June 2, 2026

UPAAJTAK

TEZ KHABAR, AAP KI KHABAR

लखनऊ2जून26*कागज़ों में ‘हर घर जल’, हकीकत में ‘हर घर संकट’!

लखनऊ2जून26*कागज़ों में ‘हर घर जल’, हकीकत में ‘हर घर संकट’!

लखनऊ2जून26*कागज़ों में ‘हर घर जल’, हकीकत में ‘हर घर संकट’!
लखनऊ। सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं और चमकदार दावों के बीच राजधानी की कई बस्तियों और मोहल्लों में हकीकत बेहद चिंताजनक नजर आ रही है। नलों से शुद्ध पेयजल की जगह सीवर मिश्रित बदबूदार पानी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे लोगों में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि एक ओर सरकार “हर घर जल” योजना की सफलता के आंकड़े गिना रही है, वहीं दूसरी ओर लोग साफ पानी की एक बाल्टी के लिए परेशान हैं। कई क्षेत्रों में नलों से आने वाला पानी इतना दूषित बताया जा रहा है कि उसका उपयोग पीने तो दूर, घरेलू कार्यों में भी मुश्किल हो रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब आम नागरिक को शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं हो पा रही है, तब विकास और सुशासन के बड़े-बड़े दावों पर जनता कैसे विश्वास करे? कागज़ों में योजनाएं सफल दिखाई जा सकती हैं, लेकिन ज़मीन पर यदि लोगों के घरों तक बीमारी पहुंचाने वाला पानी आ रहा है, तो यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि जनस्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है।
जनता अब जवाब मांग रही है—आखिर “हर घर जल” का सपना कब “हर घर स्वच्छ जल” की हकीकत बनेगा, और दूषित पानी की समस्या पर जिम्मेदार अधिकारी कब कार्रवाई करेंगे?