February 28, 2026

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कानपुर नगर 28 फ़रवरी 26*आज महापौर @ अम्मा होली के त्योहार के लिए शुभकामनाएं देने और कार के शोरूम का फीता काटने में व्यस्त हैं*

कानपुर नगर 28 फ़रवरी 26*आज महापौर @ अम्मा होली के त्योहार के लिए शुभकामनाएं देने और कार के शोरूम का फीता काटने में व्यस्त हैं*

*Breaking News kanpur*

कानपुर नगर 28 फ़रवरी 26*आज महापौर @ अम्मा होली के त्योहार के लिए शुभकामनाएं देने और कार के शोरूम का फीता काटने में व्यस्त हैं*

*शहर की महापौर प्रमिला पांडेय जिनको शहर की जनता अम्मा कहते नहीं थक रही है तो वहीं अम्मा होली के त्योहार के लिए शुभकामनाएं देने और कार के शोरूम का फीता काटने में व्यस्त हैं*

*भ्रष्टाचार और लापरवाही का खेल खुलकर उजागर हो चुका है, लेकिन नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय भ्रष्टाचार की मोटी चादर ताने गहरी नींद ले रहे*।

*शहर के जनप्रतिनिधियों ने अपनी अपनी कुर्सियां राजनीतिक दलों की बैठकों में सेट करने में व्यस्त हो चुके हैं तो वहीं सांसद से लेकर बड़े नामचीन हस्तियां पूर्व की योजनाओं का उद्घाटन कर वाह वाही बटोर रहे हैं*

*एक ओर सरकारी कागज़ों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) संतोषजनक दिखाया जा रहा है, तो दूसरी ओर शहर के कई इलाकों में कूड़े के डंपिंग यार्ड में आग लगने से उठता जहरीला धुआं लोगों की सांसें छीन रहा है*।

*खासतौर पर कानपुर के A टू Z डंपिंग क्षेत्रों और पनकी इलाके में हालात बदतर बताए जा रहे हैं। किसानों पर पराली जलाने को लेकर सख्ती दिखाने वाले नेतागढ़ और संबंधित विभाग शहर के भीतर जलते कूड़े पर चुप्पी साधे बैठे हैं*।

*पनकी क्षेत्र के स्थानीय लोगों का आरोप है कि गंभीर बीमारियों के चलते अस्पतालों में भीड़ बढ़ रही है, लेकिन जिम्मेदार महकमे आंकड़ों का खेल दिखाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं*।

*नगर निगम और संबंधित विभागों पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रीन बेल्ट कूड़े से पटते जा रहे हैं, अवैध मोरंग मंडियों का संचालन खुलेआम हो रहा है बल्कि 50 फिट का स्टेट हाइवे अब 12 फिट का रह गया और मानक नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं*।

*“स्मार्ट सिटी” और “ग्रीन कानपुर, क्लीन कानपुर” जैसे वादे सिर्फ जनप्रतिनिधियों और विभागों के अधिकारियों के निवास तक सिमट गए हैं। जनता का आरोप है कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि खामोश हैं, जबकि आम नागरिक जहरीली हवा में जीने को मजबूर है*।

*शहर में बढ़ते भ्रष्टाचार और प्रशासनिक उदासीनता ने हालात ऐसे बना दिए हैं कि लोग खुद को अपने हाल पर छोड़ा हुआ महसूस कर रहे हैं*।

Taza Khabar