लखनऊ9मई26*यूजीसी रेगुलेशन लागू करने की मांग को लेकर डॉ पल्लवी पटेल सड़क पर उतरी*
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👉*रेलवे ट्रैक पर उतरकर हजारों समर्थकों के साथ किया चक्का जाम*
👉*प्रदर्शनकारियों नें वंदे भारत ट्रेन आउटर पर रोकी, 1 घंटे लेट हुई*
*लखनऊ।* अपना दल कमेरावादी और विभिन्न सामाजिक, छात्र-युवा संगठनों के द्वारा यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन किया गया, चारबाग रेलवे स्टेशन से निकले जुलूस को आरक्षण केंद्र पर बैरिकेडिंग लगाकर रोके जाने से आक्रोशित डॉ पल्लवी पटेल ने अपने हजारों समर्थकों के साथ रेलवे ट्रैक पर उतरकर चक्काजाम कर दिया।
जिससे दिल्ली से अयोध्या जाने वाली वंदे भारत ट्रेन को आउटर पर रोक दिया गया, जो लगभग 1 घंटे लेट हो गई, और स्टेशन पर आवागमन प्रभावित हो गया। पुलिस कर्मियों और कार्यकर्ताओं में तीखी नोक झोक होती रही, पुलिस और रेल के अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद उन्होंने अनुनय विनय करके ट्रेन के इंजन पर चढ़ी डॉ पल्लवी पटेल को उतारा।
डॉ पटेल समेत भारी संख्या में प्रदर्शन कर रहे हैं कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया।
पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार शनिवार को मध्याह्न लगभग 12:00 बजे से लखनऊ चारबाग रेलवे स्टेशन पर प्रदेश भर के विभिन्न जनपदों से जुटे प्रदर्शनकारियों ने सिराथू विधायक डॉ पल्लवी पटेल के नेतृत्व में आन्दोलन किया।
प्रदर्शनकारियों ने “यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 लागू करो”, “हम सबका है ऐलान, सबको शिक्षा सबको मान”, “शिक्षण संस्थानों में वंचितों का उत्पीड़न बंद करो” आदि नारे लगाते हुए हाथों में तख्तियां लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
इस दौरान अपना दल कमेरावादी की शीर्ष नेता व सिराथू विधायक डॉ पल्लवी पटेल ने कहा कि जाति लिंग धर्म या अक्षमता के आधार पर उच्च शिक्षण संस्थानों में हो रहे भेदभाव एवं उत्पीड़न की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए, सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के मुताबिक विश्वविद्यालय अनुदान आयोग विनिमय 2026 लाया गया।
जिसे तथ्यों और तर्कों के आधार पर समझने की बजाय कुतर्कों के आधार प्रायोजित विरोध की आड़ में न्यायिक प्रक्रिया में ले जाकर फंसा दिया गया, एक अस्थाई स्थगन के आधार पर विश्वविद्यालयों में समता स्थापित करने वाले विनिमय 2026 को न्यायालय में लंबित कर दिया गया। फूट डालो और राज करो की नीति पर चलने वाली भाजपा सरकार की नियत कभी भी इस देश के वंचित एससी एसटी ओबीसी और अल्पसंख्यकों के प्रति ठीक नहीं रही है। अगड़ा और पिछड़ा के बीच में खाई को और चौड़ा करने तथा जनता की बुनियादी कमाई दवाई एवं पढ़ाई जैसे सवालों पर सरकारों की विफलता से ध्यान हटाने के दोहरी लाभ की साजिशों के तहत यह सब किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रोहित वेमुला, दर्शन सोलंकी, पायल तडवी, अनिल कुमार जैसे ज्ञात और अनगिनत अज्ञात पीड़ितों साथ हुई घटनाओं के पुनरावृति को रोकने के लिए तथा उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षा के अवसरों में समानता के लिए बनाए जा रहे प्रावधानों को भ्रामक बहसों एवं अफवाहों में फंसा कर पीड़ितों के साथ न्याय के लिए बनाए गए यूजीसी विनिमय 2026 को अगड़ा बनाम पिछड़ा की लड़ाई का हथियार बना दिया गया। जबकि यह विनियम किसी भी तरीके से किसी खास सामाजिक समुदाय के विरुद्ध नहीं बल्कि हर तरह के शोषक के खिलाफ तथा शोषण परंपराओं पर रोक के लिए है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी, बड़े सुनियोजित साजिश के तहत यूजीसी रेगुलेशन 2026 को न्यायिक प्रक्रिया में फंसा कर इससे होने वाले वोट के लाभ हानि के जोड़ घटाना में लग गई है। वंचित समुदाय का दमन बदस्तूर जारी है। उन्होंने कहा कि ऐसी दमनकारी व्यवस्था और घोर अन्याय के खिलाफ अब सड़क पर लड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है, सामाजिक न्याय के लिए यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 लागू करने के लिए अंतिम दम तक लड़ेंगे।

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