August 10, 2026

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लखनऊ10अगस्त26*वर्तमान शिक्षा व्यवस्था और बहुजन छात्रों का भविष्य विषय पर सेमिनार आयोजित*

लखनऊ10अगस्त26*वर्तमान शिक्षा व्यवस्था और बहुजन छात्रों का भविष्य विषय पर सेमिनार आयोजित*

लखनऊ10अगस्त26*वर्तमान शिक्षा व्यवस्था और बहुजन छात्रों का भविष्य विषय पर सेमिनार आयोजित*
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*लखनऊ/रायपुर*: विश्व आदिवासी दिवस एवं नागासाकी दिवस के अवसर पर आज फुले-अंबेडकर विचार मंच, रायपुर, छत्तीसगढ़ द्वारा “वर्तमान शिक्षा व्यवस्था और बहुजन छात्रों का भविष्य” विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया।

यह सेमिनार फुले-अंबेडकर विचार मंच के दूसरे स्थापना दिवस के अवसर पर भी आयोजित किया गया।

सेमिनार में उपस्थित प्रतिभागियों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए मांग की कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार द्वारा आरएसएस की फासीवादी तथा मनुवादी-हिंदुत्व विचारधारा के वैचारिक प्रभाव में लागू की जा रही नई शिक्षा नीति (NEP) को तत्काल वापस लिया जाए।

सभी वक्ताओं ने नई शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा के भगवाकरण, निजीकरण और व्यापारीकरण को बढ़ावा दिए जाने की कड़ी आलोचना की। प्रतिभागियों ने फासीवादी मोदी सरकार द्वारा दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देश के विभिन्न हिस्सों में विद्यार्थियों और युवाओं के लोकतांत्रिक आंदोलनों के दमन की भी कड़ी निंदा की।

सेमिनार में यह मांग उठाई गई कि मोदी सरकार भारतीय संविधान में निहित शिक्षा के अधिकार एवं समानता के मूल्यों के अनुरूप KG से PG तक सभी के लिए निःशुल्क, सार्वभौमिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करे। प्रतिभागियों ने ऐसी शिक्षा व्यवस्था की मांग की जो वैज्ञानिक, धर्मनिरपेक्ष, समानतापूर्ण, जातिगत भेदभाव से मुक्त तथा लैंगिक समानता पर आधारित हो।

कार्यक्रम की अध्यक्षता फुले-अंबेडकर विचार मंच के संयोजक जे. पी. बौद्ध ने की।

सेमिनार को एस. एल. माटरे, पूर्व न्यायाधीश, राज्य औद्योगिक न्यायालय एल. पी. अहिरवार, पूर्व उप निदेशक, कृषि विभाग विशाखा बौद्ध, सामाजिक कार्यकर्ता कॉमरेड तुहिन, अखिल भारतीय संयोजक, जाति उन्मूलन आंदोलन (CAM) अधिवक्ता भंजन जांगड़े, बहुजन चिंतक पी. आर. खुंटे, बहुजन चिंतक अरुणा मेश्राम, सामाजिक कार्यकर्ता प्रो. ओमप्रकाश कनौजिया, MATS विश्वविद्यालय; तथा गोपाल ऋषिकर भारती, राष्ट्रीय संयोजक, राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा ने संबोधित किया।

सेमिनार का समापन लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष, वैज्ञानिक एवं सामाजिक न्याय पर आधारित शिक्षा व्यवस्था के लिए संघर्ष को मजबूत करने तथा बहुजन विद्यार्थियों एवं समाज के सभी वंचित और हाशिए पर खड़े वर्गों के शिक्षा के अधिकार की रक्षा के लिए व्यापक आंदोलन को आगे बढ़ाने के आह्वान के साथ हुआ।

Taza Khabar