October 26, 2026

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लखनऊ 25 अक्टूबर 26*29 एवं 30 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा तथा कुछ छिटपुट स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है*

लखनऊ 25 अक्टूबर 26*29 एवं 30 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा तथा कुछ छिटपुट स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है*

लखनऊ 25 अक्टूबर 26*29 एवं 30 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा तथा कुछ छिटपुट स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है*

राष्ट्रीय बुलेटिन संख्या 5 (BOB/08) जारी करने का समय: 1645 बजे भारतीय मानक समय (IST)

दिनांक: 25 अक्टूबर, 2026

प्रेषक: भारत मौसम विज्ञान विभाग
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विषय: पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तथा उससे सटे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर गहरा अवदाब

[आंध्र प्रदेश एवं उससे सटे दक्षिण ओडिशा तटों के लिए चक्रवात चेतावनी — ऑरेंज संदेश]

पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तथा उससे सटे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना अवदाब पिछले 6 घंटों के दौरान 5 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा तथा तीव्र होकर गहरे अवदाब में परिवर्तित हो गया।

यह आज, 25 अक्टूबर 2026 को भारतीय समयानुसार 1130 बजे उसी क्षेत्र में, अक्षांश 15.1° उत्तर तथा देशांतर 91.0° पूर्व के पास केंद्रित था।

यह श्री विजय पुरम (अंडमान द्वीपसमूह) से लगभग 420 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम में, विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) से 870 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में, काकीनाडा (आंध्र प्रदेश) से 960 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में, मछलीपट्टनम (आंध्र प्रदेश) से 1060 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में तथा बापटला (आंध्र प्रदेश) से 1130 किलोमीटर पूर्व में स्थित था।

इसके लगभग दक्षिण-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने तथा 26 अक्टूबर की सुबह तक पूर्व-मध्य एवं उससे सटी दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान में और तीव्र होने की बहुत अधिक संभावना है।

इसके बाद इसके पूर्व-मध्य एवं उससे सटी पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने तथा 27 अक्टूबर 2026 की सुबह के आसपास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर गंभीर चक्रवाती तूफान में परिवर्तित होने की बहुत अधिक संभावना है।

इसके पश्चात, इसके उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने, और अधिक तीव्र होकर अति गंभीर चक्रवाती तूफान बनने तथा 28 अक्टूबर 2026 की सुबह के आसपास आंध्र प्रदेश तट के निकट पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में पहुँचने की बहुत अधिक संभावना है।

इसके 28 अक्टूबर 2026 की पूर्वाह्न तक बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश एवं यनम तटों को अति गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में पार करने की बहुत अधिक संभावना है। इस दौरान अधिकतम निरंतर पवन गति 115–125 किलोमीटर प्रति घंटा तथा झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँच सकती है।

चक्रवाती प्रणाली की संभावित स्थिति एवं तीव्रता

दिनांक एवं समय (IST)| स्थिति (अक्षांश° उत्तर/देशांतर° पूर्व)| अधिकतम निरंतर सतही पवन गति| चक्रवाती प्रणाली की श्रेणी
25.10.2026 / 1130| 15.1° / 91.0°| 50–60, झोंके 70 किमी/घंटा तक| गहरा अवदाब
25.10.2026 / 1730| 14.9° / 90.5°| 55–65, झोंके 75 किमी/घंटा तक| गहरा अवदाब
25.10.2026 / 2330| 14.7° / 89.8°| 55–65, झोंके 75 किमी/घंटा तक| गहरा अवदाब
26.10.2026 / 0530| 14.6° / 89.1°| 65–75, झोंके 85 किमी/घंटा तक| चक्रवाती तूफान
26.10.2026 / 1130| 14.6° / 88.1°| 80–90, झोंके 100 किमी/घंटा तक| चक्रवाती तूफान
26.10.2026 / 2330| 14.6° / 86.4°| 95–105, झोंके 115 किमी/घंटा तक| गंभीर चक्रवाती तूफान
27.10.2026 / 1130| 14.9° / 84.8°| 115–125, झोंके 140 किमी/घंटा तक| अति गंभीर चक्रवाती तूफान
27.10.2026 / 2330| 15.5° / 83.3°| 115–125, झोंके 140 किमी/घंटा तक| अति गंभीर चक्रवाती तूफान
28.10.2026 / 1130| 16.7° / 82.2°| 105–115, झोंके 125 किमी/घंटा तक| गंभीर चक्रवाती तूफान
28.10.2026 / 2330| 18.4° / 81.3°| 80–90, झोंके 100 किमी/घंटा तक| चक्रवाती तूफान
29.10.2026 / 1130| 20.0° / 81.1°| 55–65, झोंके 75 किमी/घंटा तक| गहरा अवदाब
29.10.2026 / 2330| 21.6° / 81.2°| 35–45, झोंके 55 किमी/घंटा तक| अवदाब
30.10.2026 / 1130| 23.2° / 81.6°| 30–40, झोंके 40 किमी/घंटा तक| सुस्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र

