June 9, 2026

UPAAJTAK

TEZ KHABAR, AAP KI KHABAR

मध्यप्रदेश ९ जून २०२६ *  यूपीआजतक न्यूज चैनल पर मध्यप्रदेश की कुछ महत्वपूर्ण खबरें 

मध्यप्रदेश ९ जून २०२६ * यूपीआजतक न्यूज चैनल पर मध्यप्रदेश की कुछ महत्वपूर्ण खबरें

मध्यप्रदेश ९ जून २०२६ *  यूपीआजतक न्यूज चैनल पर मध्यप्रदेश की कुछ महत्वपूर्ण खबरें

[15:50, 09/06/2026] +91 821 856 5001: अवैध उत्खनन पर बड़ी कार्रवाई एक जेसीबी एवं चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियां कि गई जब्त

मऊगंज जिले में अवैध उत्खनन एवं खनिज परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कलेक्टर संजय कुमार जैन के निर्देशन में प्रशासन एवं पुलिस द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में सिंधार्थ महावीरपुर तालाब क्षेत्र में अवैध उत्खनन करते पाए जाने पर एक जेसीबी मशीन तथा चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त की गई । जब्त की गई जेसीबी मशीन एवं ट्रैक्टर-ट्रॉलिय को थाना परिसर में खड़ा करवा दिया है । कलेक्टर संजय कुमार जैन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा अवैध उत्खनन, अवैध परिवहन एवं शासकीय संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी, संयुक्त निरीक्षण एवं रात्रिकालीन गश्त बढ़ाई जाए ताकि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।जिला प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि अवैध उत्खनन अथवा खनिज परिवहन संबंधी किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल प्रशासन एवं पुलिस को दें, जिससे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग मिल सके।
[15:50, 09/06/2026] +91 821 856 5001: रीवा में नियमों पर भारी रिश्तेदारी और रसूख? नर्सिंग होमों की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल

रीवा। जिले में संचालित कई निजी नर्सिंग होमों की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। आम नागरिकों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और नियमों का पालन केवल कागजों तक सीमित रह गया है, जबकि जमीनी स्तर पर अनेक संस्थान पार्किंग, अग्नि सुरक्षा (फायर एनओसी) और अन्य आवश्यक मानकों की अनदेखी करते हुए संचालित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई नर्सिंग होम ऐसे स्थानों पर संचालित हैं जहां पार्किंग की समुचित व्यवस्था तक नहीं है। मरीजों और उनके परिजनों को सड़क पर वाहन खड़े करने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है। इसके बावजूद संबंधित विभागों की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं देती।
चर्चाओं का बाजार गर्म है कि वर्षों से एक ही स्थान पर जमे कुछ अधिकारी और कर्मचारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। लोगों का तंज है कि कुछ जिम्मेदार लोग हर नर्सिंग होम की “जंग” पर ऐसा प्राइमर और पेंट चढ़ा देते हैं कि कमियां दिखाई ही नहीं देतीं। जहां अधिक जंग हो, वहां रंग-रोगन का खर्च भी बढ़ जाता है और शिकायतों की फाइलें धूल खाती रह जाती हैं। कोरोना काल के दौरान मरीजों और उनके परिजनों के साथ हुए व्यवहार को लेकर भी कई लोग आज तक नाराजगी जताते हैं। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं का उद्देश्य सेवा होना चाहिए, लेकिन कई स्थानों पर मरीज स्वयं को असहाय और उपेक्षित महसूस करते हैं।
शहर के एक चर्चित अस्पताल को लेकर भी लोगों में असंतोष है। आरोप है कि अस्पताल भवन में उपचार की पूरी व्यवस्था होने के बावजूद पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। सुरक्षा कर्मियों पर भी केवल चिकित्सकों और स्टाफ के वाहनों को प्राथमिकता देने के आरोप लगते रहे हैं, जबकि मरीजों के परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि आखिर नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? आमजन यह जानना चाहते हैं कि क्या प्रभावशाली संबंध और राजनीतिक पहुंच नियमों से ऊपर हो गई है? क्योंकि जहां आम नागरिक को छोटे-छोटे कार्यों के लिए नियमों का हवाला दिया जाता है, वहीं कुछ संस्थानों के लिए मानकों में ढील दिखाई देती है। स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी समाज की आधारशिला होती हैं। ऐसे में आवश्यक है कि जिले के सभी नर्सिंग होमों की पार्किंग, फायर एनओसी, भवन सुरक्षा और अन्य मानकों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि मरीजों की सुरक्षा और सुविधाओं से किसी प्रकार का समझौता न हो सके। कई नर्सिग होम के अवैध कारनामों की वीडियो भी उपलब्ध है जहां मरीजों के परिजनों से बच्चों के विशेषज्ञ डॉक्टर ने मारपीट सहित गाली गलौज किया है जिसकी शिकायत स्वास्थ्य अधिकारी से की गई थी पर(समरथ को नहीं दोष गोसाई)के तर्ज पर तिवारी जी ने अधिकारी को समझा दिया था कई मरीजों के परिजनों की माने तो वह यह प्रार्थना करते है कि प्रार्थना में न जाना पड़े वही कई मरीजों के परिजनों की माने तो एक निजी अस्पताल ऐसा है कि मरीजों के सुख का विहान (सबेरा) न होंई अब रीवा सिटी के लोग भगवान से प्रार्थना कर के वरदान चाहत है कि विंध्या मा डॉक्टर रूपी भगवान का सद्बुद्धि दे या? दवाई कड़वी ही होती है।
[15:50, 09/06/2026] +91 821 856 5001: रीवा ब्रेकिंग

