March 16, 2026

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भागलपुर 18 मई 2023*जर्दालु आम विपणन (निर्यात) कर्मशाला का आयोजन समीक्षा भवन, समाहरणालय, भगलपुर में किया गया।

भागलपुर 18 मई 2023*जर्दालु आम विपणन (निर्यात) कर्मशाला का आयोजन समीक्षा भवन, समाहरणालय, भगलपुर में किया गया।

भागलपुर 18 मई 2023*जर्दालु आम विपणन (निर्यात) कर्मशाला का आयोजन समीक्षा भवन, समाहरणालय, भगलपुर में किया गया।

आज दिनांक 18 मई 2023 को जिला पदाधिकारी, भागलपुर श्री सुबत कुमार सेन की अध्यक्षता में जर्दालु आम विपणन (निर्यात) कर्मशाला का आयोजन समीक्षा भवन, समाहरणालय, भगलपुर में किया गया। इसमें श्री विवेक रंजन मैत्रे निदेशक, खाद्य प्रसंस्करण श्री कुमार अनुराग, उप विकास आयुक्त, भागलपुर, डॉ० सी० बी० सिंह, उप महाप्रबंधक, एपीडा, श्री आनन्द प्रकाश झा. क्षेत्रीय पदाधिकारी, एपीडा. श्री अनिल कुमार यादव, जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक, आत्मा, भागलपुर डॉ आर० एन० सिंह, सह निदेशक प्रसार शिक्षा, बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर डॉ फिजा अहमद, वैज्ञानिक विहार कृषि महाविद्यालय, सबौर, श्री चंदन कुमार डी० डी० एम नाबार्ड, श्री विकास कुमार, सहायक निदेशक, उधान, भागलपुर, श्री प्रभात कुमार सिंह, उप परियोजना निदेशक, आत्मा, भागलपुर सभी प्रखंड के प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक एवं जिला कर्मी जर्दालु आम उत्पादन करने वाले प्रगतिशील किसान ने भाग लिया जिला कृषि पदाधिकारी, भागलपुर द्वारा कर्मशाला में उपस्थित किसानों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए बताया गया कि विगत दो वर्षों से जर्दालु आम के विपणन क्षेत्र में काम किया गया है, उसे अब अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास हो रहा है। इसकी गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए जैविक विधि से जर्दालु आम की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिला पदाधिकारी, भागलपुर द्वारा अपने संबोधन में कृषि विभाग, भागलपुर की पूरी टीम के द्वारा जर्दालु आम के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की गई। उनके द्वारा बताया गया कि जिस प्रकार चुनाव एवं आपदा के पहले S.O.P. तैयार किया जाता है उसी प्रकार जर्दालु आम प्रबंधन एवं विपणन का S.O.P. तैयार कर किसान चौपाल में उत्पादन और प्रबंधन की जानकारी किसानों को दिया जाय। उनके द्वारा बताया गया कि बहुत जल्द जर्दालु आम को अधिक समय तक सुरक्षित रखने के लिए पैक हाउस की सुविधा मिल पाएगी। निर्यात के मापदण्ड के अनुसार उत्पाद को तैयार करने के लिए अलीगंज, भागलपुर (नगर निगम क्षेत्र) में पैक हाउस निर्माण कराया जाएगा। बिहार कृषि विश्व विद्यालय, सबौर को आम तुड़ाई से संबंधित कैलेण्डर जारी करने का निदेश दिया गया। किसानों को एक्सपोर्टर की भूमिका में आना होगा, सरकार के प्रयास के साथ E.P.O. को भी इस दिशा में प्रयास करना चाहिए। निदेशक, खाद्य प्रसंस्करण द्वारा बताया गया कि फल, फूल, सब्जी के क्षेत्र में बिहार का अग्रणी स्थान है किन्तु निर्यात या उद्योग के क्षेत्र में काबिलियत के हिसाब से परिणाम नहीं मिल पा रहें है। इसके लिए Value addirion, Packing, Packeting, Processing में ध्यान देने की जरूरत होगी। डॉ० सी० बी० सिंह, उप महाप्रबंधक, एपीडा द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित होने के लिए किसानों का धन्यवाद करते हुए कहा गया कि जर्दालु आम को निर्यात के साथ इसकी पहचान मिलना जरूरी है। जिसके लिए अपने उत्पाद Lab Test के लिए कलकत्ता या लखनऊ भेजने तथा Laboratory Certificate प्राप्त करने की जानकारी दी गई। उनके द्वारा बताया गया कि अभी तक पूरे बिहार से कुल 132 किसान एपीडा के पोर्टल पर रजिस्टर्ड है जिसमें से 124 किसान भागलपुर के जर्दालु उत्पादक हैं इस बात पर उनके द्वारा प्रसन्नता व्यक्त की गई। उनके द्वारा जिला पदाधिकारी को पटना एयरपोर्ट तथा भागलपुर एवं नवगछिया रेलवे स्टेशन पर 01-01 स्टॉल देने हेतु रेलवे से पत्राचार का सुझाव दिया गया तथा रेलवे स्टेशन से एयरपोर्ट तक उत्पाद को पहुंचाने हेतु Connectivity के लिए पत्राचार करने का सुझाव दिया गया। प्रगतिशील किसान श्री अशोक चौधरी, सुलतानगंज, श्री मनीष कुमार सिंह, सुलतानगंज, श्री वेदव्यास चौधरी, रंगराचौक, श्री मृगेन्द्र प्रसाद सिंह, शाहकुण्ड, श्री नवल किशोर सिंह, पीरपैंती के द्वारा छोटा आम (टिकोला) जो पेड़ से गिरकर बर्बाद हो जाता है उससे पाउडर एवं आचार बनाने हेतु Processing unit का निर्माण तथा खेत में नलकुप लगाने का सुझाव दिया गया। श्री चंदन कुमार सिंह, गोपालपुर के द्वारा जर्दालु आम के क्षेत्र में आ रही परेशानियों तथा निर्यात हेतु आवश्यक मार्गदर्शन के लिए मांग रखी गई। डॉ फिजा अहमद, वैज्ञानिक, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर द्वारा बताया गया जर्दालु आम का छिलका चूंकि और आम के बनिस्पत पतला होता है तो उसके निर्यात हेतु अलग से बिहार कृषि विश्वविद्यालय के द्वारा पैकेट के डिजाईन तैयार कराया जा रहा है। किसान, कृषि विभाग एवं कृषि विश्वविद्यालय सवीर द्वारा SOP बना कर कार्य करने से जर्दालु आम के क्षेत्र में निर्यात संबंधी समस्याओं का समाधान किया।
जा सकेगा। साथ ही किसानों को बाग प्रबंधन, फूड प्रोसेसिंग, पल्फ से अन्य उत्पाद आदि बनाने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। एक्सपोर्टर डा० रामकुमार राय एवं कमलजीत जी द्वारा कृषि उत्पाद के अंतराष्ट्रीय निर्यात में ली जाने वाली जरूरी सावधानी एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पाद के लिए Package of practice पर ध्यान देने की सलाह दी गई। श्री प्रभात कुमार सिंह, उप परियोजना निदेशक, आत्मा, भागलपुर द्वारा जर्दालु आम के निर्यात हेतु FPO के निर्यातक के रूप में निबंधन के बारे में बताया गया। अंत में धन्यवाद के साथ कार्यक्रम को समाप्त किया गया।

परियोजना निर्देशकः
आत्मा, भागलपुर

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