February 12, 2026

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कौशाम्बी19फरवरी24*यूपीआजतक न्यूज़ चैनल पर कुछ खास खबरें

कौशाम्बी19फरवरी24*यूपीआजतक न्यूज़ चैनल पर कुछ खास खबरें

[19/02, 2:42 pm] +91 99191 96696: *21 फरवरी को आएंगी स्मृति जुबेन ईरानी*

*कौशांबी।* महिला बाल विकास मंत्री स्मृति जुबेन ईरानी 21 फरवरी को जिले के मंझनपुर क्षेत्र के टेवा स्टेडियम आ रही है सांसद महिला खेल महोत्सव कार्यक्रम में स्मृति जुबेन ईरानी शामिल होंगी उक्त जानकारी सूचना विभाग ने दिया है।

[19/02, 2:42 pm] +91 99191 96696: *बूंद बूंद पानी को तरस रही है नगर पालिका क्षेत्र की जनता*

*दोषी ठेकेदार और अधिकारियों को बचाने के चक्कर में पाइप लाइन में वर्षों बाद भी पानी की नही शुरू हुई सप्लाई*

*कौशाम्बी।* नगर पालिका परिषद मंझनपुर के अधिकारियों की लापरवाही भ्रष्टाचार का खामियाजा आम जनता भुगत रही है बूंद बूंद पानी के लिए नगर पालिका क्षेत्र की जनता तरस रही है लेकिन उसके बाद पानी सप्लाई की व्यवस्था नहीं शुरू की गई है कुछ दिनों में गर्मी का सीजन आने वाला है और पानी की समस्या बढ़ जाएगी लेकिन पानी सप्लाई की व्यवस्था में नगर पालिका ने कदम नहीं बढ़ाई हैं एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि हर घर जल हर घर नल के जरिए गांव-गांव पानी दिया जाएगा लेकिन नरेंद्र मोदी की योजना मंझनपुर मुख्यालय जैसे अति विशिष्ट स्थान पर लागू नहीं हो सकी है नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी ठेकेदारों के गुलाम बनकर काम करते हैं हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आदेश नगर पालिका मंझनपुर में लागू होता नहीं दिख रहा है

नगर पालिका परिषद मंझनपुर के ओसा रोड की पाइपलाइन मंझनपुर चौराहा से बस स्टॉप तक बिछाए जाने के नाम पर नगर पालिका का भारी भरकम रकम वर्षो पूर्व खर्च कर ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया घटिया क्वालिटी के पाइपलाइन डालकर कार्य करने वाले ठेकेदार से बिभाग की अधिकारियों ने साठगांठ मोटा कमीशन वसूल लिया जांच के दौरान इस बात का खुलासा भी हुआ और जिम्मेदारों ने आशंका जाहिर की है कि यदि पाइप लाइन में पानी की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी तो घटिया क्वालिटी का पाइप फट जाएगा और जगह-जगह पाइप लीकेज होगा जिसके चलते दोषी ठेकेदार और अधिकारियों को बचाने के चक्कर में पाइप लाइन में वर्षों बाद में पानी की सप्लाई नगर पालिका ने नहीं शुरू की है जिससे नगर पालिका के भ्रष्टाचार का अंदाजा लगाया जा सकता है पानी की सप्लाई शुरू ना होने से नगर पालिका की जनता बूंद बूंद पानी के लिए तरस रही है सरकार की उन योजनाओं का क्या मतलब है जो योजना जनहित में लागू न हो सके जनता के उपयोग में योजनाएं ना आ सके करोड़ों खर्च कर पाइपलाइन बिछाए जाने के इस मामले में यदि सूबे के मुख्यमंत्री ने जांच कराई तो नगर पालिका परिषद मंझनपुर के कार्यदायी संस्था अधिशासी अधिकारी और अध्यक्ष के ऊपर गाज गिरना तय है

