लोनी 25 अक्टूबर 26*लोनी में अनुमति के बावजूद सपा के कार्यक्रम पर चला प्रशासन का डंडा:
10.86 लाख का जुर्माना ठोका, उखाड़ा मंच;
अनुज प्रधान बोले– “प्रशासन ने खुद अपनी ही परमिशन को मानने से किया इनकार”
लोनी (गाजियाबाद)। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जनपद अंतर्गत लोनी क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के साइकिल वितरण और पीडीए (PDA) सम्मान समारोह को लेकर खड़ा हुआ विवाद अब एक बेहद संगीन और नाटकीय मोड़ पर पहुंच गया है। इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि सपा नेताओं के पास इस भव्य आयोजन की प्रशासनिक अनुमति (परमिशन) पहले से मौजूद थी। इसके बावजूद लोनी नगर पालिका और स्थानीय पुलिस-प्रशासन ने कथित तौर पर अपनी ही दी गई परमिशन को दरकिनार कर दिया और आयोजन स्थल पर पहुंचकर न केवल टेंट-मंच को उखाड़ फेंका, बल्कि आयोजक पर ₹10,86,930 (10.86 लाख रुपये) का भारी-भरकम जुर्माना भी ठोक दिया।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में जबरदस्त राजनीतिक आक्रोश फैल गया है। समाजवादी पार्टी ने इसे सीधे तौर पर ‘सत्ता के इशारे पर की गई तानाशाही’ और ‘विपक्ष का दमन’ करार दिया है।
पूरा घटनाक्रम: कैसे शुरू हुआ यह विवाद?
सपा नेताओं द्वारा लोनी में मेधावी छात्राओं और जरूरतमंदों के लिए साइकिल वितरण व पीडीए सम्मान समारोह का आयोजन तय किया गया था। इसके तहत सैकड़ों-हजारों छात्राओं को साइकिलें बांटी जानी थीं। कार्यक्रम की भव्यता को देखते हुए तय मैदान में शामियाना, टेंट और एक बड़ा मंच सजाया जा रहा था। साथ ही मौके पर वितरण के लिए भारी संख्या में नई साइकिलें भी पहुंचाई जा चुकी थीं।
इसी बीच लोनी नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी (EO) द्वारा एक पत्र जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि पालिका की सरकारी जमीन पर बिना परमिशन टेंट और मंच लगाकर कब्जा किया जा रहा है। पालिका के इस पत्र के आधार पर अंकुर विहार सर्किल की पुलिस फोर्स तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस बल ने मौके पर काम कर रहे टेंट कर्मचारियों और सपा कार्यकर्ताओं को रोका और देखते ही देखते कनात, मंच और लाउडस्पीकर के ढांचे को उखाड़ना शुरू कर दिया।
“अनुमति दिखाई, फिर भी नहीं माने अधिकारी” – सपा नेता का सनसनीखेज आरोप
इस कार्रवाई के बाद आयोजन स्थल पर सपा कार्यकर्ताओं और अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कार्यक्रम के मुख्य आयोजक सपा नेता अनुज प्रधान ने मीडिया के सामने आकर प्रशासन की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए।
अनुज प्रधान ने अपना पक्ष रखते हुए कहा:
“हमने कोई गैर-कानूनी काम नहीं किया था। हमारे पास सक्षम अधिकारियों द्वारा जारी की गई बकायदा लिखित अनुमति मौजूद थी। जब पालिका के कर्मचारी और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, तो मैंने खुद अपने हाथों से उन्हें वह परमिशन दिखाई। लेकिन अधिकारी पहले से ही मन बनाकर आए थे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ‘ऊपर से सख्त आदेश है, यह कार्यक्रम किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा।’ प्रशासन ने खुद अपनी ही जारी की गई अनुमति को झुठला दिया और गरीब बेटियों को बांटी जाने वाली साइकिलों के कार्यक्रम पर बुलडोजर जैसी कार्रवाई कर दी।”
सपा नेताओं का आरोप है कि स्थानीय भाजपा नेताओं के दबाव में आकर अधिकारियों ने अपनी ही अनुमति को खारिज कर दिया ताकि विपक्ष जनता के बीच कोई सकारात्मक संदेश न दे सके।
10.86 लाख रुपये का जुर्माना: विपक्ष ने उठाए सवाल
नगर पालिका प्रशासन ने आयोजक पर बिना अनुमति के सरकारी जमीन का उपयोग और अतिक्रमण करने का आरोप लगाते हुए ₹10,86,930 का जुर्माना लगाया है।
इस पर सपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि जब कार्यक्रम के लिए विधिवत आवेदन कर प्रक्रिया पूरी की गई थी, तो रातों-रात इसे ‘अवैध अतिक्रमण’ कैसे घोषित किया जा सकता है? बिना किसी नोटिस या जवाब का मौका दिए 10 लाख से अधिक का जुर्माना ठोकना प्रशासनिक दुर्भावना को दर्शाता है। सपा का कहना है कि बेटियों और छात्रों को साइकिल देना अपराध नहीं है, लेकिन सरकार और उसके मातहत काम कर रहे अधिकारी जनहित के कामों को भी राजनीतिक चश्मे से देख रहे हैं।
साइकिल लेने पहुंची छात्राओं में निराशा, आंदोलन की चेतावनी
इस पूरी प्रशासनिक खींचतान का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि जब कार्यक्रम स्थल पर साइकिल लेने के लिए छात्राएं और उनके परिजन पहुंचने लगे, तो वहां का नजारा देखकर वे स्तब्ध रह गए। उखड़ा हुआ मंच, बिखरा हुआ सामान और भारी पुलिस बल देखकर जरूरतमंद परिवारों में मायूसी छा गई।
इस घटना के बाद सपा नेता अनुज प्रधान ने ऐलान किया है कि चाहे जितना दमन कर लिया जाए, वे साइकिल वितरण का संकल्प पूरा करके रहेंगे। उन्होंने साफ किया कि प्रशासन की इस दोहरी नीति और 10.86 लाख रुपये के मनमाने जुर्माने के खिलाफ वे चुप नहीं बैठेंगे। अनुमति के सभी साक्ष्यों के साथ जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा और यदि जरूरत पड़ी तो इस प्रशासनिक मनमानी के खिलाफ उच्च न्यायालय (High Court) का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा।
फिलहाल, लोनी में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए आयोजन स्थल के आसपास भारी पुलिस बल तैनात है और यह मामला पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बन चुका है।
लोनी से पदम सिंह की रिपोर्ट, यूपीआजतक
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