महेवा इटावा 13 सितंबर 26*ब्लॉक स्थापना दिवस पर विशेष
महेवा ।
इटावा *देश में विकास खंडों की स्थापना का की आज 79 वां वर्ष शुरू हो रहा है । आज से 78 वर्ष पूर्व इसकी आधारशिला जनपद इटावा के ग्राम महेवा में रखी गई थी । 15 सितंबर सन् 1948 को आगरा एवं अवध संयुक्त प्रांत के तत्कालीन मुख्यमंत्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने एक साथ शिलान्यास एवं उद्घाटन करके की थी । महेवा को देश ही नहीं बल्कि एशिया महाद्वीप का पहले ब्लॉक का गौरव हासिल हुआ था । तब इस छोटे से गांव को देश के 7 लाख गांव की कृषि एवं ग्रामीण विकास की राजधानी होने का सिरमौर माना गया था । लेकिन गुजरे 79 वर्षों में नौ दिन चले अढ़ाई कोस की तर्ज पर यह विकास की दौड़ में यह पिछड़ गया।
ऐसे हुई थी ब्लाक की स्थापना
देश में ब्लॉक की स्थापनों का ताना-बाना बिट्रिस हुकूमत के तत्कालीन वायसराय लॉर्ड लिनलिथगो ने बुना था । उन्होंने देश में सिंचाई व्यवस्था की तर्ज पर कृषि एवं गांव का समुचित विकास करने के उद्देश्य से इसका खाका खींचा था । इसके लिए उन्होंने दुनिया भर में मशहूर कृषि वैज्ञानिक ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पारंगत शख्स की खोज शुरू की । उनकी योजना परवान चढ़ती उससे पहले गांधी जी ने अगस्त क्रांति का बिगुल फूंक दिया उस आंदोलन की आग देश में तेजी से फैल गई ।और अंग्रेजों को संभलने का मौका भी नहीं मिला । अंततः 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हो गया महात्मा गांधी गांव और कृषि को देश के विकास की धूरी मानते थे गांधी जी की अवधारणा से प्रेरित होकर प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने योजना को क्रियान्वित करने के उद्देश्य से उस समय दुनिया भर में मशहूर कृषि विशेषज्ञ एवं महान अर्थशास्त्री संयुक्त राज्य अमेरिका के तत्कालीन कृषि मंत्री डॉ अल्बर्ड मायर को एक सदस्य प्लानिंग कमीशन के रूप में भारत आने का आमंत्रण दिया । योजना को मूर्त रूप देने के उद्देश्य से देश में उन्होंने कई जगह दौरा किया लेकिन उनके मन मुताबिक उन्हें कहीं कोई जगह नहीं मिली वह स्वदेश लौटने वाले थे लेकिन जाते भी कैसे भाग्य महेवा की धरती के पक्ष में था तभी नेहरू की सलाह पर वह जनपद इटावा के दौर पर निकले इटावा से औरैया जाते समय महेवा आते ही उनकी कार में ठहराव आने लगा यहां श्री ठाकुर जी मंदिर के समीप उतरे और कस्बे में भ्रमण करने लगे प्रभु श्री राम का भव्य मंदिर, फूलबाग,पशु चिकित्सालय,जन चिकित्सालय,डाकघर, सुव्यवस्थित बाजार, कई शिक्षण संस्थाएं देख कर वह दंग रह गए इतनी छोटी सी जगह पर उन्हें वे सब चीजें देखने को मिली जो उस जमाने में देखने को बहुत कम मिलती थीं । यहां की हरितिमां ने उनका मन मोह लिया और योजना को अमली जामा पहनाने के उद्देश्य से उन्होंने नेहरू को पत्र लिखा और नेहरू जी राज्य सरकार को निर्देशित किया कि, अल्बर्ड मायर को वे सभी सुविधाएं और विशेषज्ञ उपलब्ध कराए जाएं जिनकी उन्हें जरूरत हो इस पर राज्य सरकार ने उन्हें आईसीएस लेवल के डॉक्टर ध्यानपाल सिंह,डॉक्टर बैजनाथ सिंह ,को उनके साथ कर दिया उन्होंने जनपद में कृषि पंडित की ख्याति से मशहूर क्षेत्र के जमींदार दिलीप नगर निवासी पंडित आनंद माधव शुक्ल का सहयोग लेकर योजना का सूत्रपात किया । प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री पं गोविंद बल्लभ पंत ने अग्रगामी विकास योजना का उद्घाटन और शिलान्यास एक साथ किया ।
