February 18, 2026

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पूर्णिया बिहार 29 नवंबर 25*बिहार में कांग्रेस को का ख ग से शुरुआत का समय :*इन्तेखाब आलम*

पूर्णिया बिहार 29 नवंबर 25*बिहार में कांग्रेस को का ख ग से शुरुआत का समय :*इन्तेखाब आलम*

पूर्णिया बिहार 29 नवंबर 25*बिहार में कांग्रेस को का ख ग से शुरुआत का समय :*इन्तेखाब आलम*

पूर्णिया बिहार से मोहम्मद इरफान कामिल की खास रिपोर्ट यूपी आज तक

पूर्णिया बिहार। बिहार विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद पैदा हुई परिस्थितियों पर अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य इन्तेखाब आलम ने कहा कि यह समय निराशा का नहीं, बल्कि एक व्यापक, सार्थक और एकजुट पुनर्निर्माण का अवसर है। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद पार्टी के भीतर चली चर्चाएँ, मतभेद, टिप्पणियाँ और विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएँ स्वाभाविक हैं, लेकिन अगर कांग्रेस को बिहार में मजबूती से खड़ा करना है, तो पूरी ताक़त के साथ आगे बढ़ने का यही सही समय है। श्री आलम ने कहा कि कांग्रेस जैसी विचारधारा आधारित पार्टी की वास्तविक शक्ति उसके कार्यकर्ताओं की प्रतिबद्धता, संगठन की संस्कृति और आपसी सहयोग में निहित होती है। उन्होंने कहा कि आज भी देश की राजनीतिक स्थितियों में यदि भारतीय जनता पार्टी के सामने कोई राष्ट्रीय विकल्प दिखाई देता है, तो वह केवल कांग्रेस है—और यह भरोसा जनता का नहीं, इतिहास का दिया हुआ है।
इन्तेखाब आलम ने कहा कि हाल के चुनाव परिणामों से सबक लेते हुए बिहार कांग्रेस को अब एक नई शुरुआत करनी चाहिए। किसी पर आरोप लगाना, किसी के खिलाफ बोलना या आपसी दूरी बढ़ाना न तो पार्टी की परंपरा है और न ही परिस्थिति की मांग। श्री आलम ने कहा कि कांग्रेस को अपनी वही पुरानी पहचान पुरानी पहचान के लिए पुनः का ख ग से शुरू करना होगा और मूल सिद्धांतों और साफ शुरुआत—के साथ आगे बढ़ना चाहिए, जिसमें एकता, अनुशासन, संवाद और संगठनात्मक स्पष्टता प्रमुख आधार रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हार किसी यात्रा का अंत नहीं होती, बल्कि एक नए मार्ग की शुरुआत का संकेत होती है। कांग्रेस ने संघर्ष से हमेशा अपनी जगह बनाई है और बिहार में भी नई ऊर्जा जोड़ने का अवसर पूरी तरह मौजूद है।
श्री आलम ने कहा कि यदि जिला, ब्लॉक और प्रदेश स्तर पर बैठे सभी साथी आपस में बातचीत कर, मनमुटाव दूर कर और साझा लक्ष्य तय कर आगे बढ़ें, तो कांग्रेस की स्थिति न केवल सुधरेगी बल्कि मजबूत रूप से उभरकर सामने आएगी। उन्होंने कहा कि इस समय किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि संगठन की मजबूती की आवश्यकता है, और यही संदेश हर कांग्रेसी साथी तक पहुँचना चाहिए।
इन्तेखाब आलम ने अंत में कहा कि बिहार की जनता आज भी कांग्रेस की राजनीतिक और वैचारिक स्थिरता पर विश्वास करती है, इसलिए यह ज़रूरी है कि हम सब मिलकर एक सकारात्मक वातावरण तैयार करें और कांग्रेस को उसके गौरवशाली स्वरूप के साथ फिर से जीवंत बनाएं। उन्होंने सभी कांग्रेसजनों से अपील की कि नई शुरुआत को अपना संकल्प बनाएं और एकजुट होकर आगे बढ़ें, क्योंकि कांग्रेस की विचारधारा जीवित है और सामूहिक प्रयासों से वह और भी अधिक सशक्त होकर आगे आएगी।

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