मुजफ्फरनगर14मार्च24*आखिरकार लेखक नादिर राणा को क्यों लिखनी पड़ी *मुजफ्फरनगर जेल की बात* *पुस्तक!!*
मुज़फ्फरनगर।बदनामी से लोकप्रियता की और तेजी के साथ अग्रसर हुई मुज़फ्फरनगर जेल का सच लिखने वाले लेखक नादिर राणा को आखिर क्यों लिखनी पडी ‘मुज़फ्फरनगर जेल की बात’! जी हाँ, ये पुस्तक सच है आज की जेल का, ये पुस्तक बताती है कि कैसे एक *पुरोधा* ने बदल डाली जेल की सदियों पुरानी कहानी, ऐसे *पुरोधा* अगर सब हो जाएं तो सिस्टम सुधर जाए, मुज़फ्फरनगर जेल की बात एक पुस्तक नहीं है बल्कि सुधार, पुनर्वास, और जेल में बंद बंदियों के भविष्य की संभावना है, उस *पुरोधा* के हौंसले, हिम्मत साहस और जांबाजी की एक दास्ताँ है, जो कुछ किस्से,कहानियों और फिल्मों में देखा उसी की एक बानगी भर है ‘मुज़फ्फरनगर जेल की बात’!लेखक नादिर राणा ने अपने शब्दों में उस सच को सामने लाने का काम किया है जो आज नजीर बन चुका है, पुस्तक में मुज़फ्फरनगर जेल का “कल आज और कल” पूरी तरह निहित है, जेल से छूटे उन बंदियों की जुबानी और जेल की वर्तमान कहानी है, समाज के प्रबुद्ध जनों की नजरों में जेल आज कैसी है? स्कूल कालिजों के बच्चों ने जेल टूर पर क्या सच देखा और बार बार उनका मन जेल जाने को क्यों करता है? उच्चाधिकारी और माननीय न्यायाधीश गण आज की मुज़फ्फरनगर जेल को लेकर कैसी धारणा रखते हैं? देश के प्रमुख संतों के आगमन से जेल में कैसा बदलाव और परिवर्तन हुआ? कुख्यात जेल आज विख्यात कैसे हो गई? मोबाइल और नशा कैसे खत्म हुआ? शातिर अपराधियों से कैसे मुक्त हुई जेल? जेल में जबरिया जाने वाले मनपसंद खाने पर कैसे हुआ कुठाराघात? सुधार हुआ या फिर चमत्कार? लेखक नादिर राणा की पुस्तक मुज़फ्फरनगर जेल की बात में हर बात का जवाब है, बंदियों तक पहुंचने और फिर उनके मर्म को समझने के हुनर को शब्दों में कैसे पिरोया गया, अगर यह सब जानना है तो मुज़फ्फरनगर जेल की बात जरूर पढिए! कोई भी पुस्तक समाज का आईना होती है और मैं यकीन के साथ कह सकता हूँ कि ये पुस्तक बंदियों के कल्याण उत्थान ओर पुनर्वास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी |
More Stories
मथुरा 22सितम्बर 26*अग्रसेन जयंती शोभायात्रा के लिए 18 राजकुमारों का चयन,101 आवेदनों में से लकी ड्रा के जरिए हुआ चयन,
सुल्तानपुर 22 सितंबर 26* यूपीआजतक न्यूज चैनल पर सुल्तानपुर की कुछ महत्वपूर्ण खबरें
मुजफ्फरनगर 22 सितंबर 26*ओला स्कूटी शोरूम पर ग्राहकों का हंगामा, समय पर सर्विस न मिलने से फूटा गुस्सा