कानपुर नगर01मार्च24*मर्चेंट चैंबर ऑफ़ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष श्री अभिषेक सिंघानिया जी के अथक प्रयासों से चैम्बर नित्य नए आयाम को प्राप्त कर रहा है
मर्चेंट चैंबर ऑफ़ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष श्री अभिषेक सिंघानिया जी के अथक प्रयासों से चैम्बर नित्य नए आयाम को प्राप्त कर रहा है एवं नई ऊंचाइयों को गढ़ने के लिए और भी अधिक सक्षम हो रहा है। इस श्रृंखला में मर्चेंट चेंबर के अध्यक्ष श्री अभिषेक जी ने कानपुर की उद्योग व व्यापारी तथा समस्त जनहित को हवाई यात्रा में आ रही असुविधाओं से राहत पहुंचाने की दिशा में, जिसमें हवाई यात्रा की दक्षता न बढ़ने का कारण सम्बंधित समाधान तथा कानपुर से भविष्य में की जाने वाली हवाई यात्रा को किस प्रकार से बढ़ाया जा सकता है जैसे शोध, सम्मिलित है।
इस सम्बन्ध में मर्चेंट्स चैम्बर ने,”तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता: बेहतर उड़ान कनेक्टिविटी के लिए कानपुर हवाई अड्डे पर ए.टी.सी. (एयर ट्रैफिक कण्ट्रोल) शिफ्ट में वृद्धि” विषय पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक पत्र श्री गिरिधर अरमाने जी, आईएएस, रक्षा सचिव, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार, को प्रेषित किया है।
इसमें विशेष रूप यह दर्शाया गया है कि कानपुर हवाई अड्डा इस क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र के रूप में कार्य करता है, जो दिल्ली और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों से कनेक्टिविटी की (सीमित उपलब्धता) की सुविधा प्रदान करता है। हालाँकि, एटीसी का वर्तमान परिचालन सेटअप, जिसे वायु सेना द्वारा रक्षा हवाई अड्डे के रूप में नियंत्रित किया जाता है, हवाई अड्डे की दक्षता और पहुंच के लिए महत्वपूर्ण चुनौतियां प्रस्तुत करता है। यह कमी यात्रियों के लिए यात्रा की सुविधा और लचीलेपन को गंभीर रूप से प्रभावित करती है और क्षेत्र में हवाई परिवहन की बढ़ती मांगों को पूरा करने के लिए हवाई अड्डे की क्षमता को बाधित करती है।
गहनता से अध्ययन करने पर यह पाया गया कि इस समस्या का मूल कारण (कानपुर) हवाई अड्डे पर एटीसी कर्मियों की एकल-शिफ्ट में निहित है। वर्तमान में, एटीसी की दिन में केवल एक शिफ्ट संचालित होती है। यह व्यवस्था न केवल हवाई सेवाओं की निरंतरता को बाधित करती है, बल्कि हवाई उड़ानों के पीक आवर्स के दौरान अतिरिक्त उड़ान को भी सीमित करती है तथा प्रातः और सायंकाल हवाई उड़ान में गतिरोध उत्पन्न करती है।
इस समस्या या चुनौती को प्रभावी ढंग से निबटने के लिए, सप्ताह के समस्त दिनों में एटीसी कर्मचारियों द्वारा एकल शिफ्ट की जगह दोहरी-शिफ्ट कार्यप्रणाली होनी चाहिए। परिचालन के घंटों को बढ़ाया जाना चाहिए जिससे हम उड़ान आवृत्ति में वृद्धि, यात्री सुविधा में वृद्धि और हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे के उपयोग को अनुकूलित कर सकते हैं। उपरोक्त समाधानों से न केवल क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी सेवा की दक्षता व उत्कृष्टता को बढ़ावा मिल सकेगा बल्कि आर्थिक विकास को भी एक नया उत्थान प्राप्त हो सकेगा तथा नए क्षेत्रों जैसे हैदराबाद, पूना, कलकत्ता, अहमदाबाद, बैंगलोर, श्रीनगर जैसे स्थानों के लिए हवाई यात्रा तुरंत शुरू की जा सकेगी।
हमें पूर्ण आशा है कि, चैम्बर द्वारा जनहित में किये गए इस कार्य को अपने प्रतिष्ठित समाचार-पत्र में प्रमुखता से स्थान देने की कृपा करें जिससे समस्त कानपुरवासी चैम्बर द्वारा चतुर्मुखी हित में की जा रही सक्रिय गतिविधियों से अवगत हो सकें।

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