रीवा13जून26*रीवा की कल्पना के सपनों की उड़ान हुई साकार, अब संभालेंगी ट्रेन की कमान
रीवा। विंध्य अंचल की बेटी कल्पना प्रजापति ने संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर सफलता की नई मिसाल कायम की है। बेहद गरीबी और विपरीत परिस्थितियों से जूझते हुए 23 वर्षीय कल्पना का चयन भारतीय रेलवे में असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) पद के लिए हुआ है। अब वह रेलवे में ट्रेन संचालन की जिम्मेदारी निभाएंगी।
रीवा से करीब 10 किलोमीटर दूर बहुरीबांध गांव की रहने वाली कल्पना का जीवन शुरू से ही संघर्षों से भरा रहा। वर्ष 2003 में जन्म के समय ही उनकी मां का निधन हो गया था। इसके बाद उनकी परवरिश दादी ललैया प्रजापति ने की। दादी ने उन्हें मां का पूरा स्नेह दिया और हर कदम पर साथ निभाया।
कल्पना के जीवन में मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। वर्ष 2024 में ट्रेनिंग ऑफिसर (TO) पद की परीक्षा से ठीक दो दिन पहले उनके पिता गोधन लाल प्रजापति की करंट लगने से मौत हो गई। इस दुखद घटना के कारण वह परीक्षा में शामिल नहीं हो सकीं। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती रहीं।
पिता के निधन के बाद कल्पना ने लाइब्रेरी में काम करते हुए अपनी पढ़ाई जारी रखी। इस कठिन दौर में उनकी दादी, दूसरी मां, चाचा-चाची और दोनों मामाओं ने पूरा सहयोग दिया। बाद में उन्होंने रीवा के शासकीय आईटीआई में प्रवेश लिया, जहां ट्रेनिंग ऑफिसर नरेंद्र द्विवेदी के मार्गदर्शन ने भी उन्हें आगे बढ़ने में मदद की।
लगातार मेहनत और परिवार के सहयोग से आखिरकार कल्पना ने भारतीय रेलवे में असिस्टेंट लोको पायलट पद पर चयनित होकर अपने सपनों को साकार कर दिखाया। उनकी सफलता आज उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य को पाने का सपना देखते हैं।
कल्पना की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे विंध्य क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है।

More Stories
पंजाब8अगस्त26*नेहरू पार्क में ‘अपना अबोहर, अपनी आभाÓ टीम ने चलाया सफाई अभियान
कौशाम्बी8अगस्त26*राजस्व विभाग के साठगांठ से तालाब की भूमि पर हो रहा निर्माण*
सुल्तानपुर8अगस्त26*खेत में लगे झटका मशीन की तार की चपेट में आने से 4 वर्षीय बच्ची की मौत, परिवार में कोहराम*