अयोध्या10मई26*“महिला आरक्षण का विरोध पड़ा भारी!” अवधेश प्रसाद के आवास पर फूटा महिलाओं का गुस्सा, ‘मुर्दाबाद’ के नारों से दहला सहादतगंज
अयोध्या*नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में सड़कों पर उतरीं महिलाएं, सांसद आवास का घेराव कर किया उग्र प्रदर्शन
अयोध्या। महिला आरक्षण को लेकर छिड़ी सियासी जंग अब खुलकर सड़क पर उतर आई है। केंद्र सरकार के ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के विरोध में समाजवादी पार्टी के अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद के कथित रुख के खिलाफ रविवार को महिलाओं का गुस्सा विस्फोट बनकर फूट पड़ा। अयोध्या शहर के सहादतगंज स्थित सांसद आवास के बाहर सैकड़ों महिलाओं ने जोरदार घेराव कर प्रदर्शन किया और सांसद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन इतना उग्र था कि पूरा सहादतगंज क्षेत्र “अवधेश प्रसाद मुर्दाबाद”, “महिला विरोधी सोच नहीं चलेगी”, “33 प्रतिशत आरक्षण हमारा अधिकार” और “नारी शक्ति का अपमान बंद करो” जैसे नारों से गूंज उठा। महिलाओं के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर महिला आरक्षण के समर्थन में तीखे संदेश लिखे गए थे। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप था कि महिला आरक्षण का विरोध कर महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों को कुचलने की कोशिश की जा रही है।
प्रदर्शन का नेतृत्व नारी शक्ति वंदन अभियान के जिला संयोजक एवं जिला उपाध्यक्ष अखण्ड सिंह डिम्पल के मार्गदर्शन में किया गया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण का विरोध किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा और यह आंदोलन महिलाओं के सम्मान एवं राजनीतिक अधिकारों की निर्णायक लड़ाई है।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं डॉ. अंजू पांडेय ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश की आधी आबादी को राजनीतिक हिस्सेदारी देने वाले ऐतिहासिक कानून का विरोध करना महिलाओं के सम्मान पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि संसद में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से जिन नेताओं की राजनीति खतरे में पड़ रही है, वही लोग महिला आरक्षण के खिलाफ माहौल बनाने में जुटे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अब महिलाएं चुप बैठने वाली नहीं हैं और विरोध करने वालों को लोकतांत्रिक तरीके से करारा जवाब दिया जाएगा।
घेराव के दौरान माहौल उस समय और गर्मा गया जब प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आरोप लगाया कि सांसद अवधेश प्रसाद ने सहादतगंज स्थित आवास का गेट अंदर से बंद करा लिया और महिलाओं से मिलने तक बाहर नहीं आए। इससे नाराज महिलाओं का आक्रोश और भड़क उठा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जनता के वोट से संसद पहुंचने वाले नेता अब महिलाओं के सवालों से डरकर दरवाजे बंद कर रहे हैं। महिलाओं ने सांसद पर महिला विरोधी मानसिकता का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।
सुमन पासवान ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, अधिकार और हिस्सेदारी की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर महिलाओं का यह जनाक्रोश आने वाले समय में और बड़ा आंदोलन बन सकता है। मीडिया प्रभारी सुशील मिश्रा ने आरोप लगाया कि जो नेता महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी का विरोध करेंगे, उन्हें जनता के बीच जाकर जवाब देना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब अपने अधिकारों के लिए सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करने को तैयार हैं।
स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन को भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को शांत कराने और स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया,लेकिन महिलाएं लंबे समय तक सांसद आवास के बाहर डटी रहीं।
प्रदर्शन में सरोज मिश्रा, सुमन पासवान,बिनीता मोदनवाल,माधुरी सिंह, नीलम गुप्ता,ममता सिंह, संगीता मिश्रा,रानी सिंह,उषा चौहान और सीमा यादव सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया।

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