May 12, 2026

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गाजियाबाद12मई26*यूपीआजतक न्यूज चैनल पर गाजियाबाद की कुछ महत्वपूर्ण खबरें

गाजियाबाद12मई26*यूपीआजतक न्यूज चैनल पर गाजियाबाद की कुछ महत्वपूर्ण खबरें

गाजियाबाद12मई26*यूपीआजतक न्यूज चैनल पर गाजियाबाद की कुछ महत्वपूर्ण खबरें

 

[12/05, 07:32] Arun Chandra Bayana: *खास खबर :- हाईराइज सोसायटियों के फ्लैटों में रोजाना जन्म ले रहे दो बच्चे, दाई करा रहीं डिलीवरी, ऐसे हुआ खुलासा…..*

*हाईराइज सोसायटियों में रोजाना दो बच्चों का जन्म फ्लैटों में हो रहा है। नगर निगम के आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के 100 फीसदी अस्पताल प्रसव के दावे के विपरीत…..*

कविनगर, सिटी और विजयनगर क्षेत्र की हाईराइज सोसायटियों में रोजाना दो बच्चों का जन्म फ्लैट में हो रहा है। इसकी पुष्टि नगर निगम में जन्म प्रमाणपत्र के लिए आ रहे आवेदन कर रहे हैं। नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच इन तीनों जोन की हाईराइज सोसायटियों से 732 ऐसे आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें शिशु का जन्म घर पर होना दर्शाया गया है। खास बात यह है कि स्कूलों में दाखिले के समय, यानी फरवरी-मार्च में जन्म प्रमाणपत्र के लिए आवेदनों की संख्या 25 से 30 फीसदी तक बढ़ जाती है। इस वर्ष फरवरी-मार्च के दौरान कविनगर जोन से 1306, विजयनगर से 557 और सिटी जोन से 660 जन्म प्रमाणपत्र जारी किए गए।

इनमें से 1893 बच्चों का जन्म अस्पतालों में हुआ, जिनकी सूचना सीधे अस्पतालों से जोनल कार्यालयों को प्राप्त हुई। वहीं, 630 मामलों में प्रसव घर पर हुआ, जिनमें 123 बच्चे हाईराइज सोसायटियों के फ्लैटों में जन्मे। इस प्रकार तीनों जोन में लगभग हर चौथा बच्चा घर में जन्म ले रहा है।

कविनगर जोनल कार्यालय के प्रभारी राजेश गुप्ता ने बताया कि फरवरी-मार्च को छोड़कर अन्य महीनों में हर महीने 150 से 170 आवेदन घर पर प्रसव के आते हैं। उन्होंने कहा कि अभिभावक शपथपत्र में स्पष्ट रूप से फ्लैट में जन्म होने की जानकारी देते हैं।

दावों पर उठे सवाल
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जिले में 100 फीसदी प्रसव सरकारी या निजी अस्पतालों में हो रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, गर्भवती महिलाओं की देखभाल से लेकर प्रसव तक की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं की होती है और इसके लिए उन्हें प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। हालांकि, नगर निगम के आंकड़े इस दावे से अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं।

21 दिन बाद लंबी प्रक्रिया
जोनल प्रभारी राजेश गुप्ता के अनुसार, अस्पताल से सीधे सूचना मिलने पर जन्म प्रमाणपत्र तुरंत जारी कर दिया जाता है। लेकिन जन्म के 21 दिन के भीतर सूचना न देने पर अभिभावकों को मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन और शपथपत्र दाखिल करना पड़ता है। इसके साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि का लेटरहेड भी संलग्न करना होता है, जो घर पर जन्म की पुष्टि करता है। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।

यह कहते हैं जानकार
नगर निगम के पूर्व सहायक सुभाष शर्मा के अनुसार, घर में जन्म का शपथपत्र देकर प्रमाणपत्र बनवाने वाले अधिकांश अभिभावक वे होते हैं, जिन्होंने 21 दिन के भीतर आवेदन नहीं किया होता। इसके अलावा, प्रमाणपत्र में त्रुटि या गैर-पंजीकृत अस्पताल में प्रसव होने की स्थिति में भी लोग इस प्रक्रिया का सहारा लेते हैं, क्योंकि संशोधन की प्रक्रिया जटिल है।

