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मुजफ्फरनगर 24 सितंबर 26*फर्जी बैनामे के सहारे स्वास्थ्य कर्मी से 16 लाख की ठगी का आरोप, दो महिलाओं पर मुकदमा दर्ज
लोकेन्द्र गौतम*ब्यूरो चीफ सहारनपुर मंडल *यूपीआजतक*
मुजफ्फरनगरनई मंडी थाना क्षेत्र में प्लॉट बेचने के नाम पर कथित फर्जीवाड़ा, फर्जी आधार-पैन के जरिए असली मालिक की जगह दूसरे व्यक्ति को खड़ा करने का आरोप
नई मंडी थाना क्षेत्र में प्लॉट बेचने के नाम पर एक महिला स्वास्थ्य कर्मी से 16 लाख की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत के अनुसार, दो महिलाओं ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर एक प्लॉट को अपना बताकर उसका सौदा किया और रकम लेने के बाद उसके नाम बैनामा करा दिया। मामले में पुलिस ने दोनों महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पिता के घर के पास प्लॉट खरीदना चाहती थी महिला पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, पीड़ित महिला स्वास्थ्य विभाग के बघरा ब्लॉक में स्वास्थ्य कार्यकर्ता के पद पर सरकारी नौकरी करती है। वह करीब पांच वर्षों से अपने पति और परिवार के साथ मेरठ के सैनिक विहार, कंकरखेड़ा क्षेत्र में रह रही थी। उसके पति इलेक्ट्रिशियन का काम करते हैं। महिला के अनुसार, उसके पिता का मकान मुजफ्फरनगर की बचन सिंह कॉलोनी की गली नंबर चार में है। वह अपने पिता के घर के आसपास परिवार के लिए प्लॉट खरीदना चाहती थी। इसी उद्देश्य से जून 2026 में उसने प्लॉट की तलाश शुरू की थी।
सुनीता ने पिंकी से कराया संपर्क
शिकायत के अनुसार, प्लॉट की तलाश के दौरान महिला की मुलाकात सुनीता रानी नाम की महिला से हुई। आरोप है कि सुनीता ने उसकी मुलाकात पिंकी पत्नी अमित कुमार से कराई। पिंकी ने खुद को संबंधित प्लॉट की मालकिन बताया और इसके समर्थन में 21 अप्रैल 2026 का एक बैनामा दिखाया। दस्तावेज देखने के बाद महिला को विश्वास हो गया कि पिंकी ही प्लॉट की वास्तविक मालिक है। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच 87.94 वर्ग गज के प्लॉट का सौदा 16 लाख रुपये में तय हुआ। आठ लाख नकद और आठ लाख RTGS से दिए पीड़िता के अनुसार, सौदे के दौरान आठ लाख रुपये नकद देने और बाकी आठ लाख रुपये बैनामा के समय देने की बात कही गई। आरोप है कि महिला ने आठ लाख रुपये नकद सुनीता रानी को दिए और इस दौरान लेनदेन की तस्वीरें भी अपने मोबाइल में खींच लीं।
इसके बाद 15 जून 2026 को आठ लाख रुपये पिंकी के बैंक खाते में RTGS के जरिए भेजे गए। इस तरह कुल 16 लाख रुपये का भुगतान करने के बाद प्लॉट का बैनामा पीड़िता के नाम करा दिया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि प्लॉट खरीदने के लिए महिला ने स्वास्थ्य विभाग से 13 लाख रुपये का व्यक्तिगत ऋण लिया था, जिसकी किस्तें वह अभी भी चुका रही है।
जांच में सामने आया कथित फर्जी बैनामा अपने नाम होने के बाद जब महिला ने प्लॉट के दस्तावेजों की जानकारी जुटाई तो कथित तौर पर उसे पता चला कि जमीन का वास्तविक मालिक कोई और है। शिकायत के अनुसार, 87.94 वर्ग गज के प्लॉट का वास्तविक मालिक विजयपाल पुत्र मित्रसैन, निवासी अंकित विहार, पचैंडा रोड बताया गया है। पीड़िता का आरोप है कि पिंकी ने अपने गांव भोकरहेड़ी निवासी रामवीर पुत्र बाबूराम को इस मामले में शामिल किया और विजयपाल की जगह रामवीर को विक्रेता के रूप में खड़ा किया गया। आरोप है कि विजयपाल के नाम से कथित फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड तैयार कराकर 21 अप्रैल 2026 को पिंकी के नाम बैनामा कराया गया।
व्हाट्सऐप चैट और बैंक रिकॉर्ड भी पुलिस को सौंपे ।
पीड़िता ने पुलिस को नकद रकम के लेनदेन की तस्वीरें, बैंक ट्रांजेक्शन से संबंधित दस्तावेज, स्वास्थ्य विभाग से लिए गए व्यक्तिगत ऋण के कागजात तथा व्हाट्सऐप पर भेजी गई बैंक डिटेल की प्रतियां भी उपलब्ध कराई हैं। पुलिस अब इन दस्तावेजों और बैंक खातों में हुए लेनदेन की जांच कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कथित फर्जी आधार-पैन कार्ड कैसे तैयार हुए और असली मालिक की जगह दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर बैनामा कराने की प्रक्रिया में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
दो महिलाओं के खिलाफ मुकदमा, जांच जारी
पीड़िता की तहरीर के आधार पर नई मंडी थाना पुलिस ने पिंकी पत्नी अमित कुमार और सुनीता रानी पुत्री धर्मवीर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेजों और लेनदेन की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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