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चेतावनियाँ

(i) वर्षा संबंधी चेतावनी

1. अंडमान द्वीपसमूह

25 से 27 अक्टूबर के दौरान अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने तथा कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की बहुत अधिक संभावना है।

2. आंध्र प्रदेश

27 एवं 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा तथा कुछ छिटपुट स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा होने की बहुत अधिक संभावना है।

29 अक्टूबर को कुछ छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।

3. ओडिशा

27 अक्टूबर को ओडिशा में कुछ छिटपुट स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।

28 अक्टूबर को ओडिशा में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा तथा कुछ छिटपुट स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा होने की बहुत अधिक संभावना है।

29 अक्टूबर को ओडिशा में कुछ छिटपुट स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।

4. तेलंगाना

28 अक्टूबर को तेलंगाना के पूर्वी हिस्सों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा तथा कुछ छिटपुट स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा होने की बहुत अधिक संभावना है।

29 अक्टूबर को कुछ छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।

5. छत्तीसगढ़

28 अक्टूबर को दक्षिण छत्तीसगढ़ में तथा 29 अक्टूबर को उत्तर छत्तीसगढ़ में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा तथा कुछ छिटपुट स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना है।

6. झारखंड

28 से 30 अक्टूबर के दौरान अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा तथा कुछ छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।

7. बिहार

29 अक्टूबर को अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा तथा कुछ छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।

30 अक्टूबर को कुछ छिटपुट स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।

8. गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल

28 एवं 29 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा तथा कुछ छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।

9. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम

29 एवं 30 अक्टूबर को अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा तथा कुछ छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।

10. विदर्भ

28 से 30 अक्टूबर के दौरान अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा तथा कुछ छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।

11. पूर्वी मध्य प्रदेश

28 अक्टूबर 2026 को अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा तथा कुछ छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।

29 अक्टूबर को कुछ छिटपुट स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा तथा 30 अक्टूबर को कुछ छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।

12. पूर्वी उत्तर प्रदेश

29 एवं 30 अक्टूबर को अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा तथा कुछ छिटपुट स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।

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(ii) हवा संबंधी चेतावनी

1. पूर्व-मध्य एवं उससे सटी दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान द्वीपसमूह के आसपास

पूर्व-मध्य एवं उससे सटी दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान द्वीपसमूह के आसपास और तट से दूर समुद्र में 50–60 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से तेज हवाएँ चल रही हैं, जिनके झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँच रहे हैं।

25 अक्टूबर की शाम तक इसी क्षेत्र में हवा की गति बढ़कर 55–65 किलोमीटर प्रति घंटा तथा झोंकों की गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँचने की संभावना है।

इसके बाद 25 अक्टूबर की मध्यरात्रि से अंडमान द्वीपसमूह के आसपास और तट से दूर हवा की गति घटकर 45–55 किलोमीटर प्रति घंटा तथा झोंकों की गति 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने की संभावना है। इसके बाद हवा की गति में धीरे-धीरे कमी आएगी।

2. पूर्व-मध्य एवं उससे सटी दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी

26 अक्टूबर की सुबह से तेज तूफानी हवाएँ चलने की संभावना है। 26 अक्टूबर की सुबह से शाम तक हवा की गति 70–80 किलोमीटर प्रति घंटा तथा झोंकों की गति 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँच सकती है।

इसके बाद 26 अक्टूबर की रात तक हवा की गति घटकर 55–65 किलोमीटर प्रति घंटा तथा झोंकों की गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है।

27 अक्टूबर की दोपहर तक हवा की गति और घटकर 40–50 किलोमीटर प्रति घंटा तथा झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने और इसके बाद धीरे-धीरे कम होने की संभावना है।

3. पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी

25 अक्टूबर की शाम से पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में 40–50 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से तेज हवाएँ चलने तथा झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँचने की संभावना है।