कराई जाएगी जांच
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अमित विक्रम ने कहा कि गर्भवती महिलाओं की देखभाल और प्रसव सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं और संबंधित स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों की है। यदि किसी क्षेत्र में घर पर प्रसव हुए हैं, तो यह जांच का विषय है कि संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हो सकी।
[12/05, 07:32] Arun Chandra Bayana: *गर्मी बढ़ते ही रोडवेज यात्री घटे, कौशांबी डिपो पर दिखा असर……*

साहिबाबाद। जिले में लगातार बढ़ रही गर्मी का असर अब रोडवेज निगम पर दिखने लगा है। गर्मी बढ़ते ही यात्रियों की संख्या कम होने लगी है। अब यात्री जरूरी काम के लिए ही घर से निकल रहे हैं। दोपहर में बस अड्डों और बसों में पहले के मुकाबले काफी कम भीड़ दिखाई दे रही है। खासतौर पर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बसों की सीट खाली रहती हैं। अप्रैल में मार्च माह की अपेक्षा करीब 40 हजार यात्रियों के आवागमन में कमी आई है।

यात्री रामलाल का कहना है कि तेज धूप के कारण लंबा सफर करना मुश्किल हो रहा है और लोग, यात्रा टाल रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि बस अड्डों पर गर्मी से राहत के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। कई जगहों पर ठंडे पानी और बैठने की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं है। साथ ही पंखे भी नहीं चलते हैं। ऐसे में लोगों को इंतजार करने में परेशानी हो रही है। इसलिए पहले की अपेक्षा डिपो और बस स्टैंड पर यात्रियों की संख्या काफी कम हो गई है। रोडवेज के अनुसार सामान्य दिनों में जिन रूटों पर बसें फुल चलती थीं, वहां भी अब यात्रियों की संख्या कम हो गई है। लखनऊ, बरेली, मेरठ और आसपास के रूटों पर इसका सीधा असर अधिक देखा जा रहा है। मार्च महीने में 31,33101 यात्रियों ने सफर किया। जबकि अप्रैल में यात्रियों की संख्या 30,93,303 यात्रियों ने ही रोडवेज बस से सफर किया। एक महीने में करीब 40 हजार कम लोगों ने यात्रा की है। मार्च की तुलना में अप्रैल महीने में 39798 यात्रियों की संख्या में कमी आई।

सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक अंशुल भटनागर का कहना है कि मौसम में बदलाव के कारण यात्रियों की संख्या में करीब 40 हजार यात्रियों की कमी आई है। हालांकि वीकेंड पर यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है।
[12/05, 07:32] Arun Chandra Bayana: *50 दिन बाद भी महिला की हत्या का खुलासा नहीं……*

गाजियाबाद। मधुबन-बापूधाम क्षेत्र स्थित सूखे नाले में महिला का शव मिलने के 50 दिन बाद भी पुलिस मामले को सुलझा नहीं पाई है। शव महिला की हत्या करके फेंका गया था। हत्यारोपी को पकड़ना तो दूर पुलिस महिला की शिनाख्त तक नहीं कर पाई है।

मधुबन-बापूधाम थाना क्षेत्र स्थित मैनापुर में जीडीए की अविकसित कॉलोनी में प्लॉट की बिक्री की जा रही है। इन्हीं प्लॉट के सामने स्थित नाले में लोगों ने 21 अप्रैल की सुबह एक महिला का शव पड़ा देखा। उसकी गर्दन पर धारदार हथियार के साथ ही शरीर पर चोट के कई निशान मिले थे। उम्र करीब 25 वर्ष आंकी गई थी और गले में मंगलसूत्र व पैरों में बिछुए मिले थे। कपड़े अस्त-व्यस्त थे।

वर्तमान में मधुबन बापूधाम थाने का कार्यभार वर्ष 2023 बैच की आईपीएस डॉ. दीप्ती एस. चौहान के पास है। एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य ने बताया कि घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। ऐसे में दिल्ली रोड, मैनापुर, रेलवे क्रॉसिंग, बापूधाम के पेट्रोल पंप के सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं। बाहरी जनपदों के थानों में महिला का फोटो और शिनाख्त करने की अपील के पोस्टर लगाए गए हैं। जल्द ही महिला की शिनाख्त कर हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
[12/05, 07:32] Arun Chandra Bayana: *चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास में गिरा युवक गंभीर रूप से जख्मी……*

