September 14, 2026

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मथुरा14 सितंबर 26*पंचायतीराज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के चुनाव को लेकर विवाद, निष्पक्ष जांच की मांग

मथुरा14 सितंबर 26*पंचायतीराज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के चुनाव को लेकर विवाद, निष्पक्ष जांच की मांग

मथुरा14 सितंबर 26*पंचायतीराज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ, के चुनाव को लेकर विवाद, निष्पक्ष जांच की मांग

मथुरा, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश पंचायतीराज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ, मथुरा की गत 14 फरवरी 2026 को संपन्न कथित जिला स्तरीय नामांकन एवं निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। चुनाव प्रक्रिया की वैधता और पारदर्शिता को लेकर संघ के पूर्व अध्यक्ष एवं शिकायतकर्ता राकेश कुमार ने जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ), मथुरा को प्रार्थना पत्र सौंपकर पूरे मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराए जाने की मांग की है।
शिकायतकर्ता राकेश कुमार के अनुसार, 14 फरवरी 2026 को आयोजित जिला स्तरीय नामांकन और निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान संघ के बायलॉज यानी नियमावली का कथित रूप से पालन नहीं किया गया। उनका आरोप है कि कुछ पात्र कर्मचारियों को नामांकन और चुनाव प्रक्रिया में समान अवसर नहीं मिल पाया। इसको लेकर उनके द्वारा पूर्व में भी 13, 14 और 16 फरवरी 2026 को लिखित आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। हालांकि, शिकायतकर्ता का कहना है कि अब तक इन आपत्तियों पर कोई स्पष्ट और अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
चुनाव प्रक्रिया की जांच की मांग
डीपीआरओ को दिए गए प्रार्थना पत्र में शिकायतकर्ता ने 14 फरवरी की पूरी निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने चुनाव से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच को आवश्यक बताया है। इनमें नामांकन रजिस्टर, प्राप्त आवेदन, जारी किए गए नोटिस, उपस्थित कर्मचारियों का विवरण और निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट सहित अन्य संबंधित अभिलेखों का परीक्षण किए जाने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि किसी भी कर्मचारी संगठन की चुनाव प्रक्रिया तभी विश्वसनीय मानी जा सकती है, जब उसमें सभी पात्र सदस्यों को नियमों के अनुसार समान अवसर मिले और निर्वाचन की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न हो। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों का निष्पक्ष जांच के माध्यम से समाधान होना जरूरी है।
कथित पदाधिकारियों की गतिविधियों पर भी उठे सवाल
प्रार्थना पत्र में शिकायतकर्ता ने उन लोगों की गतिविधियों की जांच की मांग भी उठाई है, जो विवादित निर्वाचन प्रक्रिया के बाद स्वयं को संघ का पदाधिकारी बताते हुए पंचायतीराज विभाग के कार्यालय और अधिकारियों के खिलाफ पत्राचार तथा मीडिया में बयानबाजी कर रहे हैं।
राकेश कुमार ने सवाल उठाया है कि यदि संबंधित लोगों की पदाधिकारिता और चुनाव की वैधता ही जांच के दायरे में है, तो वे किस अधिकार के तहत संघ के नाम पर विभागीय अधिकारियों के विरुद्ध पत्राचार या सार्वजनिक बयान जारी कर रहे हैं। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि जांच पूरी होने तक इस स्थिति को स्पष्ट किया जाए कि विवादित पदाधिकारियों को संघ के नाम का आधिकारिक रूप से इस्तेमाल करने और विभागीय अधिकारियों से पत्राचार करने का वैध अधिकार है या नहीं।
कर्मचारियों की वास्तविक समस्याओं को लेकर भी सवाल
शिकायतकर्ता ने अपने प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि स्वयंभू अथवा विवादित पदाधिकारी ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की वास्तविक सेवा संबंधी समस्याओं और लंबित मामलों को उठाने के बजाय मुख्य रूप से विभाग और अधिकारियों को निशाना बना रहे हैं। उनका कहना है कि यदि कोई कर्मचारी संगठन वास्तव में कर्मचारियों के हितों के लिए कार्य करता है तो उसे कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं, वेतन, लंबित प्रकरणों और अन्य वैधानिक मांगों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
इसी आधार पर शिकायतकर्ता ने संबंधित लोगों की गतिविधियों और उनके द्वारा संघ के नाम के उपयोग की भी जांच किए जाने की मांग की है।
आचरण नियमों के पालन की जांच की मांग
प्रार्थना पत्र में शासकीय सेवा में रहते हुए कर्मचारियों द्वारा की जा रही कथित गतिविधियों की भी जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि यदि किसी कर्मचारी द्वारा सेवा में रहते हुए निर्धारित आचरण नियमों के विपरीत कोई गतिविधि की गई है तो उसकी भी नियमानुसार जांच होनी चाहिए।
हालांकि, इन सभी आरोपों और दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि किया जाना अभी बाकी है। संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
पुनः चुनाव कराने की मांग
राकेश कुमार ने मांग की है कि यदि जांच में 14 फरवरी 2026 की नामांकन एवं निर्वाचन प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन या कोई गंभीर कमी पाई जाती है, तो सक्षम प्राधिकारी को पारदर्शी एवं लोकतांत्रिक तरीके से पुनः चुनाव कराने की संस्तुति की जाए।
उनका कहना है कि चुनाव किसी व्यक्ति विशेष के पक्ष या विरोध का विषय नहीं होना चाहिए, बल्कि संगठन के सभी पात्र सदस्यों के लोकतांत्रिक अधिकारों और संगठन की नियमावली के अनुरूप होना चाहिए।
निष्पक्ष जांच से विवाद के समाधान की उम्मीद
मथुरा में ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ की कथित चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद के बीच अब निगाहें जिला पंचायत राज विभाग की ओर हैं। यदि विभाग शिकायत में उठाए गए बिंदुओं की जांच करता है तो नामांकन से लेकर निर्वाचन तक की पूरी प्रक्रिया के दस्तावेजों के परीक्षण से स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
शिकायतकर्ता राकेश कुमार का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ कार्रवाई कराना नहीं है। उनका कहना है कि उनकी मांग केवल इतनी है कि संघ की निर्वाचन प्रक्रिया की वैधता, कर्मचारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों और विभागीय कार्यप्रणाली की गरिमा को बनाए रखने के लिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
अब देखना होगा कि जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय की ओर से इस शिकायत पर क्या कार्रवाई की जाती है और जांच के बाद 14 फरवरी 2026 की कथित नामांकन एवं निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर क्या निष्कर्ष सामने आता है।

मथुरा से विजेंद्र सैनी की खास रिपोर्ट यूपीआजतक 

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मथुरा में पंचायतीराज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ की 14 फरवरी 2026 की कथित निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं। पूर्व अध्यक्ष राकेश कुमार ने डीपीआरओ से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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