प्रणाली के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के साथ हवा की गति और बढ़ने की संभावना है। 26 अक्टूबर की शाम तक पश्चिम-मध्य एवं उससे सटी पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में हवा की गति 80–90 किलोमीटर प्रति घंटा तथा झोंकों की गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँच सकती है।

27 अक्टूबर की सुबह तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में हवा की गति 90–100 किलोमीटर प्रति घंटा तथा झोंकों की गति 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँचने की संभावना है।

28 अक्टूबर 2026 की सुबह तक हवा की गति बढ़कर 115–125 किलोमीटर प्रति घंटा तथा झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँच सकती है।

तट पार करने के बाद हवा की गति घटने लगेगी। 28 अक्टूबर की शाम तक यह 70–80 किलोमीटर प्रति घंटा तथा झोंकों की गति 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है।

29 अक्टूबर की सुबह तक हवा की गति घटकर 40–50 किलोमीटर प्रति घंटा तथा झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने और इसके बाद धीरे-धीरे कम होने की संभावना है।

4. आंध्र प्रदेश एवं यनम तट

27 अक्टूबर की सुबह से आंध्र प्रदेश एवं यनम तटों के आसपास और तट से दूर समुद्र में 40–50 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से तेज हवाएँ चलने तथा झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँचने की बहुत अधिक संभावना है।

27 अक्टूबर की दोपहर तक हवा की गति बढ़कर 60–70 किलोमीटर प्रति घंटा तथा झोंकों की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँच सकती है।

27 अक्टूबर की शाम तक हवा की गति 90–100 किलोमीटर प्रति घंटा तथा झोंकों की गति 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँचने की संभावना है।

28 अक्टूबर की सुबह तक हवा की गति बढ़कर 115–125 किलोमीटर प्रति घंटा तथा झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँच सकती है।

तट पार करने के बाद हवा की गति घटने लगेगी। 28 अक्टूबर की शाम तक यह 70–80 किलोमीटर प्रति घंटा तथा झोंकों की गति 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है।

29 अक्टूबर की सुबह तक हवा की गति घटकर 40–50 किलोमीटर प्रति घंटा तथा झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने और इसके बाद धीरे-धीरे कम होने की संभावना है।

5. दक्षिण ओडिशा तट के आसपास

27 अक्टूबर की शाम से 28 अक्टूबर की शाम तक दक्षिण ओडिशा तट के आसपास और तट से दूर समुद्र में 40–50 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से तेज हवाएँ चलने तथा झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँचने की बहुत अधिक संभावना है। इसके बाद हवा की गति धीरे-धीरे कम होगी।

6. उत्तर तमिलनाडु तट के आसपास

27 अक्टूबर की शाम से 28 अक्टूबर की शाम तक उत्तर तमिलनाडु तट के आसपास और तट से दूर समुद्र में 40–50 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से तेज हवाएँ चलने तथा झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँचने की बहुत अधिक संभावना है। इसके बाद हवा की गति धीरे-धीरे कम होगी।

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(iii) समुद्र की स्थिति संबंधी चेतावनी

1. पूर्व-मध्य एवं उससे सटी दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान द्वीपसमूह

25 अक्टूबर की रात तक पूर्व-मध्य एवं उससे सटी दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान द्वीपसमूह के आसपास समुद्र की स्थिति खराब से बहुत खराब रहने की संभावना है।

इसके बाद अंडमान द्वीपसमूह के आसपास समुद्र की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होने की संभावना है।

2. पूर्व-मध्य एवं उससे सटी दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी

26 अक्टूबर की सुबह से शाम तक इस क्षेत्र में समुद्र की स्थिति अत्यंत खराब रहने की संभावना है।

इसके बाद 26 अक्टूबर की रात तक इसमें सुधार होकर स्थिति बहुत खराब से खराब हो सकती है। 27 अक्टूबर की दोपहर तक समुद्र की स्थिति खराब रहने तथा इसके बाद धीरे-धीरे सुधार होने की संभावना है।

3. पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी

25 अक्टूबर की शाम से पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति खराब से बहुत खराब रहने की संभावना है।

26 अक्टूबर की सुबह तक समुद्र की स्थिति अत्यंत खराब तथा 27 अक्टूबर 2026 की सुबह तक बहुत ऊँची लहरों वाली हो सकती है।

28 अक्टूबर की सुबह से दोपहर तक समुद्र की स्थिति और बिगड़कर अत्यंत विकराल होने की संभावना है।

