अब्दुल जब्बार
अयोध्या04दिसम्बर*धान क्रय केंद्रों पर धान की खरीद बंद
सम्पूर्ण समाधान दिवस में आ रहे जिलाधिकारी का घेराव करेंगे किसान……..दिनेश दूबे
भेलसर(अयोध्या)धान क्रय केंद्रों से धान की उठान न होने के चलते धान क्रय केंद्रों पर धान की खरीद बंद हो गई है।धान खरीद बंद होने से किसान व्यापारियों ओने पौने कीमत में धान बेचने के लिए विवश हैं।
मालूम हो कि लगभग 1 माह पहले शुरू हुई धान खरीद अभी तक रफ्तार नहीं पकड़ सकी है केंद्रों पर किसानों की ट्रालियां हफ्तों खड़ी रहती हैं खरीद केंद्रों पर धान की खरीद शुक्रवार से बंद हो गई है।क्रय केंद्र पर पहले से खरीदे गए धान को कुटाई के लिए मिल मालिक नहीं ले रहे हैं।धान मिल मालिकों की हड़ताल के चलते धान की खरीद बंद है।राजकीय धान क्रय केंद्र रूदौली में शुक्रवार को धान खरीद बंद है।कई दिन से किसानों की धान लदी ट्राली सेंट्रो पर खड़ी है।कही बोरा न होने और कही खरीदे गए धन को रखने का स्थान नही है।बरौली,गणेशपुर व अन्य समितियों पर धान की तौल बहुत कम है धान के क्रय प्रभारियों द्वारा बताया जा रहा है कि बोरा नहीं है और धान मिलो से कुटाई का एग्रीमेंट नहीं हुआ है।मिल मालिक कुटाई के लिए धान नहीं ले रहे हैं।
गेहूं व अन्य फसल की बुवाई गन्ने की बुआई व कटाई से हलकान किसान धान का उचित मूल्य न मिलने से दोहरी मार झेल रहे है।भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव दिनेश दुबे ने क्रय केंद्रों पर धान खरीद बंद होने पर नाराजगी जताई।कहा कि किसान धान खरीद बंद होने से 11सौ से 12 सौ रुपये में व्यरियो को बेचने के लिए विवश है।किसानों को सरकार से घोषित रु 1940 प्रति कुंतल का मूल्य नही मिल पा रहा है।एमएसपी पर किसानों की धान की खरीद हो रही है।धान खरीद न होने को लेकर किसान शनिवार को तहसील समाधान दिवस में आ रहे जिलाधिकारी अयोध्या का घेराव करेंगे।क्षेत्रीय विपणन अधिकारी पीयूष श्रीवास्तव ने बताया कि राजकीय केंद्र रुदौली पर धान खरीदने के बाद रखने का स्थान न होने की वजह से खरीद नहीं की गई है।शनिवार को एक धान मिल से धान कुटाई का एग्रीमेंट हुआ है।एग्रीमेंट होने के बाद धान की कुटाई शुरू होने पर धान खरीद में तेजी आ जाएगी।

More Stories
कौशाम्बी 7 मार्च 26*यूपीआजतक न्यूज चैनल पर कौशाम्बी की कुछ महत्वपूर्ण खबरें
कौशाम्बी 7 मार्च 26*आपसी सौहार्द को मजबूत करता है होली पर्व ~ अविनाश पाण्डेय*
कौशाम्बी 7 मार्च 26*जनपद की शालिनी का आईएएस 2026 में हुआ चयन*इतिहास के पन्नों में फिर जनपद का नाम हुआ रोशन*