*उपेक्षा की दंश से पहचान खो रहा पहला ब्लॉक*
आवासीय क्वार्टर जर्जर हो गए हैं इनमें अवैध कब्जेदारों की भरमार है इस स्थिति में अगर कोई हादसा हुआ तो प्रशासन को सिर के बल खड़ा होना पड़ेगा आमने-सामने अवैध अतिक्रमण एवं बदहाल बदसूरत स्थिति इसकी आभा को धूमिल कर रही हैं । सड़के जर्जर हैं गांव की गलियों में गंदगी का अंबार मुगल रोड जलभराव से त्रस्त है, जिम्मेदार मौन है ।
पशु चिकित्सालय दुर्दशा ग्रस्त है इसकी जगह पर भूमाफियाओं की नजर है। ना थाना बना ना तहसील नगर पंचायत बनने का भी सपना यहां के वांशिदगानों का मुंगेरीलाल के हसीन सपनों जैसा है । हालांकि थाना बनाने की कवायत जनपद के तत्कालीन एसएसपी रहे संजय कुमार वर्मा ने की थी इसी आधार पर वर्तमान पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने अपनी आख्या रिपोर्ट शासन को भेज दी है ।
सन् 1948 से सन् 1950 तक ब्लॉक का कामकाज श्री ठाकुर राम चन्द्र जी महाराज विराजमान मंदिर स्थित कचहरी में होता रहा। सन् 1951 में श्री ठाकुर जी मंदिर के बगल में ब्लॉक का भवन तैयार हुआ तो ब्लॉक का कामकाज उसमें चलने लगा 15 अगस्त 1982 को ब्लॉक कॉलोनी में नया भवन तैयार हुआ जिसका उद्घाटन तत्कालीन ग्राम विकास मंत्री बलराम सिंह यादव ने किया था सन् 1957 में राज्य सरकार ने अग्रगामी विकास योजना को बदलते हुए रूरल डेवलपमेंट में रूपांतरण करते हुए विकासखंड में परिवर्तित कर दिया । पंडित यज्ञदत्त शर्मा पहले खंड विकास अधिकारी नियुक्त हुए सन् 1961 में राज्य सरकार ने क्षेत्र समिति का गठन कर दिया और सन् 1962 में हुए ब्लाक प्रमुख के चुनाव में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नगला शुक्ल निवासी पंडित हरिश्चंद्र शुक्ला को पहला ब्लाक प्रमुख बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ । विसंगति यह है कि, जिस महेवा से विकास योजनाएं बनकर पूरे देश में जाती थी । वहीं अब विकास योजनाओं के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है ।
मेरी सेवा अवधि के दौरान जनपद इटावा में हुई तैनाती मेरे लिए सौभाग्य का विषय है जहां देश का पहला विकासखंड मुख्यालय है इससे मेरा सीना गर्व से चौड़ा होता है यहां से संबंधित समस्याओं की जानकारी जुटाई जाएगी और उनका हर संभव समाधान किया जाएगा ।
संजय सिंह मुख्य विकास अधिकारी इटावा
विकासखंड महेवा स्वतंत्र भारत का पहला ब्लॉक है उसमें कार्य करने वाले हम सभी आधिकारी कर्मचारियों के लिए गौरव का विषय है सरकार की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों का सत प्रतिशत धरातल पर लाने की कार्रवाई विकासखंड कार्यालय के स्तर से की जाती है । बृज बिहारी त्रिपाठी खंड विकास अधिकारी
More Stories
हाजीपुर 13 सितंबर2026,अखिल भारतीय रेलवे खानपान लाईसेंसीज वेलफेयर एसोसिएशन की एक विचार विमर्श सभा का आयोजन किया
पूर्णिया बिहार 13 सितंबर 26 श्रकांग्रेस के कद्दावर नेता अब्दुल जलील मस्तान के निधन पर कांग्रेस में शोक
भोगनीपुर 13सितंबर 26*समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर संगठन को मजबूत करने पर हुई चर्चा