नई दिल्ली29मार्च25*मैं किसी मजहब का सम्मान करने के लिए अपनी आस्था और संस्कार को नहीं भूल सकता।*
१. मैंने जब इफ्तार पार्टी का आयोजन किया तो मैं उसमें तिलक लगाकर गया।
२. मेरा धर्म मुझे तिलक लगाना और सबका सम्मान करना सिखाता है।
३. किसी का मजहब अगर उसे सड़क पर नमाज पढ़ना ही सिखाता है तो वो सड़क पर नमाज पढ़ता रहे।
*इतने दिन से सड़क पर नमाज पढ़ रहे हैं, क्या हो गया।*
: चिराग पासवान, केंद्रीय मंत्री

More Stories
कोलकाता10मई26*आरजी कर मेडिकल कॉलेज में भावुक पल: बेटी को खो चुकी मां
वाराणसी 10मई26*मातृ दिवस पर काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में महिलाओं का सम्मान,
नैनीताल 10मई26*प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था और बढ़ते महिला अपराध में भाजपा का बड़ा योगदान-कांग्रेस नेता