October 23, 2026

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मथुरा 22 अक्टूबर 26*79 वें निरंकारी संत समागम के लिए ब्रज से रवाना हुए भक्त

मथुरा 22 अक्टूबर 26*79 वें निरंकारी संत समागम के लिए ब्रज से रवाना हुए भक्त

मथुरा 22 अक्टूबर 26*79 वें निरंकारी संत समागम के लिए ब्रज से रवाना हुए भक्त

 

जागृति की ज्योति से ओतप्रोत होगा निरंकारी संत समागम

कु0 सोनम

मथुरा। दिव्य भाव और आध्यात्मिक चेतना को साकार करते हुए, सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी की पावन छत्रछाया में चार दिवसीय 79 वां वार्षिक निरंकारी संत समागम 23 अक्टूबर से हरियाणा के समालखा स्थित संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर आयोजित होने जा रहा है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु इस पावन अवसर पर एकत्र होकर सत्संग, सेवा, प्रेम और भक्ति के इस दिव्य मिलन में सहभागी बनेंगे।

मीडिया सहायक किशोर स्वर्ण ने बताया कि ब्रज से सैंकड़ों भक्त क्रमानुसार पहुंच रहे हैं। गुरूवार को दो बसें मथुरा से समालखा के लिए रवाना हुई, जबकि एक बस बुधवार को सेवादल सदस्यों की पहुंच चुकी है। श्रद्धालुओं की बढ़ती सहभागिता के साथ समागम स्थल की सभी तैयारियाँ पूर्ण हो चुकी है। सेवादार भक्तों की निस्वार्थ सेवा, परिश्रम और समर्पण से सामान्य सा प्रतीत होने वाला मैदान आज एक दिव्य आध्यात्मिक नगरी का स्वरूप धारण कर चुका है। विशाल पंडालों में श्रद्धालुओं के लिए सुव्यवस्थित व्यवस्थाएँ की गई हैं। भोजन, विश्राम के साथ ही, विशाल पंडाल में लाखों भक्तों के लिए समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि परिसर के प्रत्येक कोने में बैठे श्रद्धालु प्रेरणादायक प्रवचनों, भावपूर्ण भजनों एवं आध्यात्मिक विचारों को सहजता से देख-सुन सकें और सत्संग की भावधारा से एकरूप हो सकें।

मथुरा के जोनल इंचार्ज श्री एच के अरोड़ा ने बताया कि यह संत समागम केवल एक वार्षिक आयोजन नहीं, बल्कि ब्रह्मज्ञान, भक्ति, समर्पण और आत्मिक जागृति का पावन संगम है। यहाँ श्रद्धालु अपनी अंतर्चेतना को जागृत करने, परमात्मा से अपने संबंध को अनुभव करने तथा विश्वबंधुत्व, सौहार्द और निस्वार्थ सेवा जैसे मानवीय मूल्यों को जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं। संत समागम की यही भावना मनुष्य को बाहरी उपलब्धियों से आगे बढ़कर अपने भीतर की समृद्धि को पहचानने का अवसर प्रदान करती है। जहाँ ब्रह्मज्ञान से चेतना जागृत हो, प्रेम से हृदय आलोकित हो और सेवा जीवन का संकल्प बन जाए वहीं संत समागम आत्मिक जागृति का ऐसा पावन उत्सव बन जाता है, जो मनुष्य को अपने भीतर झाँकने और परमात्मा से जुड़ने की प्रेरणा देता है।

79 वां वार्षिक निरंकारी संत समागम प्रेम, भक्ति और आत्मिक जागृति की उस पावन धारा से जुड़ने का अवसर है, जो जीवन को भीतर से प्रकाशित करने की प्रेरणा देती है। इस दिव्य आध्यात्मिक मिलन में सभी सज्जन महात्माओं एवं श्रद्धालु भक्तों का सादर स्वागत है।

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