*नई दिल्ली20मई25*धार्मिक कथा के अनुसार हनुमान जी भगवान शिव का 11वां रुद्र अवतार है।*
उनके जन्म को लेकर कहा जाता है कि, जब विष्णु जी ने धर्म की स्थापना के लिए इस धरती पर प्रभु श्री राम के रूप में जन्म लिया,
तब भगवान शिव ने उनकी मदद के लिए हनुमान जी के रूप में अवतार लिया था। दूसरी ओर राजा केसरी अपनी पत्नी अंजना के साथ तपस्या कर रहे थे। इस तपस्या का दृश्य देख भगवान शिव प्रसन्न हो उठें और उन दोनों से मनचाहा वर मांगने को कहा।
शिव जी की बात से माता अंजना खुश हो गई और उनसे कहा कि मुझे एक ऐसा पुत्र प्राप्त हो, जो बल में रुद्र की तरह बलि, गति में वायु की गतिमान और बुद्धि में गणपति के समान तेजस्वी हो।
माता अंजना की ये बात सुनकर शिव जी ने अपनी रौद्र शक्ति के अंश को पवन देव के रूप में यज्ञ कुंड में अर्पित कर दिया। बाद में यही शक्ति माता अंजना के गर्भ में प्रविष्ट हुई। फिर हनुमान जी का जन्म हुआ था।

More Stories
बाँदा5मई26*प्रदेश सरकार के मंत्री आज शिक्षामित्र सम्मान समारोह में शिरकत की।
उत्तराखंड देहरादून 5मई26**केदार मंडल की मासिक बैठक का आयोजन किया,
लखनऊ5मयई26*ईमानदारी की मिसाल बने समाजसेवी सूरज तिवारी, महिला का खोया पर्स लौटाकर पेश की मानवता……