February 27, 2026

UPAAJTAK

TEZ KHABAR, AAP KI KHABAR

औरैया20मार्च*अमर शहीद महारानी वीरांगना अवंती बाई शहीद दिवस कार्यक्रम इंडियन आयल चौकी शहीद पार्क में मनाया गया

औरैया20मार्च*अमर शहीद महारानी वीरांगना अवंती बाई शहीद दिवस कार्यक्रम इंडियन आयल चौकी शहीद पार्क में मनाया गया

औरैया20मार्च*अमर शहीद महारानी वीरांगना अवंती बाई शहीद दिवस कार्यक्रम इंडियन आयल चौकी शहीद पार्क में मनाया गया
शहीद दिवस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अखिल भारतीय लोधी राजपूत महासभा के प्रदेश सचिव अनिल राजपूत प्रबंधक वीरांगना अवंतीबाई समिति जनपद औरैया ने कहा अमर शहीद महारानी वीरांगना अवंती बाई किसी जाति धर्म संप्रदाय की लड़ाई नहीं लड़ी थी इन्होंने अंग्रेजो के खिलाफ देश की स्वतंत्रता के लिए लड़ाई लड़ी थी इनका जन्म 16 अगस्त 1831 को मध्य प्रदेश के सिवनी जिले केमन खेड़ी गांव में हुआ था शहीद वीरांगना अवंती बाई का 17 वर्ष की आयु में विवाह रामगढ़ की राजा विक्रमादित्य के साथ हुआ था उड़ के 2 पुत्र थे अमन सिंह सिंह और शेर सिंह शादी होने के बाद अंग्रेजों ने राजा विक्रमादित्य घोषित कर दिया और उनकी रियासत को अपने साम्राज्य में मिलाने की कोशिश की रानी अवंती बाई ने सजातीय राजाओं को इकट्ठा कर अंग्रेजो के खिलाफ युद्ध शुरू कर दिया महारानी अवंती बाई का साम्राज्य 4000 वर्ग मील में फैला था इसमें मंडला इंदौर सुहागपुर अमरकंटक सहित तमाम भूभाग सम्मिलित था श्री राजपूत ने बताया रानी ने राजाओं से कहा देश की खातिर मैं लड़ाई लड़ लूंगी जो राजा अंग्रेजो के खिलाफ लड़ाई नहीं लड़ना चाहतवह चूड़ियां पहन कर घर बैठे रानी आक्रमण करती हुई शाहपुर नारायणगंज बिछिया पर कब्जा कर लिया और रानी मंडला की ओर आगे बढ़ गई अंग्रेजो के खिलाफ भयंकर युद्ध शुरू कर दिया जिससे अंग्रेजों के पैर उखड़ गए तब 3 नवंबर 18 57 को हिट लाफ लेफ्टिनेंट की सेनाओं को बुलाया गया वहां भयंकर युद्ध शुरू हुआ रानी का तोपखाना तितर बितर हो गया बंदूकों की लड़ाई के साथ तलवार भी चली काफी मारकाट के बाद रानी ने युद्ध अंग्रेजो के खिलाफ कायम रखा आगे बढ़ते हुए रानी वाशिंगटन लॉर्ड के पास पहुंच गई डर के कारण लार्ड बच्चा छोड़कर भाग गया रानी दयालुता दिखाती हुई बच्ची को उसकी खेमे में पहुंचाया लाड ने रानी को पत्र लिखकर कहा युद्ध को समाप्त कर दें मैं उनका साम्राज वापस कर दूंगा रानी ने कहा जब तक भारतवर्ष को आजादी नहीं मिलेगी मैं संघर्ष कायम रखूंगी चाहे मेरी जान ही क्यों ना चली जाए अध्यक्षता कर रहे समिति सचिव प्रॉपर्टी डीलर प्रेमचंद राजपूत ने कहा महारानी अवंती बाई ने देश को आजादी के लिए अग्रणी भूमिका निभाई अंग्रेजो के खिलाफ लड़ाई लड़ते-लड़ते रानी 22 मार्च अट्ठारह सौ 58 को शहीद हो गई उन्होंने बताया अंग्रेजी पुस्तक सी यू विल सी आई सी एस लिखा है रानी संघर्षशील बहादुर और जिद्दी थी भारतवर्ष में सबसे पहली महारानी अवंती बाई ने ही संघर्ष किया उन्होंने मांग की जिले की एकलौती प्रतिमा का शासन प्रशासन व जनप्रतिनिधियों का सहयोग न होने के कारण आज प्रतिमा का विकास नहीं हो सका है उन्होंने बताया राष्ट्रीय धरोहर कोभव्यता बनाए रखने के लिए सहयोग की मांग की इस अवसर पर प्रमुख रूप से भाजपा जिला कोषाध्यक्ष ओबीसी मोहन सक्सैना युवक मंगल दल अध्यक्ष पंकज सिंह शिवराज सिंह चौहान रामसेवक सुमंगल सिंह मोहित अवस्थी जयप्रकाश गुड्डू राजपूत पवन सिंह जयप्रकाश राजू राजपूत कमल सिंह दलीप सिंह संचालन मान सिंह ने किया

Taza Khabar