January 15, 2026

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आगरा 7अप्रैल*मनमानी: थाना शमशाबाद में नहीं होती पीड़ितों की सुनवाई

आगरा 7अप्रैल*मनमानी: थाना शमशाबाद में नहीं होती पीड़ितों की सुनवाई

आगरा 7अप्रैल*मनमानी: थाना शमशाबाद में नहीं होती पीड़ितों की सुनवाई

विवेचक जितेंद्र कुमार ने आरोपियों से फीलगुड कर धारा 307 कि लोप

दर दर की ठोकर खाने को मजबूर पीड़ित, गोली मारने वाले घूम रहे खुलेआम

आगरा। योगीराज में गोली मारने वाले आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं एवं उल्टा थाना शमशाबाद पुलिस की शह पर पीड़ितों को ही धमका रहे हैं। कह रहे हैं कि हमारी पहुंच बहुत ऊपर तक है हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। पुलिस से हमने सब सेटिंग कर ली है जाओ जितने चाहे हमारे ऊपर मुकदमे लिखवा दो। अभी तो बच गए हो दोबारा पूरे परिवार सहित जान से मार देंगे।
उक्त मामला थाना शमशाबाद क्षेत्र का है। पीड़ित जगबीर सिंह पुत्र स्वर्गीय लोदूराम निवासी धिमश्री, थाना शमशाबाद के अनुसार पीड़ित की ओर से दिनांक 24.8.2021 को अपराध संख्या 218/2021 धारा-147, 148, 149, 307, 506 आईपीसी के तहत मुकदमा थाना शमशाबाद में पंजीकृत कराया था।
पीड़ित ने आरोपी राम सिंह पुत्र बहादुर सिंह, नरेंद्र पुत्र भगवान सिंह, भगवान सिंह पुत्र बहादुर सिंह, जीते पुत्र भगवान सिंह, भूपेंद्र उर्फ़ प्लाजा पुत्र राम सिंह एवं शैलेंद्र पुत्र राम सिंह निवासी धिमश्री थाना शमशाबाद के विरुद्ध अपने पुत्र रवि को जान से मारने की नियत से गोली मारने का मुकदमा दर्ज कराया था।
पीड़ित का कहना है कि उक्त मुकदमे की विवेचना एसआई जितेंद्र कुमार (धिमश्री चौकी इंचार्ज) के द्वारा की जा रही है। पीड़ित का आरोप है कि एसआई जितेंद्र कुमार ने आरोपियों से धन लाभ लेकर ना तो अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार किया है ना ही उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की है। बल्कि एसआई जितेंद्र कुमार आरोपियों के साथ चाय नाश्ता करते हुए देखे जा सकते हैं। उक्त मुकदमे में मेडिकल परीक्षण में भी फायर आर्म इंजरी होने के बावजूद भी जितेंद्र कुमार द्वारा विवेचना में धारा 307 का लोप किया जा रहा है।
पीड़ित काफी समय से न्याय के लिए दर दर की ठोकर खाने को मजबूर है। गोली मारने वाले आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं तथा पीड़ित एवं पीड़ित के परिवार को जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि उसको विवेचक जितेंद्र कुमार से न्याय नहीं मिल रहा है और ना ही वह निष्पक्ष विवेचना कर रहे हैं। जबकि पीड़ित के पास उक्त मामले में समस्त साक्ष्य मौजूद हैं। विवेचक ने अभी तक पीड़ित एवं गवाहों में से किसी के भी बयान दर्ज नहीं किए हैं।
पीड़ित ने शासन प्रशासन व अधिकारियों से गुहार लगाई है कि उक्त मुकदमे की विवेचना किसी अन्य विवेचक अथवा शाखा से कराया जाना न्याय हित में अति आवश्यक है जिससे आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके। पीड़ित ने उक्त मामले की शिकायत अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक की है। पीड़ित ने कहा है कि अगर जल्द सुनवाई नहीं होगी तो थाना शमशाबाद पुलिस की शिकायत दोबारा अधिकारियों एवं मुख्यमंत्री से की जाएगी।