औरैया 10 अक्टूबर *जिला खत्म होने पर आंदोलनकारियों ने नेता जी के हेलीकॉप्टर पर गोलियां बरसा दी*
*जनभावनाओं को देखकर नेता जी मुलायम ही रहे, जिला बहाल कर खूब कराया विकास*
*औरैया।* नेता जी नाम के ही मुलायम नहीं थे, बल्कि कई मामलों में वह मुलायम रहकर लोगों का दिल जीत लेते थे। 2003 में मुख्यमंत्री बनने के बाद नेता जी ने औरैया जिला खत्म कर दिया। इससे जिले के लोग आंदोलन पर उतर आये। सपा सरकार और नेता जी के खिलाफ जमकर आक्रोश था। इस आन्दोलन के अगुआकर भी सपा के विधायक और नेता जी के अति करीबी कमलेश पाठक बने। नेता जी औरैया में मंडी समिति में जनसभा करने आ रहे थे इसी दौरान आंदोलनकारियों ने जमकर बवाल किया और नेता जी के हेलिकॉप्टर पर फायरिंग कर दी और पत्थर बरसा दिए।किसी तरह हेलिकॉप्टर उतरा और सभी हुई। घटना से पूरा प्रदेश हिल गया और नेता जी ने जनभावनाओं के आगे मुलायम रुख अपना लिया और कोई बड़ी कार्रवाई नहीं होने दी। इसके साथ ही जिला बहाल किया और जमकर विकास कराया। औरैया के लोगों जो गड्ढो में सड़क तलाशते थे उन्हें चमचमाती सड़कें मिली।
औरैया इटावा जिले की तहसील हुआ करती थी। नेता जी की कर्मभूमि इटावा ही है और औरैया उसी में शामिल था। बात 1997 की है जब बसपा की सरकार थी और मायावती मुख्यमंत्री थी। इस दौरान उन्होंने कई नए जिलों की घोषणा की। जिसमें औरैया को भी इटावा से अलग कर जिला बना दिया गया। साल 2003 में जब नेता जी मुख्यमंत्री बने तो उन्होने जिला यह कहकर खत्म कर दिया कि सरकार का बजट बढ़ेगा और औरैया हमारी कर्मभूमि है इसे हम इटावा से कैसे अलग कर दें। इसके बाद जिले में आक्रोश शुरू हो गया। मुलायम सिंह के नजदीकी माने जाने वाले डा. कमलेश पाठक ने जिला बचाओ आंदोलन की अगुआकरी कर अपनी ही पार्टी का विरोध करके बगावत भी की थी। इसके बाद औरैया में सभा करने आए मुलायम सिंह को विरोध झेलना पड़ा। आंदोलनकारी सड़कों से लेकर छतों तक थे। मुलायम के हेलीकॉप्टर पर गोलियां चलाई गई। सड़कों पर पत्थर बाजी शुरू हुई। एक घंटे तक हेलीकॉप्टर हवा में उड़ता रहा था और उसे उतरने नहीं दिया था। सड़कों पर बवाल होने पर तत्कालीन विधानसभा अध्य्क्ष स्व. धनीराम वर्मा पत्थर लगने से घायल हो गए थे और उन्हें कानपुर भर्ती कराया गया था। इसके बाद नेता जी ने जनसभा की और डीजीपी से लेकर सभी अधिकारियों ने कड़ी कार्रवाई की घोषणा की लेकिन जनभावनाओं के सामने नेता जी मुलायम हो गए और उन्होने कोई बड़ी कार्रवाई न करने की बात कही। इसके बाद जिला बहाल की घोषणा की और जिला मुख्यालय का उद्घाटन भी किया। जिले के विकास के लिए बजट जारी कर दिया था और नेता जी फिर से सबके दिल मे राज करने लगे थे। जिन्हें कभी विस्मृत नहीं किया जा सकता है।

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