गाजियाबाद। चलती ट्रेन में बैग खींचने के दौरान बिहार जा रहे यात्री सौरभ (23) नीचे गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गए। माल गोदाम में काम करने वाले युवक की नजर पड़ने पर उसने आरपीएफ को मामले की जानकारी दी और युवक को पटरी से उठाकर किनारे किया। जानकारी के बाद पहुंची आरपीएफ की टीम ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया।

सोमवार को पंजाब चंपारण एक्सप्रेस ट्रेन से बिहार जा रहा युवक चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास में गिर गया। जिससे उसे गंभीर चोट आई है। सौरभ ने बताया कि गिरने के करीब 20 मिनट बाद माल गोदाम में काम कर रहे एक युवक की नजर उस पर पड़ी। उसने आरपीएफ को कॉल किया और पटरी से उठाया। गनीमत रही कि उस दौरान कोई ट्रेन नहीं आई। सौरभ आनंद विहार स्टेशन से बिहार के मोतिहारी अपने घर जा रहा था। सूचना पर आरपीएफ मौके पर पहुंची और घायल को जिला एमएमजी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि मरीज को गंभीर हालत में लाया गया था। जांच में पता चला है कि कमर और हाथ में गंभीर चोट है और शरीर पर कई जगह चोट लगी है। मरीज का उपचार चल रहा है और उसके परिवार को भी सूचना दे दी गई है।

आरपीएफ इंस्पेक्टर चेतन प्रकाश ने बताया कि घायल युवक ने बताया कि वह चलती ट्रेन में विपरीत दिशा से ट्रेन में चढ़ने का प्रयास कर रहा था। इस दौरान उसका बैग फंस गया जिससे वह गिर गया।
[12/05, 07:32] Arun Chandra Bayana: *केवाईसी और नंबर अपडेट न होने से सवा दो लाख उपभोक्ता नहीं ले पा रहे सिलिंडर……*

गाजियाबाद। केवाईसी (नो योर कस्टमर) और मोबाइल नंबर अपडेट न होने की वजह से जिले के सवा दो लाख उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनकी समस्या का समाधान न तो आपूर्ति विभाग और न ही एजेंंसी के स्तर पर हो पा रहा है।

जिले में 12 लाख से अधिक एलपीजी उपभोक्ता हैं। इसमें सवा दो लाख उपभोक्ताओं की केवाईसी और मोबाइल नंबर अपडेट नहीं हैं। एजेंसियों पर नंबर अपडेट और केवाईसी कराने के लिए कतारें लग रही हैं। एजेंसियों के सामने सर्वर धीमी गति से काम करने की समस्या आ रही है। इसी वजह से इन उपभोक्ताओं को सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। सुल्तानपुर गैस एजेंसी के संचालक अमित चौधरी ने बताया कि तुरंत नंबर बदलने की प्रक्रिया अब बंद कर दी गई है। ऐसे में वे उपभोक्ता जिनका नंबर खो गया है या बंद हो गया है तो उनको नंबर अपडेट कराने के लिए तीन माह का इंतजार करना होगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद नंबर तीन माह में अपडेट होगा। इसके बाद ही वह सिलिंडर के लिए बुक कर सकते हैं।

इतना ही नहीं, केवाईसी की प्रक्रिया भी बायोमीट्रिक कर दी गई है। ऐसे में इन उपभोक्ताओं के लिए अब ओटीपी भेजकर केवाईसी कराने की प्रक्रिया बंद हो गई है। इन उपभोक्ताओं को एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उधर, ऐसे उपभोक्ता जो ड्यूटी और अन्य जरूरी कार्यों से बाहर हैं, उनको भी केवाईसी कराने के लिए एजेेंसी पर जाना होगा। हालांकि, कंपनियों का दावा है कि उपभोक्ता स्वयं भी कर सकते हैं लेकिन इसकी प्रक्रिया जटिल होने के कारण उनको एजेंसियों का ही रूख करना पड़ता है।

