*इलाहाबाद23मई25* उच्च न्यायालय का ऐतिहासिक आदेश: न्याय तक पहुँच अब और आसान, गैरकानूनी शुल्क पर रोक*
*इलाहाबाद* उच्च न्यायालय ने न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जनसुलभ बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक आदेश जारी किया है। न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि अब भारत के किसी भी हिस्से में नोटरी पब्लिक द्वारा सत्यापित शपथ पत्र को मान्य माना जाएगा। इससे दूरदराज़ से आने वाले वादियों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें अब स्थानीय शपथ पत्र बनवाने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। साथ ही, अदालत ने बार एसोसिएशनों द्वारा वादियों से फोटो पहचान के नाम पर ₹500 शुल्क वसूलने की प्रथा को अवैध और असंवैधानिक घोषित किया है। न्यायालय ने चेतावनी दी है कि इस प्रकार का शुल्क वसूलने पर संबंधित संस्थाओं के विरुद्ध अवमानना की कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश *M/s Rajdhani Inter State Transport Co. बनाम राज्य उत्तर प्रदेश* मामले में पारित किया गया, जिसमें अनुच्छेद 265 का उल्लंघन पाया गया। यह कदम न्याय तक पहुँच को सरल और बाधारहित बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर है।
More Stories
लखनऊ11 अक्टूबर 26*बीजेपी छोड़ धर्मेंद्र कश्यप सपा में शामिल।*
महोबा 11 अक्टूबर 26*मंगलफोर्ट चरखारी में स्व. जमुना प्रसाद बोस स्मृति सम्मान समारोह आयोजित, पत्रकारों को मिला सम्मान
महोबा 11 अक्टूबर 26*शांति व्यवस्था भंग करने वालों की सूचना तत्काल पुलिस को दें: सीओ दीपक दुबे