August 19, 2026

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पूर्णिया बिहार 18 अगस्त 26 *पूर्णिया से 87 मुखिया हुए रवाना, बनारस में सीखेंगे "बेहतर पंचायत" का पाठ*

पूर्णिया बिहार 18 अगस्त 26 *पूर्णिया से 87 मुखिया हुए रवाना, बनारस में सीखेंगे “बेहतर पंचायत” का पाठ*

पूर्णिया बिहार 18 अगस्त 26 *पूर्णिया से 87 मुखिया हुए रवाना, बनारस में सीखेंगे “बेहतर पंचायत” का पाठ*

मोहम्मद इरफान कामिल यूपी आजतक न्यूज़ चैनल पूर्णिया डीवीजन बिहार

*DM अंशुल कुमार ने दिखाई हरी झंडी, बोले – “जो सीखें उसे अपने गांव में उतारें*

पूर्णिया बिहार ! गांव को आत्मनिर्भर और पंचायत को मजबूत बनाने की दिशा में पूर्णिया ने एक और बड़ा कदम बढ़ाया। *राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान RGSY* के तहत सोमवार को जिला पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार, भा.प्र.से ने समाहरणालय परिसर से 87 मुखियाओं के दल* को *बनारस एक्सपोजर विजिट* के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस मौके पर *वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन, भा.पु.से.* सहित पंचायती राज विभाग के कई अधिकारी भी मौजूद रहे।

*दूसरे राज्यों की सफलता से सीखकर गांव बदलेगा चेहरा*

पंचायती राज विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस एक्सपोजर विजिट का मकसद है कि पंचायत प्रतिनिधि देश के दूसरे हिस्सों में पंचायत स्तर पर हो रहे नवाचारों, स्वच्छता अभियानों और जनभागीदारी वाले मॉडलों को अपनी आंखों से देखें।
इस दल में सिर्फ पूर्णिया के ही नहीं, बल्कि *किशनगंज और मधेपुरा* जिले के मुखिया भी शामिल हैं। तीनों जिलों के प्रतिनिधि मिलकर बनारस और आसपास के क्षेत्रों की सफल पंचायतों का दौरा करेंगे।
भ्रमण के दौरान मुखियाओं को वहां की पंचायतों में योजनाओं के क्रियान्वयन, कचरा प्रबंधन, डिजिटल पंचायत, सामुदायिक भागीदारी और सीमित संसाधनों से बड़े बदलाव की कहानियां दिखाई जाएंगी।

*DM बोले – नकल नहीं, सीख लेकर बदलाव लाएं*
दल को रवाना करते हुए जिला पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार ने कहा कि पंचायत ही ग्रामीण विकास की रीढ़ है। जब तक मुखिया और पंचायत प्रतिनिधि नए आइडिया नहीं सीखेंगे, तब तक गांव की तस्वीर नहीं बदलेगी।
उन्होंने मुखियाओं से कहा कि यह दौरा सिर्फ घूमने के लिए नहीं है। वहां जाकर यह समझें कि आखिर एक योजना सफल कैसे होती है। उसके पीछे जनभागीदारी, पारदर्शिता और मेहनत कितनी लगी है। जो अच्छा लगे उसे अपने पंचायत में उसी रूप में लागू करने का प्रयास करें।
DM ने जोर देकर कहा कि सरकार का लक्ष्य पंचायतों को ज्यादा सशक्त, जवाबदेह और जनता के प्रति संवेदनशील बनाना है। इसी सोच के साथ RGSY के तहत इस तरह के एक्सपोजर लगातार कराए जाएंगे।

*अनुभव बनेगा पंचायतों की तरक्की की सीढ़ी*

अधिकारियों के अनुसार इस विजिट से लौटने के बाद मुखिया अपने-अपने पंचायतों में देखे गए अच्छे कार्यों को लागू करेंगे। इससे ग्रामीण विकास की योजनाओं में तेजी आएगी और आम लोगों को योजनाओं का लाभ सीधे मिलेगा।
रवाना होने से पहले मुखियाओं में भी खासा उत्साह देखा गया। उनका कहना था कि बनारस की सफल पंचायतों से जो सीख मिलेगी, उसे वे अपने गांव की तरक्की में इस्तेमाल करेंगे।

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