इस बारे में जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने बताया कि नंबर अपडेट और केवाईसी के लिए जो भी उपभोक्ता कार्यालय आ रहे हैं, उनको एजेंसी पर भेजकर औपचारिकता को पूरा कराया जा रहा है। इस वक्त ऐसे लोग भी केवाईसी या नंबर अपडेट कराने के लिए आ रहे हैं, जिन्होंने लंबे समय से गैस नहीं ली है। 90 दिन में नंबर अपडेट करने का नियम कंपनियाें का है।
[12/05, 07:32] Arun Chandra Bayana: *चोरी के वाहन मिलने पर स्क्रैप सेंटर का लाइसेंस रद्द करने की संस्तुति…….*

गाजियाबाद। मेरठ रोड स्थित मोरटा औद्योगिक क्षेत्र के एक स्क्रैप सेंटर से चोरी के तीन वाहन बरामद होने के बाद संभागीय परिवहन विभाग ने उसके लाइसेंस को रद्द करने के लिए शासन को पत्र भेजा है। पत्र में स्क्रैप सेंटर में अनियमित और अनैतिक गतिविधियां पाए जाने का उल्लेख किया गया है। कार्रवाई के लिए पुलिस रिपोर्ट को आधार बनाया गया है।

आरटीओ प्रशासन प्रमोद सिंह ने बताया कि हाल में पुलिस ने शासन से मान्यता प्राप्त मोरटा स्थित स्क्रैप सेंटर में नवंबर 2025 में छापेमारी के दौरान चोरी के वाहन बरामद किए थे। जांच में अन्य गड़बड़ियां भी सामने आई थीं। इसके बाद परिवहन विभाग ने स्क्रैप सेंटर के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करते हुए शासन को लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति भेज दी।

शहर में शासन से दो अधिकृत स्क्रैप सेंटर संचालित किए जा रहे हैं, जहां मियाद पूरी कर चुके वाहनों के निस्तारण की व्यवस्था है। मोरटा स्क्रैप सेंटर का मामला सामने आने के बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।

*आयु पूरी कर चुके 3.45 लाख वाहन अब भी सड़कों पर…*

शहर में करीब 3.45 लाख ऐसे वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिनकी आयु पूरी हो चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक, दो में से एक स्क्रैप सेंटर बंद होने की स्थिति में इन वाहनों के निस्तारण में दिक्कत आ सकती है। हालांकि, विभाग का कहना है कि दूसरे अधिकृत स्क्रैप सेंटर के माध्यम से वाहनों के निस्तारण की व्यवस्था जारी रखी जाएगी। पेट्रोल वाहनों की आयु 15 और डीजल वाहनों की आयु 10 वर्ष निर्धारित है।
[12/05, 07:32] Arun Chandra Bayana: *गाजियाबाद फोन कॉल न उठाने वाले अफसर-कर्मचारियों पर शिकंजा कसेगा।*

नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने इसको लेकर अधीनस्थाें के साथ बैठक की और कड़ाई से इसका पालन सुनिश्चित कराने के आदेश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि जनप्रतिनिधियों से लेकर आम जनता की यह शिकायत रहती है कि निगम के अफसर और कर्मचारी फोन नहीं उठाते। इसलिए उनको मजबूरी में कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसमें उनको समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। मजबूरी में उच्चाधिकारियों के पास जाना पड़ता है।

नगर आयुक्त ने बताया कि सभी विभागों के अफसर और कर्मचारियों को स्पष्ट तौर पर कॉल उठाने और कॉल न उठने की दशा में वापस कॉल करने के आदेश जारी किए गए हैं। आगे यदि इसमें किसी प्रकार की शिकायत आती है तो कार्रवाई तय है। उन्होंने आईजीआरएस, सोशल मीडिया और सीयूजी नंबरों पर आने वाली शिकायतों की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली। शिकायतों के गुणवत्तापरक निस्तारण के आदेश दिए।

