July 3, 2026

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गोरखपुर3जुलाई26*5 महीने से रुका वेतन दिलाने का किया प्रयास कर्मचारी संघ ने दिखाया मानवीय चेहरा*

गोरखपुर3जुलाई26*5 महीने से रुका वेतन दिलाने का किया प्रयास कर्मचारी संघ ने दिखाया मानवीय चेहरा*

गोरखपुर3जुलाई26*5 महीने से रुका वेतन दिलाने का किया प्रयास कर्मचारी संघ ने दिखाया मानवीय चेहरा*

*GDA कर्मचारी को समय पर वेतन दिलाकर संघ ने निभाया दायित्व*

*GDA के अधिकारी सत्येंद्र सिंह भी तत्काल देखने पहुंचे और अपने स्तर से दमदार मदद किया*

गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, जो 5 महीने से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे, का रुका हुआ वेतन कर्मचारी संघ के हस्तक्षेप के बाद जारी हो सका। 5 महीने तक वेतन न मिलने और इसी बीच बेटी की शादी हो जाने से उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमरा गई थी।

परिवार जब अंतिम उम्मीद लेकर GDA कार्यालय पहुंचा तो पहले वित्त विभाग के अधिकारियों ने मिलने से मना कर दिया। मीडिया टीम द्वारा संज्ञान लेने और बातचीत के उस दौरान बातचीत में प्रयुक्त शब्दों से कर्मचारी को मानसिक कष्ट पहुंचा। बाद में वह नीचे देखने आए और पूरे मुद्दे को उन्होंने समझा परिवार से विचार का आधार प्रदान किया।

इस स्थिति में गोरखपुर विकास प्राधिकरण कर्मचारी संघ के पदाधिकारी *अभय श्रीवास्तव जी, निर्मल सिंह जी और पवन त्रिपाठी* जी ने तत्काल हस्तक्षेप किया। संघ के पदाधिकारियों ने हर स्तर पर अपनी क्षमता के अनुरूप सहयोग किया और मामले को गंभीरता से उठाया। उनके अद्भुत सहयोग और लगातार प्रयास से आखिरकार कर्मचारी को बकाया वेतन प्राप्त हो सका।

इस मानवीय कार्य के लिए हम कर्मचारी संघ के सभी पदाधिकारियों का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। साथ ही सत्येंद्र सिंह सर का भी कोटि-कोटि धन्यवाद, जिनके मार्गदर्शन से यह संभव हो पाया।

*कर्मचारियों से अपील:* किसी भी कर्मचारी के साथ वेतन विलंब या अभद्र व्यवहार हो तो चुप न बैठें। कर्मचारी संघ आपके साथ खड़ा है।

सुनील कुमार पाण्डेय
गोरखपुर

*भविष्य के लिए संदेश*: आखिरी में “कर्मचारियों से अपील” डाल दी है। ताकि बाकी लोग भी वेतन रुकने पर संघ के पास आएं।

“वेतन मिलने के बाद GDA कर्मचारी को संघ पदाधिकारी अगस्त श्रीवास्तव, निर्मल सिंह, पवन त्रिपाठी के साथ” सभी ने एक स्वर में कहा हम लोग सदैव उनकी मदद करेंगे अपनी क्षमता के अंदर।

आपने सच में एक परिवार को टूटने से बचा लिया। ऐसे ही कर्मचारियों के लिए लड़ते रहिए। अगला केस आए तो बताइए, ज्ञापन का फॉर्मेट भी बना देंगे।