May 1, 2026

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भागलपुर28अप्रैल26*ABVP द्वारा विश्वविद्यालय के कुलपति के नाम कुलसचिवको ज्ञापनसौंपा

भागलपुर28अप्रैल26*ABVP द्वारा विश्वविद्यालय के कुलपति के नाम कुलसचिवको ज्ञापनसौंपा

भागलपुर बिहार से शैलेन्द्र कुमार गुप्ता

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भागलपुर

भागलपुर28अप्रैल26*ABVP द्वारा विश्वविद्यालय के कुलपति के नाम कुलसचिव को ज्ञापनसौंपा

आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), भागलपुर के प्रतिनिधि मंडल द्वारा तिलका माँझी भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति महोदय के नाम, उनके अनुपस्थिति में कुलसचिव को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से विश्वविद्यालय द्वारा इंटर्नशिप के नाम पर ₹500 शुल्क वसूली के निर्णय का कड़ा विरोध दर्ज कराया गया।

ज्ञापन में परिषद ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के दिशा-निर्देशों में कहीं भी इंटर्नशिप के लिए किसी प्रकार के अनिवार्य शुल्क का उल्लेख नहीं है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्र-छात्राओं से ₹500 शुल्क लेने की प्रक्रिया पूर्णतः अनुचित एवं छात्र हितों के विपरीत है।

परिषद ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य छात्रों को लचीला एवं स्वतंत्र शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना है, जिसके अंतर्गत छात्र-छात्राओं को अपनी सुविधा एवं रुचि के अनुसार किसी भी संस्थान से इंटर्नशिप करने की स्वतंत्रता है। ऐसे में विश्वविद्यालय द्वारा शुल्क निर्धारित करना एवं अप्रत्यक्ष रूप से बाध्यता उत्पन्न करना नीति की मूल भावना के खिलाफ है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने निम्नलिखित मांगें रखीं—

1. इंटर्नशिप के नाम पर प्रस्तावित ₹500 शुल्क को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।
2. छात्र-छात्राओं को पूर्ण स्वतंत्रता दी जाए कि वे अपनी सुविधा अनुसार किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से इंटर्नशिप कर सकें।
3. इंटर्नशिप की प्रक्रिया को ऑफलाइन माध्यम से भी सुगम बनाया जाए, ताकि सभी वर्ग के छात्रों को समान अवसर मिल सके।
4. इंटर्नशिप को पूर्णतः निशुल्क एवं पारदर्शी बनाया जाए।

प्रदेश सह मंत्री कुणाल पांडेय ने कहा कि सभी छात्र-छात्राओं को स्वतंत्र किया जाए ताकि वे कहीं से भी इंटर्नशिप कर सकें तथा विश्वविद्यालय द्वारा इंटर्नशिप की प्रक्रिया निशुल्क सुनिश्चित की जाए।

प्रतिनिधि मंडल में जिला संयोजक सूर्य प्रताप, प्रांत सह प्रतियोगी परीक्षा संयोजक अमन राय, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य किशन सोनी, हर्ष मिश्रा एवं राजा यादव शामिल थे।

परिषद ने आशा व्यक्त की कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगा, अन्यथा विद्यार्थी परिषद छात्र हित में लोकतांत्रिक आंदोलन के लिए बाध्य होगी।