नगर आयुक्त ने किया विकास कार्यों का निरीक्षण
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने सोमवार को मोहननगर, सिटी और कविनगर जोन के विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हिंडन एयरफोर्स स्टेशन से लेकर नागद्वार, मोहननगर चौराहा, एलिवेटड रोड, फुटपाथ आदि स्थानों पर जाकर कार्यों की गुणवत्ता जांची। मौके पर मिली खामियों को लेकर नाराजगी प्रकट की। उन्होंने सड़कों से धूल हटाने और कार्य में गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर दिया। इस मौके पर मुख्य अभियंता एनके चौधरी समेत अन्य अफसर मौजूद रहे।
[12/05, 07:32] Arun Chandra Bayana: *एलपीजी के सरेंडर करने पर ही मिलेगा पीएनजी का नया कनेक्शन, इस जिले में इन लोगों को भेजा जाएगा नोटिस….*

गाजियाबाद
अब नया पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना अनिवार्य होगा। बीते डेढ़ माह में पीएनजी कनेक्शन लेने वालों को भी एलपीजी कनेक्शन छोड़ना होगा। ऐसा न करने पर नोटिस देकर कनेक्शन रद्द किया जाएगा।

एलपीजी के साथ पीएनजी का नया कनेक्शन लेना अब आसान नहीं है। जिले में पीएनजी का नया कनेक्शन तभी मिलेगा, जब एलपीजी कनेक्शन को सरेंडर किया जाएगा। इसके साथ ही बीते डेढ़ माह में जिन उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं, उनको एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। इसके लिए उनको नोटिस दिया जाएगा। इस संबंध में पूर्ति विभाग की ओर से पीएनजी के अधिकारियों के साथ बैठक की गई है।

जिले में पीएनजी के 2.65 लाख और एलपीजी के करीब 11 लाख उपभोक्ता हैं। इस्राइल-ईरान के बीच युद्ध की स्थिति के बाद एलपीजी का संकट बढ़ा तो लोगों ने पीएनजी का रूख किया। मार्च के अंतिम सप्ताह से लेकर अब तक करीब 15 हजार पीएनजी के उपभोक्ता बढ़ गए हैं। इनमें अधिकांश ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनके पास एलपीजी कनेक्शन हैं। शासन के आदेश के बावजूद भी पूर्ति विभाग इन उपभोक्ताओं से एलपीजी कनेक्शन को सरेंडर नहीं करा पाया।

इतना ही नहीं, विभाग ने इसकी कोई सूची भी नहीं बनाई। अब विभाग की ओर से ऐसे उपभोक्ताओं की सूची तैयार करने की कार्ययोजना तैयार की गई है। इन उपभोक्ताओं से संपर्क कर एक कनेक्शन को सरेंडर करने को कहा जाएगा। यदि इन लोगों ने संपर्क करने के बावजूद सरेंडर नहीं किया तो इनका एक कनेक्शन नोटिस देकर कैंसिल किया जाएगा।

जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने बताया कि आईजीएल कंपनी के अधिकारियों से बैठक हो चुकी है। इसमें तय किया गया है कि उपभोक्ता केवल एक कनेक्शन की चला सकता है। आगे जिस भी उपभोक्ता को नया पीएनजी कनेक्शन दिया जाएगा, कंपनी की ओर से देखा जाएगा कि वह उपभोक्ता पहले से तो एलपीजी नहीं चला चला रहा है। यदि वह एलपीजी चला रहा है तो उसको वह कनेक्शन सरेंडर करना होगा। उसके बाद ही उसके नाम पीएनजी कनेक्शन जारी होगा।
[12/05, 10:06] +91 81888 99938: मुरादाबाद:मौसम ने अचानक बदला अपना मिजाज,आसमान में छाए काले बादल और शुरू हुई मूसलाधार बारिश,धूल भरी तेज हवाओं के साथ झमाझम बरसे बदरा,पिछले कई दिनों से रिकॉर्ड तोड़ गर्मी झेल रहे थे शहरवासी,बढ़ते हुए पारे और उमस से लोगों को मिली बड़ी राहत,यातायात की रफ्तार हुई धीमी।जहां आम जनमानस खुश है,वहीं किसानों के चेहरे पर चिंता।खेतों में खड़ी फसलों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है यह बारिश।