September 6, 2026

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ब्रेकिंग अयोध्या। धर्मेंद्र यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में उठाए सवाल। आजमगढ़ के सपा सांसद धर्मेंद्र यादव अयोध्या पहुंचे, मुलायम सिंह यादव शिक्षक सम्मान समारोह में शामिल हुए। धर्मेंद्र यादव ने शिक्षकों को मुलायम सिंह यादव सम्मान से सम्मानित किया और पूर्व मंत्री पवन पांडेय को आयोजन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि संसद के 19 दिनों के सत्र में समाजवादी पार्टी ने हर दिन चढ़ावा चोरी मामले पर चर्चा की मांग की, लेकिन सरकार चर्चा के लिए तैयार नहीं हुई। धर्मेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि लोकसभा और उत्तर प्रदेश विधानसभा दोनों जगह बीजेपी इस मुद्दे पर चर्चा से बचती रही, क्योंकि उसके पास जवाब नहीं है। उन्होंने कहा कि संसद नवंबर में फिर बैठेगी, लेकिन जनता के बीच इस मुद्दे पर बहस लगातार जारी रहेगी और जनता 2027 में इसका जवाब देगी। किसान के मुद्दे पर धर्मेंद्र यादव ने MSP और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू न करने का आरोप लगाते हुए बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों का भुगतान करना सरकार का दायित्व है, इसे सरकार की उपलब्धि के तौर पर पेश नहीं किया जाना चाहिए। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर धर्मेंद्र यादव ने भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोला और पूछा कि जब मंदिर में चोरी हुई तो उनका बुलडोजर कहां है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने 15 दिन में 'दूध का दूध, पानी का पानी' करने की बात कही थी, लेकिन अब पत्रकारों से पूछ रहे हैं कि क्या 15 दिन में सच्चाई सामने आ गई? धर्मेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि अगर जांच और कार्रवाई पूरी नहीं हुई है तो जनता को मुख्यमंत्री की बातों पर भरोसा करने की जरूरत नहीं, और 2027 में जनता अपने वोट से जवाब देगी।

कानपुर नगर 5 सितंबर 2026*कानपुर में प्लास्टिक कैरी बैग सप्लाई के नाम पर 1.40 लाख रुपये की ठगी का आरोप

कानपुर नगर 5 सितंबर 2026*कानपुर में प्लास्टिक कैरी बैग सप्लाई के नाम पर 1.40 लाख रुपये की ठगी का आरोप

कानपुर नगर से महेंद्र सिंह यादव | यूपीआजतक

ब्रेकिंग न्यूज़, कानपुर: कानपुर नगर के सचेंडी थाना क्षेत्र से प्लास्टिक कैरी बैग की सप्लाई के नाम पर कथित तौर पर 1 लाख 40 हजार रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि दो टन प्लास्टिक कैरी बैग की सप्लाई का सौदा तय होने के बाद आरोपितों ने उससे अलग-अलग किश्तों में कुल 1 लाख 40 हजार रुपये ले लिए, लेकिन रकम प्राप्त करने के बाद तय माल की सप्लाई नहीं की गई।
पीड़ित के अनुसार, उसने प्लास्टिक कैरी बैग की आवश्यकता के चलते संबंधित लोगों से संपर्क किया था। बातचीत के बाद करीब दो टन प्लास्टिक कैरी बैग उपलब्ध कराने का सौदा तय हुआ। सौदे के तहत पीड़ित ने आरोपितों को विश्वास में लेकर अलग-अलग समय पर किश्तों के माध्यम से रकम का भुगतान किया। पीड़ित का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया में उसके द्वारा कुल 1 लाख 40 हजार रुपये दिए गए।
आरोप है कि रकम लेने के बाद जब पीड़ित ने प्लास्टिक कैरी बैग की सप्लाई के संबंध में जानकारी मांगी तो उसे कथित तौर पर लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा। काफी समय बीतने के बावजूद जब माल की सप्लाई नहीं हुई तो पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की।
पीड़ित का आरोप है कि रुपये वापस मांगने पर आरोपितों की ओर से कथित तौर पर गाली-गलौज की गई। इतना ही नहीं, पीड़ित ने जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी दावा किया है। इसके बाद मामला और गंभीर हो गया और पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधिकारियों से की।
बताया जा रहा है कि पीड़ित ने पहले संबंधित पुलिस अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत रखी और मामले में कार्रवाई की मांग की। शिकायत के बाद मामला सचेंडी थाने तक पहुंचा, जहां पीड़ित की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया गया है।
मामले में न्यायालय के आदेश का भी हवाला सामने आया है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि न्यायालय के आदेश के बाद अब वह सचेंडी पुलिस से आरोपितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग कर रहा है। पीड़ित की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, उसके द्वारा दिए गए 1 लाख 40 हजार रुपये के लेनदेन की जांच हो और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
वहीं, इस मामले में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच के दौरान पुलिस द्वारा कथित लेनदेन, भुगतान से जुड़े दस्तावेज, बातचीत और प्लास्टिक कैरी बैग की सप्लाई से संबंधित सौदे की जानकारी जुटाई जा सकती है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पूरे मामले में वास्तव में क्या हुआ और पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोप कितने सही हैं।
फिलहाल, यह पूरा मामला आरोपों और पुलिस जांच के दायरे में है। आरोपित पक्ष की ओर से इस मामले में कोई स्पष्ट पक्ष सामने आता है तो वह भी महत्वपूर्ण होगा। पुलिस की कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में सामने आए इस मामले ने एक बार फिर व्यापारिक लेनदेन में सावधानी बरतने और भुगतान से संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखने की जरूरत को सामने ला दिया है। पीड़ित अब अपने पैसे वापस मिलने और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद लगाए हुए है।

कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में दो टन प्लास्टिक कैरी बैग की सप्लाई के नाम पर 1.40 लाख रुपये लेने और माल की सप्लाई नहीं करने का आरोप लगा है। पीड़ित ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत के बाद मुकदमा दर्ज कराया और न्यायालय के आदेश पर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

कानपुर नगर से महेंद्र सिंह यादव की रिपोर्ट, यूपीआजतक।

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