नहर में डूबे हुए सेना के जवान का छठवें दिन मिला शव

रीवा। सिलपरा नहर में डूबे हुए सेना के जवान गौरव द्विवेदी उम्र 27 वर्ष का छठवें दिन मिला शव, आगरा से आए हुए गोताखोर एवं सेना के पैरा फोर्स के प्रयासों से मिला साथ ही स्थानीय एनडीआरएफ टीम भी मौजूद रही।
[15:50, 09/06/2026] +91 821 856 5001: सूत्रों के अनुसार मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल के सरकारी आवास से पीए का लैपटॉप, नकदी, एटीएम कार्ड और जरूरी दस्तावेज चोरी हो गए

अब जनता मज़ाक में पूछ रही है जब विधायक आवास ही सुरक्षित नहीं, तो आम आदमी अपनी साइकिल कहाँ खड़ी करे.?

सबसे दिलचस्प बात यह कि चोर भी बड़े पढ़े-लिखे निकले! सोना-चांदी छोड़िए, सीधे लैपटॉप, पेन ड्राइव और दस्तावेज़ पर हाथ साफ कर गए।

कुछ लोग तंज कस रहे हैं मऊगंज में विधायक जी अक्सर प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते थे, अब लगता है चोरों ने भोपाल में प्रैक्टिकल करा दिया!
[15:50, 09/06/2026] +91 821 856 5001: सतना जिले का धारकुण्डी बना बेल्लारी
रात के अंधेरे में 15 डम्फर और 5 जेसीबी मशीन के जरिये हो रहा अवैध उत्खनन और परिवहन, जिम्मेदारों की भी मिलीभगत, बिजहरी में चल रहा बड़ा खेल।

💥 बड़ी खबर💥
भोपाल के डीबी सिटी स्थित प्रतिष्ठित 5-सितारा होटल ‘कोर्टयार्ड बाय मैरियट’ का फूड लाइसेंस खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा निलंबित कर दिया गया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जब होटल के मुख्य रसोई का औचक निरीक्षण किया, तो वहाँ चूहे दौड़ते हुए पाए गए। इसके साथ ही किचन में भारी गंदगी और स्वच्छता मानकों की घोर अनदेखी मिली।फाइव स्टार श्रेणी के होटल में इस तरह की अस्वच्छता और खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर विभाग ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया।खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने होटल प्रबंधन की इस लापरवाही पर तत्काल प्रभाव से होटल का केंद्रीय फूड लाइसेंस निलंबित कर दिया।

BJP मॉडल लोगों को बीमार बना रहा है
मध्य प्रदेश के गुना में दूषित पानी पीने के चलते करीब दो दर्जन बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई बच्चों में पीलिया और हेपेटाइटिस-A के लक्षण भी मिले हैं।
BJP सरकार में यह लापरवाही तब भी जारी है, जब इंदौर में 30 से ज्यादा लोग दूषित पानी पीने के चलते मौत के मुंह में समा गए। साफ है- BJP के नेता दावे तो बड़े-बड़े करते हैं, लेकिन जमीन पर सारे दावे खोखले साबित हो रहे हैं। सवाल है- क्या ये गंदा पानी खुद मुख्यमंत्री और विधायक पी पाएंगे?

