मुजफ्फरनगर 15 अक्टूबर 26 मुजफ्फरनगर में नकली नोट छापने वाले मास्टरमाइंड सहित तीन गिरफ्तार 5.26 लाख से अधिक की जाली करेंसी बरामद, लैपटॉप, कलर प्रिंटर और नकली नोट बनाने की सामग्री भी मिली
लोकेन्द्र गौतम
ब्यूरो चीफ सहारनपुर मंडल
यूपीआजतक
जनपद मुजफ्फरनगर बुढ़ाना थाना पुलिस ने नकली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में चलाने वाले कथित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में नकली नोट बनाने का कथित मास्टरमाइंड भी शामिल है। आरोपियों के कब्जे और दिल्ली स्थित एक फ्लैट से कुल 5 लाख 26 हजार 500 रुपये की जाली करेंसी बरामद की गई है। बरामद सभी नोट 500 रुपये के बताए गए हैं। पुलिस ने नकली करेंसी तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले लैपटॉप, कलर प्रिंटर और अन्य उपकरण भी बरामद किए हैं।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद नकली करेंसी तैयार करने और उसे बाजार में खपाने वाले नेटवर्क को लेकर जांच तेज कर दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने कितने समय से यह काम किया और जाली नोटों को किन-किन स्थानों पर चलाया गया।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई,,,
पुलिस के मुताबिक, 14 अक्टूबर 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मेरठ-करनाल हाईवे पर वाजिद के होटल के पास बुढ़ाना-कांधला मार्ग पर ट्यूबवेल के नजदीक तीन व्यक्ति जाली करेंसी के साथ मौजूद हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए बुढ़ाना थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्धों की तलाशी ली।
तलाशी के दौरान पुलिस को चार लाख रुपये की जाली करेंसी बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभम, महेंद्र और टीनू के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में नकली नोट तैयार करने के लिए दिल्ली में ठिकाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई।
दिल्ली के नरेला स्थित फ्लैट से भी बरामद हुई जाली करेंसी
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी शुभम ने दिल्ली के नरेला स्थित अपने फ्लैट में नकली नोट तैयार करने की बात बताई। इसके बाद पुलिस ने फ्लैट की तलाशी ली। वहां से एक लाख 26 हजार 500 रुपये की जाली करेंसी बरामद हुई।
फ्लैट से लैपटॉप, कलर प्रिंटर, कॉटन पेपर, बटर पेपर, रंगीन पन्नी के रोल, पांच फर्मे, प्रिंटर की स्याही, पेपर कटर और नकली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भी बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, मौके से मिली और पहले बरामद की गई करेंसी को मिलाकर कुल बरामदगी 5 लाख 26 हजार 500 रुपये की है। पुलिस अब बरामद उपकरणों और सामग्री की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित गिरोह किस तरीके से नकली नोट तैयार करता था और इस काम में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।
‘फर्जी’ वेब सीरीज देखकर आया नकली नोट छापने का विचार,,,,
पुलिस की पूछताछ के मुताबिक, आरोपी शुभम ने बताया कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर ‘फर्जी’ नाम की वेब सीरीज देखने के बाद उसके मन में नकली नोट तैयार कर मुनाफा कमाने का विचार आया। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर दिल्ली के नरेला स्थित फ्लैट में कथित तौर पर नकली नोट बनाने का काम शुरू किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने नकली नोट तैयार करने से जुड़ी जानकारी वेब सीरीज और यूट्यूब के माध्यम से हासिल की थी। नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री ऑनलाइन मंगाई जाती थी। वहीं, कॉटन पेपर महाराष्ट्र में गणेश नाम के एक व्यक्ति से मंगाए जाने की बात भी पूछताछ में सामने आई है।
पुलिस इस कथित सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि सामग्री उपलब्ध कराने वाले लोगों की भूमिका क्या थी और नकली करेंसी की आपूर्ति कहां-कहां की गई।
तीनों आरोपियों की पहचान और मुकदमे का विवरण,,,
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार शुभम मूल रूप से ग्राम सांकरोत, थाना खेकड़ा, जनपद बागपत का निवासी है और वर्तमान में दिल्ली के नरेला में रह रहा था। दूसरा आरोपी महेंद्र ग्राम कनौठा, थाना सतपुली, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड का निवासी बताया गया है। तीसरे आरोपी टीनू का संबंध ग्राम दौलतपुर, थाना सरधना, जनपद मेरठ से है।
इस मामले में थाना बुढ़ाना पर मुकदमा संख्या 464/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में अभियोग दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, महेंद्र के विरुद्ध उत्तराखंड में भी एक पूर्व मामला दर्ज है। तीनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी बुढ़ाना गजेंद्रपाल सिंह और थाना प्रभारी सुभाष अत्री के नेतृत्व में की गई।
पुलिस अब बरामद जाली करेंसी, उपकरणों और अन्य सामग्री की जांच के साथ आरोपियों के संपर्कों तथा कथित नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि इस गिरोह ने कितनी जाली करेंसी तैयार की और कितनी रकम बाजार में चलाने में सफलता हासिल की।
पुलिस की आमजन से अपील,,,
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी 500 रुपये के नोट पर संदेह हो तो उसकी सावधानीपूर्वक जांच करें। संदिग्ध नोट को बाजार में चलाने के बजाय नजदीकी बैंक या पुलिस को इसकी सूचना दें, ताकि नकली करेंसी के प्रसार को रोका जा सके।
मुजफ्फरनगर पुलिस की इस कार्रवाई को नकली करेंसी के कथित कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और जाली नोटों के वितरण नेटवर्क के संबंध में जांच अभी जारी है। आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
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