इसके बाद 28 अक्टूबर की शाम से समुद्र की स्थिति में सुधार होकर यह ऊँची से बहुत खराब रह सकती है। 29 अक्टूबर की सुबह तक समुद्र की स्थिति खराब होने तथा इसके बाद और सुधार होने की संभावना है।

4. आंध्र प्रदेश एवं यनम तट

27 अक्टूबर की सुबह से आंध्र प्रदेश एवं यनम तटों के आसपास और तट से दूर समुद्र की स्थिति खराब से बहुत खराब रहने की संभावना है।

27 अक्टूबर की शाम तक समुद्र की स्थिति ऊँची से बहुत ऊँची हो सकती है तथा 28 अक्टूबर की सुबह तक अत्यंत विकराल होने की संभावना है।

तट पार करने के बाद समुद्र की स्थिति में सुधार होने लगेगा। 28 अक्टूबर की दोपहर तक समुद्र की स्थिति बहुत ऊँची से ऊँची तथा 29 अक्टूबर की सुबह तक खराब हो सकती है। इसके बाद और सुधार होने की संभावना है।

5. दक्षिण ओडिशा तट के आसपास

27 अक्टूबर की शाम से 28 अक्टूबर की शाम तक दक्षिण ओडिशा तट के आसपास समुद्र की स्थिति खराब से बहुत खराब रहने तथा इसके बाद सुधार होने की संभावना है।

6. उत्तर तमिलनाडु तट के आसपास

27 अक्टूबर की शाम से 28 अक्टूबर की शाम तक उत्तर तमिलनाडु तट के आसपास समुद्र की स्थिति खराब से बहुत खराब रहने तथा इसके बाद सुधार होने की संभावना है।

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(iv) तूफानी ज्वार (Storm Surge) संबंधी चेतावनी

चक्रवात के तट पार करने के दौरान आंध्र प्रदेश के काकीनाडा एवं यनम जिलों के आसपास निचले तटीय क्षेत्रों में खगोलीय ज्वार के स्तर से 1.0 से 1.5 मीटर ऊँची तूफानी ज्वार की लहरों के कारण जलभराव होने की बहुत अधिक संभावना है।

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(v) मछुआरों के लिए चेतावनी

मछुआरों को निम्नलिखित क्षेत्रों में समुद्र में न जाने की सलाह दी जाती है:

– पूर्व-मध्य एवं उससे सटी दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान द्वीपसमूह के आसपास और तट से दूर समुद्र में: 26 अक्टूबर तक।
– पश्चिम-मध्य तथा उससे सटी उत्तर-पश्चिम एवं दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में: 26 से 28 अक्टूबर तक।
– आंध्र प्रदेश एवं ओडिशा तटों के आसपास और तट से दूर समुद्र में: 27 से 28 अक्टूबर तक।

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(vi) संभावित प्रभाव

अंडमान द्वीपसमूह में 25 से 27 अक्टूबर के दौरान संभावित प्रभाव

– सड़कों पर स्थानीय स्तर पर बाढ़, निचले इलाकों में जलभराव तथा विशेषकर शहरी क्षेत्रों में अंडरपास बंद होने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
– भारी वर्षा के कारण कभी-कभी दृश्यता कम हो सकती है।
– सड़कों पर जलभराव के कारण प्रमुख शहरों में यातायात बाधित हो सकता है तथा यात्रा में अधिक समय लग सकता है।
– कच्ची सड़कों को मामूली नुकसान हो सकता है।
– कुछ क्षेत्रों में जलभराव के कारण बागवानी फसलों एवं खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है।

आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों तथा उससे सटे दक्षिण ओडिशा में 27 एवं 28 अक्टूबर के दौरान संभावित प्रभाव

