिलाने की तैयारी शुरू हो गई है। शहर के मोतीझील ग्राउंड में 30 अक्टूबर से 2 नवंबर तक सातवें कानपुर लेदर मेले का आयोजन किया जा रहा है।

कानपुर नगर 30 अक्टूबर 26*लेदर उद्योग को मिलेगी नई उड़ान! मोतीझील में 7वें लेदर मेले का आगाज,

चार दिवसीय इस मेले में लेदर और नॉन-लेदर से निर्मित उत्पादों की आकर्षक श्रृंखला देखने को मिलेगी। आयोजकों का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ-साथ कानपुर के पारंपरिक चमड़ा उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।

इस मेले का उद्घाटन उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री माननीय राकेश सचान मुख्य अतिथि के रूप में करेंगे। वहीं चर्म निर्यात के उपाध्यक्ष मुख्तारुल अमीन और आयरस इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक राकेश सूरी विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। मेले के क्षेत्रीय अध्यक्ष एवं स्वागतकर्ता यादवेन्द्र सिंह सचान द्वारा कार्यक्रम में पहुंचने वाले अतिथियों का स्वागत किया जाएगा।

इस आयोजन को सफल बनाने के लिए आयरस इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड, एचबीटीयू, स्वर्ण मोटर्स, स्मार्ट हाउस सॉल्यूशन, बुधसेन फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, राहुल स्वीट्स और ग्रोमोर इंटरनेशनल सहित कई संस्थाओं का सहयोग प्राप्त हो रहा है।

46 स्टॉलों पर मिलेगा लेदर उत्पादों का आकर्षक कलेक्शन
सातवें कानपुर लेदर मेले की सबसे बड़ी विशेषता यहां लगाए जा रहे 46 स्टॉल होंगे। इन स्टॉलों पर देशी और आधुनिक डिजाइन के लेदर तथा नॉन-लेदर फुटवियर, बैग, पर्स, बेल्ट, महिलाओं के हैंडबैग और अन्य उपयोगी उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे।

कानपुर और आसपास के क्षेत्रों के निर्यातक एवं निर्माता अपने उत्पादों की गुणवत्ता, डिजाइन और विशेषताओं की जानकारी सीधे उपभोक्ताओं को देंगे। इससे ग्राहकों को उत्पादों को करीब से देखने, उनकी गुणवत्ता समझने और अपनी पसंद के अनुसार खरीदारी करने का अवसर मिलेगा।

मेले में ए.एस. लेदर एग्जिम, एलन कूपर, अमन एक्सपोर्ट, अनम एग्जिम, आरिफ एंड संस, एलीट लेदर फैशन, दानिस इंटरनेशनल सहित कई कंपनियां अपने उत्पादों के साथ हिस्सा ले रही हैं।

त्योहारी सीजन में खरीदारी का मिलेगा विशेष अवसर
आयोजकों के मुताबिक, इस चार दिवसीय मेले का एक प्रमुख उद्देश्य त्योहारी सीजन में आम जनता को एक ही स्थान पर विभिन्न प्रकार के उत्पाद उपलब्ध कराना है। यहां ग्राहकों को अलग-अलग डिजाइन, गुणवत्ता और उपयोगिता वाले उत्पाद देखने और खरीदने का अवसर मिलेगा।

खास बात यह है कि इस आयोजन के माध्यम से स्थानीय निर्माताओं और छोटे-बड़े कारोबारियों को भी अपने उत्पादों का प्रचार-प्रसार करने का मंच मिलेगा। इससे उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने में मदद मिलेगी।

क्या फिर लौटेगा कानपुर के लेदर उद्योग का पुराना गौरव?
मेले की प्रेसवार्ता के दौरान पत्रकारों ने लेदर उद्योग की मौजूदा स्थिति और भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण सवाल उठाए। आयरस इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक राकेश सूरी ने बातचीत के दौरान बताया कि एक समय भारत का लेदर उद्योग वैश्विक स्तर पर पांचवें स्थान पर हुआ करता था, जबकि आज उत्तर प्रदेश की स्थिति भी पांचवें स्थान पर पहुंच गई है।

उनके इस बयान के बाद कानपुर के चमड़ा उद्योग की पुरानी पहचान और वर्तमान चुनौतियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
एक समय था जब कानपुर के लेदर उत्पादों की मांग देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक में थी। कानपुर को चमड़ा उद्योग के बड़े केंद्र के रूप में जाना जाता था। यहां निर्मित जूते, चमड़े के बैग और अन्य उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पहचान रखते थे। लेकिन बदलते समय के साथ उद्योग को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या कानपुर का लेदर उद्योग एक बार फिर अपनी पुरानी प्रतिष्ठा हासिल कर पाएगा? क्या सरकार की नीतियां, औद्योगिक सुविधाएं, निर्यात को प्रोत्साहन और कारोबारियों की समस्याओं का समाधान इस उद्योग को नई दिशा दे पाएगा?

स्थानीय उद्यमियों और कारोबारियों की उम्मीद है कि सरकार का ध्यान कानपुर के पारंपरिक लेदर उद्योग की समस्याओं पर भी पहुंचेगा और उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

स्थानीय रोजगार और कारोबार को भी मिलेगी मजबूती
लेदर मेला केवल खरीदारी का मंच नहीं, बल्कि स्थानीय कारोबार और रोजगार की संभावनाओं को बढ़ावा देने का भी एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। चमड़ा उद्योग से जुड़े कारीगरों, निर्माताओं, व्यापारियों और निर्यातकों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

यदि इस तरह के आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहन मिलता है तो कानपुर के स्थानीय उद्योगों को नई बाजार संभावनाएं मिल सकती हैं। साथ ही युवा उद्यमियों को भी इस क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सकती है।

फिलहाल सातवें कानपुर लेदर मेले को लेकर तैयारियां पूरी की जा रही हैं। 30 अक्टूबर से 2 नवंबर तक मोतीझील ग्राउंड में चलने वाले इस आयोजन पर शहरवासियों, व्यापारियों और उद्योग जगत की निगाहें टिकी हैं।

अब देखना यह होगा कि 46 स्टॉलों और विभिन्न कंपनियों की भागीदारी वाला यह आयोजन कानपुर के लेदर उद्योग को कितनी नई पहचान दिला पाता है और क्या कानपुर एक बार फिर देश-दुनिया में अपने पुराने लेदर हब के गौरव को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ सकेगा।
कानपुर नगर से सुनील त्रिपाठी की रिपोर्ट, यूपीआजतक।

Taza Khabar