May 2, 2026

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लखनऊ/सुल्तानपुर*2 मई, 2026* गोमती नदी के उद्गगमस्थल को अतिक्रमण मुक्त कराने एवं 'आदि गंगा' गोमती के संरक्षण हेतु 8 सूत्रीय मांग*

लखनऊ/सुल्तानपुर*2 मई, 2026* गोमती नदी के उद्गगमस्थल को अतिक्रमण मुक्त कराने एवं ‘आदि गंगा’ गोमती के संरक्षण हेतु 8 सूत्रीय मांग*

लखनऊ/सुल्तानपुर*2 मई, 2026* गोमती नदी के उद्गगमस्थल को अतिक्रमण मुक्त कराने एवं ‘आदि गंगा’ गोमती के संरक्षण हेतु 8 सूत्रीय मांग*
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*विषय: पीलीभीत माधव टांडा स्थित गोमती नदी के उद्गगमस्थल को अतिक्रमण मुक्त कराने एवं ‘आदि गंगा’ गोमती के संरक्षण हेतु 8 सूत्रीय मांग*

*”मैं गोमती हूं… मेरा अस्तित्व बचाओ”* – दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर ने उत्तर प्रदेश की जीवनरेखा गोमती नदी की दयनीय स्थिति को उजागर किया है। जनता दल यूनाइटेड, प्रबुद्ध प्रकोष्ठ, उत्तर प्रदेश इस पर गहरी चिंता व्यक्त करता है और सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग करता है।

पीलीभीत के माधव टांडा से निकलकर शाहजहांपुर, लखीमपुर, सीतापुर, लखनऊ, बाराबंकी, सुल्तानपुर, जौनपुर होते हुए वाराणसी में गंगा में समाहित होने वाली ‘आदि गंगा’ गोमती आज अतिक्रमण, प्रदूषण और उपेक्षा के कारण अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है। 1884 की तुलना में इसका प्रवाह क्षेत्र सिकुड़ चुका है और 1964-65 के बाद सरकारी अभिलेखों से भी गायब हो गया है।

*जनता दल यूनाइटेड, प्रबुद्ध प्रकोष्ठ की प्रमुख 8 मांगें:*

1. *उद्गगम स्थल अतिक्रमण मुक्त हो:* पीलीभीत माधव टांडा स्थित गोमती के उद्गम स्थल पर हुए समस्त अतिक्रमण को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाए।
2. *प्राकृतिक जल स्रोत अविरल रहें:* गोमती नदी के सभी प्राकृतिक जल ग्रहणस्रोतों को अविरल रहने दिया जाए, उन पर कोई बांधा या रुकावट न हो।
3. *नालों को तत्काल टैप किया जाए:* गोमती नदी में गिरने वाले समस्त नालों को तत्काल टैप किया जाए।
4. *केवल शोधित जल ही छोड़ा जाए:* किसी भी दशा में अशोधित जल गोमती नदी में न छोड़ा जाए, केवल मानक के अनुरूप शोधित जल ही प्रवाहित हो।
5. *कूड़ा डालना पूर्णतः प्रतिबंधित हो:* गोमती नदी में और गोमती नदी के किनारों पर कूड़ा-करकट डालना तत्काल व कठोरता से प्रतिबंधित किया जाए।
6. *वृहद सफाई अभियान चलाया जाए:* गोमती नदी की संपूर्ण सफाई कराई जाए जिससे उसकी जल ग्रहण क्षमता बढ़े। वर्तमान में गर्मियों में नदी एकदम सूख जाती है।
7. *सघन वृक्षारोपण कराया जाए:* गोमती के दोनों किनारों पर सघन वृक्षारोपण एवं फलदार वृक्षों को लगाया जाए ताकि भू-जल स्तर बढ़े और कटान रुके।
8. *जल पर्यटन को बढ़ावा मिले:* गोमती नदी में जल यात्रा एवं जल पर्यटन को बढ़ाया जाए जिससे स्थानीय रोजगार सृजित हो और नदी से जनता का जुड़ाव बढ़े।

गोमती केवल नदी नहीं, अवध की संस्कृति, सभ्यता और लाखों लोगों की आस्था का प्रतीक है। ‘श्रमेव जयते’ की भावना से प्रेरित होकर हम मांग करते हैं कि सरकार गोमती को उसका खोया हुआ गौरव लौटाए। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो जदयू प्रबुद्ध प्रकोष्ठ जन-जागरण अभियान चलाकर सरकार का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराएगा।

*ओम प्रकाश उपाध्याय*
*प्रदेश अध्यक्ष, प्रबुद्ध प्रकोष्ठ*
*जनता दल यूनाइटेड, उत्तर प्रदेश*
*मो. 8787046380*
*कार्यालय: 21 अंबेडकर मार्केट, विकास भवन के बगल तिकुनिया पार्क सुल्तानपुर*

 

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