June 7, 2026

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हरदोई7जून2026*‘इज्जत’ के नाम पर खूनी पंचायत! बेटी को पीट-पीटकर मार डाला,फिर सांप और फांसी की पटकथा लिखते रहे घर के ‘जल्लाद

हरदोई7जून2026*‘इज्जत’ के नाम पर खूनी पंचायत! बेटी को पीट-पीटकर मार डाला,फिर सांप और फांसी की पटकथा लिखते रहे घर के ‘जल्लाद

हरदोई7जून2026*‘इज्जत’ के नाम पर खूनी पंचायत! बेटी को पीट-पीटकर मार डाला,फिर सांप और फांसी की पटकथा लिखते रहे घर के ‘जल्लाद

हरदोई के संडीला इलाके में रिश्तों ने ऐसा खूनी चेहरा दिखाया है,जिसने इंसानियत तक को शर्मिंदा कर दिया।जिस बेटी को उंगली पकड़कर चलना सिखाया,उसी को घर के भीतर बंद करके मौत तक पीटा गया। वजह? बस इतनी कि वह रात में घर से बाहर चली गई थी। “इज्जत” के ठेकेदार बने पिता और चाचाओं ने पहले बेटी की सांसें छीनीं, फिर उसकी लाश पर झूठ की ऐसी चादर डाली कि सुनकर रूह कांप जाए।कभी सांप काटने की कहानी गढ़ी गई,कभी फांसी का सीन बनाया गया,और आखिर में रात के अंधेरे में शव को जला कर समझ लिया कि सच भी राख हो जाएगा।

समदखेड़ा गांव की 19 वर्षीय शुभी की चीखें शायद उस घर की दीवारों में हमेशा कैद रहेंगी। आरोप है कि पिता रामदयाल, चाचा मुनेश, सुरेश और कल्लू ने उसे कमरे में घेर लिया और फिर “परिवार की इज्जत” के नाम पर दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं। लड़की रहम की गुहार लगाती रही, लेकिन अपनों के भीतर बैठे कसाई उसे तब तक पीटते रहे, जब तक उसकी सांसें थम नहीं गईं। मौत के बाद शुरू हुआ असली ‘हॉरर शो’ — पैरों में सुई चुभोकर सांप काटने का नाटक, गले पर निशान बनाकर आत्महत्या की पटकथा, और फिर गांव के बाहर बाग में चुपचाप अंतिम संस्कार। मानो बेटी नहीं, कोई सबूत जला रहे हों।

लेकिन कहते हैं ना, मां की ममता बड़े-बड़े झूठों की चिता जला देती है। मां मिथिलेशा ने डर के आगे घुटने नहीं टेके और सीधे थाने पहुंचकर अपने ही पति और रिश्तेदारों की खूनी करतूत खोल दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर रामदयाल, मुनेश, सुरेश और माधुरी को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने और आत्महत्या का रंग देने की बात भी सामने आई है। गांव में लोग दबी जुबान में कह रहे हैं— “अगर मां हिम्मत न करती, तो एक बेटी की हत्या को लोग किस्मत और सांप के खाते में डाल चुके होते।”

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