September 21, 2026

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इलाहाबाद5अगस्त26*हाईकोर्ट*आयोग के सचिव व परीक्षा नियंत्रक स्पष्टीकरण सहित तलब

इलाहाबाद5अगस्त26*हाईकोर्ट*आयोग के सचिव व परीक्षा नियंत्रक स्पष्टीकरण सहित तलब

इलाहाबाद5अगस्त26*हाईकोर्ट*आयोग के सचिव व परीक्षा नियंत्रक स्पष्टीकरण सहित तलब

*टीजीटी अंग्रेजी के 125 में 33 प्रश्न निकले गलत*

– कोर्ट ने कहा, जब 25 प्रतिशत से ज्यादा प्रश्न गलत तो पूरी प्रक्रिया की जांच जरूरी

*प्रयागराज, विधि संवाददाता।*

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहायक अध्यापक टीजीटी अंग्रेजी विषय की परीक्षा में कुल 125 प्रश्नों में 33 प्रश्न गलत पाए जाने पर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के सचिव और परीक्षा नियंत्रक को बुधवार को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर हलफनामे पर पूरी प्रक्रिया स्पष्ट करने का आदेश दिया है।

कोर्ट ने उनसे यह स्पष्ट करने को कहा है कि प्रश्न कैसे तैयार किए जाते हैं और परीक्षा कैसे आयोजित की जाती है।

यह आदेश *न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन* ने *आदित्य कुमार सिंह व 17 अन्य* की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।

इस मामले की शुरुआत में 29 प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर के पाए गए थे। याचियों का कहना था कि परीक्षा में पूछे गए चार प्रश्न गलत हैं।

कोर्ट के निर्देश पर विशेषज्ञों ने जांच की तो यही निष्कर्ष निकला।

इस तरह कुल 33 प्रश्न गलत निकले, जो पूरे पेपर के 125 प्रश्नों का 25 प्रतिशत से अधिक है।

आयोग की ओर से कोर्ट को बताया गया कि आयोग ने इन गलत प्रश्नों के अंक शेष प्रश्नों में बांट दिए हैं और इसके आधार पर एक नई संशोधितचयन सूची तैयार की गई है, जिसमें 42 और अभ्यर्थियों को चयन सूची में जगह मिली है।

कोर्ट ने आयोग के इस समाधान पर असंतोष जताते हुए कहा कि जब 25 प्रतिशत से ज्यादा प्रश्न ही गलत निकल रहे हैं तो सिर्फ अंक बांट देना कोई स्थायी हल नहीं हो सकता।

कोर्ट ने कहा कि प्रश्नपत्र तैयार करने की पूरी प्रक्रिया की जांच करना जरूरी है, भले ही यह आयोग की अपनी जिम्मेदारी हो कि वह अपनी प्रक्रिया पर आत्मनिरीक्षण करे।

*एलटी कंप्यूटर : 110 के आवेदन निरस्त*

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने सहायक अध्यापक प्रशिक्षित स्नातक (एलटी) पुरुष एवं महिला शाखा परीक्षा-2025 के कंप्यूटर विषय के आवेदन पत्रों की सन्निरीक्षा के बाद 110 अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त कर दिए हैं।

आयोग के अनुसार 67 अभ्यर्थियों के आवेदन विज्ञापन में निर्धारित अनिवार्य शैक्षिक अर्हता पूरी नहीं करने के कारण निरस्त किए गए।

वहीं 11 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन में स्वयं को कुशल या उत्कृष्ट खिलाड़ी बताया,

लेकिन मुख्य परीक्षा के आवेदन के साथ राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किए।

इसके अलावा दो अभ्यर्थियों के खेल संबंधी प्रमाणपत्र शासनादेश और विज्ञापन की शर्तों के अनुरूप मान्य नहीं पाए गए।

आयोग ने कहा है कि संबंधित अभ्यर्थी 10 अगस्त को शाम पांच बजे तक प्रत्यावेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।