गौर तलब है कि पुराने पाइप लाइन से नगर वासियों को पानी की सप्लाई मिल रही थी लेकिन यह कहकर नई पाइपलाइन बिछाए जाने का टेंडर स्वीकृत कर दिया कि पुराने पाइप लाइन से पानी कम मिलता है और नई पाइपलाइन के बाद ज्यादा पानी मिलेगा नए टेंडर के तहत पाइपलाइन बिछाए जाने के दौरान पुराने पाइप लाइन से कनेक्शन काट दिए गए जिससे उपभोक्ताओं को पानी मिलना बंद हो गया डेढ़ वर्ष पहले पाइप लाइन बिछाए जाने में नगर पालिका का भारी भरकम बजट खर्च कर दिया गया लेकिन वर्षो बीत जाने के बाद नगर वासियों को पानी की सप्लाई नहीं शुरू हुई है पुरानी पाइपलाइन से कनेक्शन काट दिए गए थे लेकिन नगर पालिका के अधिकारियों के अंधेरगर्दी की हद तो तब हो गई जब पुराने पाइप लाइन के कनेक्शन धारकों के पानी के बिल की वसूली नहीं बंद हुई है। पानी का बिल देने के बाद एक बूंद पानी नगर पालिका से मिलने की उम्मीद जनता को नहीं रह गई है

नगर पालिका परिषद मंझनपुर के ओसा रोड में लगभग 200 परिवार के लोग दो वर्ष से पानी के लिए तरस रहे हैं विभाग को पानी का बिल भी जमा कर रहे हैं हेरा फेरी फ्रॉड कर विभाग के अधिकारियों ने पानी कनेक्शन धारकों से लाखों रुपए की रकम तो विभाग के नाम पर वसूली कर ली है और जिन कनेक्शन धारकों ने पानी सप्लाई न मिलने पर बिल का भुगतान नहीं किया है उनके ऊपर बकाया बताया जा रहा है अब सवाल उठता है कि जब पानी की सप्लाई नगर पालिका नहीं दे पा रहा है तो बिल वसूली का उसे क्या अधिकार है आखिर हेरा फेरी धोखाधड़ी फ्रॉड करने की इनको नसीहत किस नेता अधिकारी ने दिया है किसके दम पर नगर पालिका के कुर्सी पर बैठकर हेरा फेरी धोखाधड़ी फ्रॉड किया जा रहा है जिससे योगी सरकार की छवि धूमिल हो रही है।नगर पालिका के ओसा रोड मोहल्ले के लोगों को बीते दो वर्षो से पानी की सप्लाई नहीं दी जा रही है पूर्व में उपभोक्ताओं को बिना पानी दिए जमा कराया गया पानी बिल की रकम का भुगतान उन्हें वापस कराया जाए बकाया बिल माफ किया जाए गलत वसूली करने वाले अधिकारियों को निलंबित किया जाए पानी बिल के नाम पर गलत तरीके से वसूली करने वाले नगर पालिका के अधिकारियों के ऊपर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी कराई जाए और दो वर्षो से जिन नगर वासियों को पानी नहीं मिला है उस क्षेत्र में तत्काल पानी की सप्लाई शुरू कराई जाए वरना नगर क्षेत्र के लोगों का आक्रोश सड़क पर उतर सकता है जिसका खामियाजा कानून व्यवस्था को भुगतना पड़ सकता है।

[19/02, 2:42 pm] +91 99191 96696: *डीएम को हकीकत से गुमराह कर बोर्ड परीक्षा की बैठक संपन्न कराने में फिर सफल हुए डीआईओएस*

*तमाम इस तरह के विद्यालयों को बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाया गया है जिनकी मान्यता ही सवालों के घेरे में है*

