November 3, 2026

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प्रयागराज 3 नवम्बर 26* स्वर्ण बोलोगे तो मिलेगा चांटा!

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प्रयागराज 3 नवम्बर 26* स्वर्ण बोलोगे तो मिलेगा चांटा!

केशव प्रसाद मौर्य के कार्यक्रम में UGC पर सवाल पूछने वाले रोहित तिवारी को थप्पड़, पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल

प्रयागराज से बबलू यादव की रिपोर्ट यूपीआजतक 

प्रयागराज *उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एक प्रबुद्ध जनों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। भाषण चल रहा था, सरकार की उपलब्धियां गिनाई जा रही थीं। इसी बीच रोहित तिवारी और कुछ युवाओं ने UGC के नए नियमों और आरक्षण पर भी बोलने की मांग कर दी।

बस फिर क्या था! सवाल उठाने वाले युवाओं को पुलिसकर्मी बाहर ले जाने लगे। इसी दौरान भाजपा पार्षद विनय मिश्रा पर रोहित तिवारी को थप्पड़ मारने का आरोप लगा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद सवाल उठने लगे कि आखिर लोकतंत्र में सवाल पूछने की कीमत थप्पड़ से क्यों चुकानी पड़ रही है?

सवाल इस बात का नहीं कि पुलिस रोहित तिवारी को अपने वाहन में बैठाकर ले गई। सवाल यह है कि थप्पड़ मारने के आरोप का सामना कर रहे व्यक्ति पर क्या कार्रवाई हुई? क्या कानून सबके लिए बराबर है?

यह थप्पड़ सिर्फ एक युवक के सम्मान का मामला नहीं, बल्कि उस हर नागरिक के अधिकार का सवाल है जो सरकार और उसके नेताओं से अपनी नीतियों पर जवाब मांगता है।

UGC के नियमों का विरोध करना हो या समर्थन, यह लोकतांत्रिक बहस का विषय है। किसी को अपनी बात रखने पर अपमानित करना या मारपीट करना उचित नहीं हो सकता।

हैरानी की बात यह है कि केशव प्रसाद मौर्य के सामने यह घटनाक्रम हुआ। क्या उन्हें सार्वजनिक रूप से इस व्यवहार की निंदा नहीं करनी चाहिए थी?

एक तरफ ब्राह्मण और सवर्ण समाज से समर्थन की अपेक्षा की जाती है, दूसरी तरफ समाज से जुड़े सवाल उठाने पर ऐसी घटनाएं सामने आती हैं। आखिर यह कैसा राजनीतिक व्यवहार है?

योगी सरकार में हुई इस घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं। सत्ता में बैठे लोगों को समझना होगा कि जनता केवल भाषण सुनने नहीं आती, वह अपने मुद्दों पर जवाब भी चाहती है।

याद रखिए, लोकतंत्र में सवाल पूछने वाले को थप्पड़ नहीं, जवाब मिलना चाहिए।

आज रोहित तिवारी के साथ जो हुआ, उस पर निष्पक्ष कार्रवाई और सार्वजनिक जवाबदेही जरूरी है। स्वाभिमान किसी जाति का नहीं, हर नागरिक का अधिकार है।

समग्र प्रदेश समाचार का सवाल है—क्या अब सरकार से अपने समाज और अधिकारों की बात करना भी गुनाह हो गया है?

Taza Khabar