💥 बड़ी खबर💥
राज्यसभा चुनाव: क्रॉस वोटिंग के डर से कर्नाटक शिफ्ट होंगे MP के कांग्रेस विधायक भाजपा की तानाशाही पर्याप्त संख्या न होने के बाद धन बल छल कपट सत्ता का दबाव के जरिए सीट हथियाने की कोशिश
राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के डर से मध्य प्रदेश कांग्रेस के विधायक आज स्पेशल फ्लाइट से कर्नाटक रवाना होंगे। पार्टी आलाकमान ने टूट से बचने और एकजुटता बनाए रखने के लिए सभी विधायकों को बेंगलुरु सुरक्षित भेजने का फैसला किया है।
[15:50, 09/06/2026] +91 821 856 5001: बढ़ता जा रहा मध्यप्रदेश पर कर्ज का बोझ, सरकार फिर लेगी 1800 करोड़ का नया ऋण

मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार एक बार फिर बाजार से बड़ा कर्ज लेने जा रही है। राज्य सरकार मंगलवार को दो किस्तों में कुल 1800 करोड़ रुपये का ऋण उठाएगी। इसके लिए राज्य विकास ऋण जारी करने का नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार सरकार पहली किस्त में 1200 करोड़ रुपये का कर्ज 7.86 प्रतिशत ब्याज दर पर लेगी, जिसकी अवधि 16 वर्ष होगी। इस ऋण का भुगतान वर्ष 2042 तक किया जाएगा। वहीं दूसरी किस्त में 600 करोड़ रुपये का कर्ज 7.90 प्रतिशत ब्याज दर पर लिया जाएगा, जिसकी अवधि 30 वर्ष तय की गई है और इसका भुगतान वर्ष 2056 तक होगा।

सरकार को यह राशि 10 जून को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ई-कुबेर प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्राप्त होगी। वित्त विभाग के अनुसार दोनों ऋणों का भुगतान हर छह माह में किया जाएगा। बताया जा रहा है कि चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से ही सरकार लगातार कर्ज ले रही है। अप्रैल में 4600 करोड़, मई में 1800 करोड़ और अब जून में फिर 1800 करोड़ रुपये का ऋण लिया जा रहा है। इसके बाद चालू वित्त वर्ष में सरकार पर कुल 11 हजार करोड़ रुपये की नई उधारी हो जाएगी। वहीं नए ऋण के बाद मध्यप्रदेश सरकार पर कुल कर्ज बढ़कर लगभग 4.99 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। बजटीय दस्तावेजों के अनुसार 31 मार्च 2026 तक राज्य पर 4.88 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज दर्ज है। सरकार का कहना है कि ऋण से प्राप्त राशि का उपयोग विकास कार्यों, सिंचाई, ऊर्जा, सहकारी संस्थाओं और अन्य पूंजीगत परियोजनाओं में किया जाएगा। हालांकि लगातार बढ़ते कर्ज को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है।
[15:50, 09/06/2026] +91 821 856 5001: नईगढ़ी शराब दुकान का लाइसेंसी 25 पेटी शराब के साथ गिरफ्तार, आबकारी व्यवस्था पर उठे सवाल”

रीवा जिले में शराब तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिस व्यक्ति पर वैध रूप से शराब बिक्री की जिम्मेदारी थी, वही कथित रूप से अवैध परिवहन करते हुए पकड़ा गया। जानकारी के अनुसार नईगढ़ी शराब दुकान का लाइसेंसी सिद्धार्थ सिंह स्कॉर्पियो वाहन में करीब 25 पेटी शराब लेकर परिवहन करते हुए पकड़ा गया है। कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्षों से आबकारी विभाग अवैध शराब तस्करी पर अंकुश लगाने के दावे करता रहा है, लेकिन जब लाइसेंसधारी ठेकेदार ही नियमों को दरकिनार करते हुए पकड़ा जाए तो विभागीय निगरानी और व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि शराब का वैध कारोबारी ही अवैध तरीके से शराब का परिवहन कर रहा था, तो आखिर अब तक निगरानी तंत्र क्या कर रहा था? फिलहाल मामले की जांच जारी है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी का मामला नहीं, बल्कि शराब कारोबार की निगरानी व्यवस्था की पोल खोलने वाला प्रकरण भी साबित हो सकता है।