कौशाम्बी7जून2026*जन समस्याओं पर राजनीति भारी,अझुवा हाईवे की बदहाली पर उठे सवाल*
*प्रदेश में भाजपा सरकार होने के बाद भी डिप्टी सीएम ने सपा के सांसद विधायकों के सिर पर फोड़ा ठीकरा*
*अझुवा कौशाम्बी* प्रयागराज से चकेरी तक राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकांश हिस्से का छह लेन चौड़ीकरण हो चुका है। यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए जगह-जगह पुल,फ्लाईओवर और अन्य सुविधाएं विकसित की गई हैं,लेकिन आदर्श नगर पंचायत अझुवा का हिस्सा आज भी विकास की मुख्यधारा से अछूता दिखाई देता है। यही कारण है कि स्थानीय लोगों के बीच यह धारणा मजबूत होती जा रही है कि अझुवा हाईवे राजनीतिक उपेक्षा का शिकार बन गया है।प्रदेश में भाजपा सरकार होने के बाद भी डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सपा के सांसद विधायकों के सिर पर ठीकरा फोड़ दिया है ।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वर्षों से हाईवे के चौड़ीकरण, फ्लाईओवर अथवा बायपास निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी। परिणामस्वरूप बढ़ते यातायात दबाव के बीच दुर्घटनाओं का सिलसिला लगातार जारी है। लोगों का दावा है कि पिछले दो वर्षों में सड़क हादसों में 60 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जिससे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है।हाईवे की समस्या को लेकर स्थानीय स्तर पर कई बार आवाज उठाई गई। विभिन्न सामाजिक संगठनों,व्यापार मंडलों और जनप्रतिनिधियों ने भी समय-समय पर मांग रखी,वहीं समाचार पत्रों में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया जाता रहा। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं निकल सका।
बीते 5 जून को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के समक्ष जब अझुवा हाईवे की समस्या रखी गई तो उनके जवाब ने नई राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जिले में समाजवादी पार्टी के सांसद और विधायक हैं, इसलिए उन्हें भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाना चाहिए। उनके इस बयान के बाद स्थानीय लोगों में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिली।क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि सड़क सुरक्षा और जनहित जैसे मुद्दों को राजनीतिक दलों की प्रतिस्पर्धा से ऊपर रखकर देखा जाना चाहिए। उनका तर्क है कि सरकार किसी भी दल की हो, जनता को सुरक्षित यातायात और बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बाजार क्षेत्र में कई कट बंद कर दिए हैं। हालांकि इससे कुछ हद तक यातायात नियंत्रण में मदद मिली है।
लेकिन व्यापारियों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि मूल समस्या का समाधान अभी भी अधूरा है। उनका मानना है कि फ्लाईओवर,बायपास अथवा समुचित चौड़ीकरण ही स्थायी समाधान साबित हो सकता है।अब क्षेत्रवासियों की निगाहें शासन और प्रशासन पर टिकी हैं। लोगों का सवाल है कि जब पूरे मार्ग का आधुनिकीकरण हो चुका है तो आखिर अझुवा को इस सुविधा से कब तक वंचित रखा जाएगा। जनभावनाएं यही संकेत दे रही हैं कि क्षेत्र की सुरक्षा और विकास से जुड़े इस मुद्दे पर शीघ्र निर्णय लिया जाना समय की मांग है।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने जिस तरह से जिले के विकास को लेकर के समाजवादी पार्टी के सांसद और विधायकों के सिर पर ठीकरा फोड़ा है उससे सवाल खड़े हो गए हैं क्या कौशांबी के विकास से डिप्टी सीएम ने हाथ खड़े कर दिए हैं उत्तर प्रदेश में 2017 से लगातार भाजपा की सरकार होने के बाद क्या डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की कौशांबी के विकास की जवाब देही नहीं है डिप्टी सीएम द्वारा दिए गए बयान का वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है।

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