सुल्तानपुर 21 अप्रैल 26*दबंगों के जानलेवा हमले में युवक की मौत, पुलिस की शिथिलता पर उठे गंभीर सवाल*
सुल्तानपुर से सुनील कुमार यादव की रिपोर्ट यूपीआजतक
बल्दीराय/सुल्तानपुर*पुरानी रंजिश के चलते हुए जानलेवा हमले में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो जाने से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। घटना बल्दीराय थाना क्षेत्र के टडरसा मजरे ऐंजर की है, जहां दबंगों के हौसले और पुलिस की कथित सांठ गांठ और लापरवाही ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं।
*पहले दिन की शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई*
मृतक सिकन्दर सिंह के परिवार के अनुसार, 19 अप्रैल की शाम गांव के ही गजेंद्र सिंह, सुरेश सिंह, श्याम सिंह व बलराम सिंह ने पुरानी रंजिश को लेकर मारपीट की । और मारपीट की नीयत से गाली-गलौज करते हुए दरवाजे पर चढ़ आये थे। घटना की सूचना तत्काल डायल 112 पर दी गई और मामला देहली चौकी प्रभारी के संज्ञान में भी आया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
*दूसरे दिन हुआ जानलेवा हमला*
पीड़िता का कहना है कि पहली घटना पर कार्रवाई न होने से आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए। 20 अप्रैल की भोर में दबंगों ने दोबारा हमला बोल दिया। इस बार कांति देवी, सिकंदर सिंह और भूपेंद्र सिंह ,पत्नी और बहनआदि को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा गया। गंभीर रूप से घायल मरणासन्न सिकंदर सिंह को इलाज के लिए अयोध्या ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
*तहरीर के बावजूद पुलिस की कार्यशैली संदिग्ध*
पीड़िता का आरोप है कि 20 अप्रैल की सुबह तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने पहले विपक्षियों का मुकदमा दर्ज किया और करीब दो घंटे बाद उनकी रिपोर्ट लिखी। इस देरी ने पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जबकि आरोपी गजेंद्र सिंह जालसाजी ,रंगदारी, मारपीट जैसे मामलों में पुराना मकदमा भी दर्ज है ।
*बड़ा सवाल– टल सकती थी मौत?..*
सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि 19 अप्रैल की शाम मिली सूचना पर देहली बाजार पुलिस ने तत्परता दिखाई होती, तो सिकंदर सिंह की जान बच सकती थी ।और विवाद नही होता। स्थानीय लोग इसे पुलिस की घोर लापरवाही मान रहे हैं। तथा परिवारी जन के अनुसार देहली बाजार पुलिस अपराधियों से मिली हुई थी ।
*मिलीभगत के आरोपों से घिरी स्थानीय चौकी पुलिस*
घटना के बाद क्षेत्र में यह चर्चा तेज है कि स्थानीय पुलिस और आरोपियों के बीच सांठगांठ के चलते , समय रहते कार्रवाई नहीं की गई। जबकि प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस नीति की बात करती है, लेकिन चौकी इंचार्ज देहली बाजार की अपराधियों से संलिप्तता प्रदेश सरकार की जहां छवि धूमिल कर रही है तो वहीं ये पुल्स उच्चाधिकारियों को भी गुमराह करने से बाज नही आ रही है ।और जमीनी स्तर पर ऐसी घटनाएं पुलिसिंग पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा रही हैं।
*गांव में दहशत, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल*
घटना के बाद पूरे गांव में भय और आक्रोश का माहौल है। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी व दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
*थाना प्रभारी महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जब थाने में पीड़िता कांति देवी की तहरीर मिली तो तुरंत मकदमा दर्ज किया गया ।सिकंदर सिंह की अस्पताल से मृतक घोषित होने के बाद सुसंगत धारा तरमीम कर दी गयी है ।आरोपियों की तलाश में दबिश जारी है।*

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