– फूस के मकानों के पूरी तरह नष्ट होने तथा कच्चे मकानों को व्यापक नुकसान पहुँचने की आशंका है। पक्के मकानों को भी कुछ नुकसान हो सकता है।
– हवा में उड़ने वाली वस्तुओं से चोट लगने का खतरा हो सकता है।
– बिजली एवं संचार के खंभे झुक सकते हैं या उखड़ सकते हैं।
– पेड़ों की शाखाएँ टूट सकती हैं तथा बड़े सड़क किनारे के पेड़ उखड़ सकते हैं।
– खड़ी फसलों, बागानों एवं फलोद्यानों को व्यापक नुकसान हो सकता है। कच्चे नारियल गिर सकते हैं तथा ताड़ के पत्ते फट सकते हैं।
– आम जैसे घनी शाखाओं वाले पेड़ गिर सकते हैं।
– कच्ची एवं पक्की सड़कों को बड़ा नुकसान हो सकता है।
– रेल सेवाओं, ऊपर से गुजरने वाली बिजली लाइनों तथा सिग्नल प्रणालियों में मामूली व्यवधान हो सकता है।
– छोटी नावें एवं पारंपरिक नौकाएँ अपने बाँधने के स्थानों से खुल सकती हैं।
– सड़कों पर स्थानीय स्तर पर बाढ़, निचले क्षेत्रों में जलभराव तथा विशेषकर शहरी इलाकों में अंडरपास बंद होने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
– दृश्यता बहुत अधिक प्रभावित हो सकती है।
– सड़कों पर जलभराव के कारण प्रमुख शहरों में यातायात बाधित हो सकता है तथा यात्रा में अधिक समय लग सकता है।
– बाढ़ के कारण बाहर निकलने के रास्ते जलमग्न हो सकते हैं। यात्रा पर निकलने से पहले अपने मार्ग पर यातायात जाम की स्थिति की जाँच करें।
– कुछ क्षेत्रों में जलभराव से बागवानी एवं खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है। तटीय फसलों को भारी नुकसान पहुँचने की आशंका है।
– तटबंधों एवं नमक बनाने वाले पैन/क्षेत्रों को नुकसान हो सकता है।

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(vii) सुझाए गए एहतियाती उपाय

– मछली पकड़ने की गतिविधियाँ पूरी तरह बंद रखी जाएँ।
– मछुआरे निम्नलिखित क्षेत्रों में समुद्र में न जाएँ:
– पूर्व-मध्य एवं उससे सटी दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान द्वीपसमूह के आसपास और तट से दूर समुद्र में 24 अक्टूबर की रात से 26 अक्टूबर तक।
– पश्चिम-मध्य तथा उससे सटी उत्तर-पश्चिम एवं दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 26 से 28 अक्टूबर तक।
– आंध्र प्रदेश एवं ओडिशा तटों के आसपास और तट से दूर समुद्र में 27 अक्टूबर से आगे।
– तटीय क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की व्यवस्था की जाए।
– तटवर्ती झुग्गियों एवं कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए।
– प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग घरों के अंदर रहें।
– असुरक्षित एवं कमजोर संरचनाओं में रहने से बचें।
– रेल एवं सड़क यातायात का सावधानीपूर्वक नियमन किया जाए।
– इस संबंध में जारी यातायात संबंधी परामर्शों का पालन करें।
– उन क्षेत्रों में जाने से बचें जहाँ अक्सर जलभराव की समस्या होती है।
– मोटर चालित नौकाओं एवं छोटे जहाजों से समुद्र में आवाजाही असुरक्षित है।
– समुद्र में तथा तटवर्ती क्षेत्रों में चलने वाले सभी संबंधित परिचालन कार्य पूरी तरह रोक दिए जाएँ।
– मत्स्य विभाग एवं मछली पकड़ने वाले बंदरगाहों के अधिकारी मछुआरों को सतर्क करें तथा भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले अगले समुद्री मौसम संबंधी चेतावनी बुलेटिनों पर निगरानी रखें।
– मछुआरे 25 से 28 अक्टूबर के दौरान नवीनतम क्षेत्र-विशिष्ट परामर्शों के अनुसार ही अपनी गतिविधियों की योजना बनाएँ।
– जहाजरानी, बंदरगाह एवं समुद्र में संचालित प्रतिष्ठानों के संचालक अपनी परिचालन तैयारियों की समीक्षा करें तथा 24 से 28 अक्टूबर के दौरान मौसम-संवेदनशील गतिविधियों पर संभावित प्रतिबंधों के संबंध में अगले पूर्वानुमानों पर निगरानी रखें।
– समुद्री प्राधिकरण 24 से 28 अक्टूबर के दौरान प्रभावित होने की आशंका वाले क्षेत्रों में परिचालन करने वाले जहाजों के लिए संचार व्यवस्था, जहाजों की निगरानी तथा खोज एवं बचाव कार्यों की तैयारियों की समीक्षा करें।
– मछली पकड़ने, जहाजरानी, बंदरगाहों तथा समुद्री पर्यटन गतिविधियों पर प्रतिबंधों की सीमा एवं समय-सीमा के संबंध में 25 से 28 अक्टूबर के दौरान भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले अगले पूर्वानुमानों एवं चेतावनियों का पालन किया जाए।

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अगला बुलेटिन आज, 25 अक्टूबर 2026 को भारतीय मानक समयानुसार 2030 बजे जारी किया जाएगा।

Taza Khabar