कानपुर नगर13जनवरी*पनकी बी ब्लॉक स्थिति अस्थायी नंदीशाला में गौशाला तिल तिल मरने को मजबूर।
*मजिस्ट्रेट के औचक निरीक्षण करने एवं निर्देश देने के बावजूद नहीं सुधरा पशुचिकित्सा अधिकारी का रवैया अव्यवस्थाओं के बीच रहने को मजबूर नंदी।
*केन्द्र और राज्य सरकार की गौशाला नीति पर पानी फेरते गौवंश को तिल तिल मरने को मजबूर उच्चाधिकारियों का अनदेखा रवैया से मृत गौवंश से महामारी फैलने का डर।
आज 13 जनवरी 2023 को AWBI (भारत सरकार) द्वारा मनोनीत मानद जीवजन्तु कल्याण अधिकारी और एन्टी करप्शन क्राइम कंट्रोल फोर्स की जिला प्रमुख पूनम पाण्डेय (एडवोकेट) ने पनकी बी ब्लॉक स्थित अस्थायी नंदीशाला की व्यवस्थाओं को देखने पहुंची तो देखा कि पहले उन्हें गेट के अन्दर से ही आने से रोका गया फिर बमुश्किल अंदर से गेट का ताला खोला गया। वहाँ के प्रभारी से पूछा गया तो जवाब मिला कि हमारे अधिकारी डॉ निरंजन जी का आदेश है कि कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति गौशाला में न आने पाए इसलिए अंदर से ताला लगाते हैं। लेकिन गौशाला में अंदर से ताला लगाकर रखा जाना अपने आप मे ही सब कुछ स्पष्ट कर रहा है।
पूनम पाण्डेय को गौशाला की स्थिति अत्यंत भयावह और मानवता को शर्मसार करने वाली मिली। जब अंदर का हाल देखा तो पाया कि गौशाला में दलदल में फँसे गौवंश,चारो तरफ कीचड़ ,कीचड़ में मरे हुए गौवंश,और हरी मटर जो कि सम्भवतः विशाक्त हो चुकी है,ऐसा विषाक्त खाना खाने के लिये मजबूर गौवंशों के लिये वहाँ के कर्मचारियों पर नाराजगी जताते हुए इस दुर्दशा का कारण पूछा तो उन्हें बताया गया कि नगरनिगम के पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ निरंजन जी के आदेश से पिछले 1 महीने से इन नन्दियों को सुबह शाम हरी मटर डाली जा रही है। मौके पर किसी भी नाद में भूसा चोकर नहीं मिला नादी में भी मटर मिली,पीने का पानी भी अत्यंत दूषित मिला। जिससे गौशाला में खुले आसमान के नीचे मरने को मजबूर हो रहे हैं
*क्या बोले जिम्मेदार अधिकारी*
उपरोक्त व्यवस्थाओं की जानकारी से अवगत कराने के लिये जब जिलाधिकारी कानपुर,नगर आयुक्त और पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ निरंजन जी को फोन किया तो नगर आयुक्त द्वारा अनभिज्ञता जताते हुए बताया गया कि हमारे अपर नगर आयुक्त हर हफ्ते जाते हैं साथ ही पूनम पाण्डेय ने वस्तुवत स्थिति देखने के लिए कहा तो उन्होंने ये कहकर फोन काट दिया कि हम 15-20 मिनट में अपरनगर आयुक्त को भेजते हैं। काफी देर इंतजार करने के बाद भी कोई नहीं आया।
इसके बाद पूनम पाण्डेय ने पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ निरंजन को अवगत कराने के लिये फोन किया तो उन्होंने अपनी और अपने कर्मचारियों की तारीफ करते हुए कहा कि मैं रोज जाता हूं गौशाला ।
वहाँ सारी व्यवस्था ठीक है कोई कमी नहीं। इस पर पूनम पाण्डेय ने उन पर हत्याजनित कारक उत्पन्न करने और शाशन की मनसा पर पानी फेरते हुए उनसे आकर वस्तुवत स्थिति का जायजा लेने के लिये कहा तो उन्होंने कहा कि हम तो जाते रहते हैं,देख लेंगे अभी नहीं आ पाएंगे।
आप ऑफिस आकर मिल लीजिए। डॉ शिल्पा सिंह जी भी मौके पर नहीं मिली,जबकि कल इसी गौशाला एसीएमएम 7 भी गए थे औचक निरीक्षण करने पर क्या देखा और क्या रिपोर्ट दी जिलाधिकारी महोदय को पता नहीं। फिलहाल समस्त जानकारी कानपुर प्रशासन की जानकारी में है फिर भी ये दुर्व्यवस्था।
मानद पशु कल्याण अधिकारी एडवोकेट पूनम पाण्डेय ने गौशाला और गौवंश की दुर्दशा के लिये एनीमल वेलफेयर बोर्ड को और उत्तर प्रदेश शाशन को अवगत कराते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर जानबूझकर हत्याजनित कारक उत्पन्न करनेऔर पशुक्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर ली है।
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