October 1, 2026

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वाराणसी 1 अक्टूबर 26*प्रकृति की पाठशाला: कैंटोनमेंट बोर्ड मॉडल स्कूल के बच्चों ने जाना पर्यावरण व स्वच्छता का महत्व, रोपे पौधे

वाराणसी 1 अक्टूबर 26*प्रकृति की पाठशाला: कैंटोनमेंट बोर्ड मॉडल स्कूल के बच्चों ने जाना पर्यावरण व स्वच्छता का महत्व, रोपे पौधे

वाराणसी 1 अक्टूबर 26*प्रकृति की पाठशाला: कैंटोनमेंट बोर्ड मॉडल स्कूल के बच्चों ने जाना पर्यावरण व स्वच्छता का महत्व, रोपे पौधे

​वाराणसी: से नीलिमा राय की रिपोर्ट यूपीआजतक 

वाराणसी *नमामि गंगे और अन्नपूर्णा सामाजिक सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को छावनी स्थित कैंटोनमेंट बोर्ड मॉडल प्राइमरी स्कूल में बच्चों के लिए एक अनूठी और प्रेरणादायक ‘प्रकृति की पाठशाला’ का आयोजन किया गया। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नन्हे-मुन्ने बच्चों को किताबों की चारदीवारी से बाहर निकालकर सीधे प्रकृति के सानिध्य में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जल स्रोतों के महत्व से परिचित कराना था। इस दौरान बच्चों ने उत्साहपूर्वक पौधरोपण किया और पर्यावरण को स्वच्छ व हरा-भरा बनाए रखने का दृढ़ संकल्प लिया।

​स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की ली शपथ

कार्यक्रम के दौरान नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम वाराणसी के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला तथा अन्नपूर्णा सामाजिक सेवा समिति की अध्यक्ष नीलिमा राय ने संयुक्त रूप से छात्र-छात्राओं को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। वक्ताओं ने बच्चों को सरल शब्दों में समझाया कि किस प्रकार हमारे दैनिक जीवन की छोटी-छोटी आदतें पर्यावरण को नुकसान पहुँचा सकती हैं और कैसे थोड़े से सजग व्यवहार से हम अपने आसपास के वातावरण को शुद्ध रख सकते हैं। गंदगी से फैलने वाली घातक बीमारियों और नियमित साफ-सफाई से होने वाले शारीरिक व मानसिक लाभों के बारे में भी विस्तार से चर्चा की गई।

​पौधरोपण कर लिया सुरक्षा का संकल्प

कक्षाओं से निकलकर जब बच्चे खुले मैदान और हरियाली के बीच पहुँचे, तो उनका उत्साह देखने लायक था। विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों और अतिथियों के साथ मिलकर विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के छायादार और फलदार पौधे रोपे। केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि बच्चों ने प्रतिदिन उनकी देखरेख करने, पानी देने और उन्हें पूर्ण वृक्ष बनाने की जिम्मेदारी भी खुशी-खुशी स्वीकार की।

​नदियों और जल स्रोतों के प्रति किया गया जागरूक

प्रकृति की पाठशाला में बच्चों को जीवनदायिनी नदियों, विशेषकर माँ गंगा और अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। उपस्थित विशेषज्ञों ने बच्चों को बताया कि जल ही जीवन है और यदि हमने अभी से जल की बर्बादी नहीं रोकी तथा नदियों को स्वच्छ नहीं रखा, तो आने वाले समय में गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। बचपन से ही जल स्रोतों के प्रति आदर और संरक्षण का भाव विकसित करने के उद्देश्य से कई रोचक प्रसंग भी साझा किए गए।

​प्रश्नोत्तरी में बच्चों ने दिखाया उत्साह, मिले पुरस्कार

पर्यावरण पाठशाला को अधिक रोचक और ज्ञानवर्धक बनाने के लिए एक विशेष प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें पेड़-पौधों, पक्षियों, मौसम, जल चक्र और कचरा प्रबंधन से संबंधित प्रश्न पूछे गए। बच्चों ने बड़े ही आत्मविश्वास और उत्साह के साथ इन प्रश्नों के सही उत्तर दिए। सही उत्तर देने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को नमामि गंगे की टी-शर्ट, कैप और सिंगल-यूज प्लास्टिक के विकल्प के रूप में कपड़े के सुंदर थैले (झोले) भेंट कर पुरस्कृत और प्रोत्साहित किया गया।

​परिवार और समाज तक पहुँचेगा संदेश: राजेश शुक्ला

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने कहा कि गंदगी केवल दृश्य प्रदूषण नहीं है, बल्कि यह अनेक संक्रामक और गंभीर बीमारियों की जड़ है। स्वस्थ जीवन जीने के लिए व्यक्तिगत और सार्वजनिक स्वच्छता अनिवार्य है। उन्होंने रेखांकित किया कि बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पूरे परिवार और समाज को सकारात्मक दिशा में प्रभावित करती है। जब बच्चे विद्यालय में पौधरोपण, जल संरक्षण और कूड़ा न फैलाने का पाठ पढ़ते हैं, तो वे इस संदेश को अपने घरों, माता-पिता और पड़ोसियों तक पहुँचाते हैं। बच्चे समाज में एक प्रभावी ‘चेंज एजेंट’ (परिवर्तन के संवाहक) साबित होते हैं।

​संस्कृति और संस्कार से जुड़ेगा पर्यावरण संरक्षण: नीलिमा राय

अन्नपूर्णा सामाजिक सेवा समिति की अध्यक्ष नीलिमा राय ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति पूजन की सदियों पुरानी परंपरा रही है। बच्चों को बचपन से ही पेड़ों, नदियों और प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाना ही वास्तविक शिक्षा है। जब तक आने वाली पीढ़ी पर्यावरण के महत्व को गहराई से नहीं समझेगी, तब तक किसी भी बड़े अभियान की सार्थकता अधूरी रहेगी।

​कार्यक्रम में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति

इस प्रेरणादायी आयोजन में मुख्य रूप से नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला, विद्यालय की प्रधानाध्यापिका स्वर्णा जी, अन्नपूर्णा सामाजिक सेवा समिति की अध्यक्ष नीलिमा राय, नमामि गंगे महानगर प्रभारी पुष्पलता वर्मा, महानगर सहसंयोजक बीना गुप्ता, आयुष्मान सिंह सहित विद्यालय की समस्त शिक्षिकाएं, कर्मचारी और सैकड़ों की संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर ‘स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत’ और ‘गंगा सेवा ही राष्ट्र सेवा’ के नारों से गूंजता रहा।

Taza Khabar