*कौशाम्बी।* यूपी बोर्ड परीक्षा की व्यवस्था कौशाम्बी में एक बार फिर सवालों के घेरे में है जिला अधिकारी को गुमराह करते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक ने बोर्ड परीक्षा की बैठक संपन्न कर ली है बीते बोर्ड परीक्षा की तरह इस वर्ष भी उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा में आयोग्य शिक्षकों के हाथ कक्ष निरीक्षक और आयोग्य प्रधानाचार्य के हाथ केंद्र व्यवस्थापक की जिम्मेदारी सौंप कर शिक्षा माफियाओं को मंसूबे में सफल होने के आशीर्वाद देते हुए कथित नकल बिहीन बोर्ड परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी है जिनके पास शिक्षकों की योग्यता नहीं है उन्हें जिम्मेदारी बोर्ड परीक्षा की सौपी जा रही है आरोग्य शिक्षकों के हाथ बोर्ड परीक्षा की जिम्मेदारी सौपने की शिक्षा विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है बोर्ड परीक्षा नियमावली की अनदेखी कर आयोग्य शिक्षकों को कैसे कक्ष निरीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है आखिर इनसे कैसे पारदर्शी तरीके से नकल विहीन परीक्षा संपन्न कराने में शिक्षा विभाग सफल होगा यह सवालों के घेरे में है लेकिन गलत लोगों को कक्ष निरीक्षक बनाए जाने और गलत लोगों को केंद्र व्यवस्थापक बनाए जाने का यह मामला बेहद गंभीर है और इस मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारी सवालों के घेरे में है लेकिन बोर्ड परीक्षा में इन सवालों पर अभी तक जांच कर व्यवस्था सुधारने का प्रयास नहीं किया गया है।

बोर्ड परीक्षा में धांधली की हकीकत उजागर ना हो इसके भरसक प्रयास शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा किए जाते हैं पत्रकारों के प्रवेश पर भी बोर्ड परीक्षा केंद्र में रोक लगा दी जाती है जबकि सरकार की ओर से इस तरह की कोई गाइडलाइन नहीं है आम जनता तक बोर्ड परीक्षा के अंदर की हकीकत पहुंचने से रोकने की पूरी कोशिश शिक्षा विभाग और उनके अधिकारी करने का प्रयास करते हैं कानून नियम के विपरीत बोर्ड परीक्षा केंद्र में केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षकों की तैनाती कराकर बोर्ड परीक्षा कराए जाने के पीछे जिला विद्यालय निरीक्षक की मंशा क्या है आखिर बिना योग्यता के बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लगाने के पीछे विद्यालय संचालक और जिला विद्यालय निरीक्षक की क्या साठगांठ है यह बड़ी जांच का विषय है आयोग से चयनित कितने प्रधानाचार्य उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा में केंद्र व्यवस्थापक बनाए गए हैं यह बड़ी जांच का विषय है और वित्त विहीन विद्यालय के बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाए जाने के बाद कितने योग्य शिक्षकों को कक्ष निरीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है और कितने कथित शिक्षकों को बोर्ड परीक्षा कराने की जिम्मेदारी देकर कक्ष निरीक्षक बना दिया गया है यह बड़ी जांच का विषय है।

बीते वर्ष की बोर्ड परीक्षा की तरह इस बार फिर नकल माफिया बोर्ड परीक्षा में अपने मकसद में सफल होते दिख रहे हैं बोर्ड परीक्षा कराए जाने में हमेशा शिक्षा विभाग सवालों के घेरे में रहा है बीते 18 वर्षों के दौरान कई जिला विद्यालय निरीक्षक बोर्ड परीक्षा के बाद निलंबित किए गए हैं उन पर शिक्षा माफियाओं से साथ गांठ कर नकल न रोकने का आरोप लगा है इस बार भी बोर्ड परीक्षा केंद्र में नकल माफिया और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की जुगलबंदी हो चुकी है जो अन्य अधिकारियों को बोर्ड परीक्षा केंद्र के अंदर की हकीकत से गुमराह करने का प्रयास करेंगे इस तरह के तमाम विद्यालयों को बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाया गया है जिनकी मान्यता ही सवालों के घेरे में है बोर्ड परीक्षा के संपूर्ण प्रकरण की शासन स्तर से उच्च स्तरीय जांच हुई तो बीते वर्षों की तरह इस वर्ष भी शिक्षा विभाग और शिक्षा माफियाओं के जुगलबंदी का उजागर होना तय है।

 

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