अयोध्या06दिसम्बर24*मोहबरा बाजार में डॉक्टर आंबेडकर का परिनिर्वाण दिवस धूमधाम से मनाया गया।
अयोध्या। डॉ भीमराव अंबेडकर के 68वां महापरिनिर्वाण दिवस पर नम आंखों से याद कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया और उनके बताए हुए मार्ग पर चलकर अधूरे सपने को पूरा करने का संकल्प लिया गया ।
6 दिसंबर 1956 को बोधिसत्व बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी हम भारत वासियों सहित दुनिया को छोड़कर चले गये । आज 6 दिसंबर 2024 को मोहबरा बाजार साकेत नगरी जनपद अयोध्या में स्थापित बाबा साहब की प्रतिमा पर, नम आंखों से श्रद्धा सुमन अर्पित करने में श्री हुबराज कोरी पूर्व विधायक ,श्री घनश्याम कोरी प्रदूषण अधिकारी, श्री नागेश्वर नाथ कोरी राष्ट्रीय महासचिव राष्ट्रीय अंबेडकर सेना भारत , श्री जगदीश कुमार बौद्ध अध्यक्ष अंबेडकर सेवा ट्रस्ट मोहब्रा , श्री कृष्ण कुमार कोरी पूर्व बीडीसी ,श्री देवेश कुमार पिंटू युवा नेता, श्री दिनेश कुमार कोरी, श्री राजेश कुमार कोरी, श्री हाशिम अली जी, श्री अहमद अली जी, श्री राम कुमार कोरी, श्री सत्येंद्र कुमार कोरी, गंगा चौधरी, मुकेश गौतम, सूरज गौतम सहित सैकड़ो लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किया, श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्री हुबराज कोरी ने बाबा साहब के अधूरे सपने को पूरा करने का संकल्प दिलाया,
श्री नागेश्वरनाथ कोरी राष्ट्रीय महासचिव राष्ट्रीय अंबेडकर सेना भारत ने कहा बोधिसत्व बाबासाहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी ने तमाम कठिनाइयों को सहते हुए भी देश और समाज में जानवर से भी बदतर जिंदगी जीने वाले इंसानों की पीड़ा को समझ कर उन्हें सामान्य जीवन जीने हक अधिकार दिलाने के लिए 32 डिग्री प्राप्त किया उन्हें 9 भाषाओं का ज्ञान थाऔर भारतीय संविधान लिखकर समान जीवन जीने का हक और अधिकार दिया समाज की अपेक्षित महिलाओं को सम्मान से सामान्य जीवन जीने का हक दिया, 2 वर्ष 11 माह 18 दिन में भारतीय संविधान तैयार किया, और कहा गौतमबुद्ध के रास्ते पर चलकर ही देश और समाज का कल्याण होगा, ज्ञान विज्ञान का रास्ता दिखाया, और उन्होंने कहा इंसान को ज्यादा दिन तक समाज में जिंदा रहने के लिए तथागत गौतम बुद्ध,बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर , संत सम्राट कबीर साहेब, शहीद उधम सिंह, शहीद भगत सिंह, वीरांगना झलकारी बाई, सहित देश और समाज के लिए त्याग बलिदान देने वाले संतों और गुरु वीर वीरांगनाओं से प्रेरणा लेकर उनके बताए हुए सद मार्ग पर चलकर उनके अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए अपने हिस्से का काम करके देश और समाज की तरक्की अमन चैन के लिए अपने जिंदगी के हिस्से का समय निकालकर त्याग करके समाज में ज्यादा दिन तक रहा जा सकता है ।
इस अवसर पर श्री जगदीश बौद्ध अध्यक्ष डॉ आंबेडकर सेवा ट्रस्ट ने कहा बाबा साहब का जीवन ही एक विचार है उन्हें किताबों में पढ़कर बहुत कुछ ज्ञान मिलेगा जो इंसान की जीवन में काम आएगा,
श्री घनश्याम कोरी प्रदूषण अधिकारी ने बाबा साहेब के सपनों का भारत बनाने का आवहन किया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने शोक संवेदना में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा हमारे देश और समाज के देवता डॉ भीमराव अंबेडकर जी हैं, जिन्होंने अपने घर और परिवार को ध्यान न देकर संपूर्ण भारतवासियों को ही अपना घर और परिवार मानकर भारत के अंधों को आंख, मूकदर्शी को जुबान, बहरों को कान, नारी को सम्मान, भारत देश को भारतीय संविधान दिया है, उनके त्याग को कभी भुलाया नहीं जा सकता है वह मरकर भी अमर हैं।

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